105. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

105. पृष्ठ
4 · अन-निसा
يَٓا اَهْلَ الْكِتَابِ لَا تَغْلُوا ف۪ي د۪ينِكُمْ وَلَا تَقُولُوا عَلَى اللّٰهِ اِلَّا الْحَقَّۜ اِنَّمَا الْمَس۪يحُ ع۪يسَى ابْنُ مَرْيَمَ رَسُولُ اللّٰهِ وَكَلِمَتُهُۚ اَلْقٰيهَٓا اِلٰى مَرْيَمَ وَرُوحٌ مِنْهُۘ فَاٰمِنُوا بِاللّٰهِ وَرُسُلِه۪ۚ وَلَا تَقُولُوا ثَلٰثَةٌۜ اِنْتَهُوا خَيْرًا لَكُمْۜ اِنَّمَا اللّٰهُ اِلٰهٌ وَاحِدٌۜ سُبْحَانَهُٓ اَنْ يَكُونَ لَهُ وَلَدٌۢ لَهُ مَا فِي السَّمٰوَاتِ وَمَا فِي الْاَرْضِۜ وَكَفٰى بِاللّٰهِ وَك۪يلًا۟171
ऐ किताबवालों! अपने धर्म में हद से आगे न बढ़ो और अल्लाह से जोड़कर सत्य के अतिरिक्त कोई बात न कहो। मरयम का बेटा मसीह-ईसा इसके अतिरिक्त कुछ नहीं कि अल्लाह का रसूल है और उसका एक 'कलिमा' है, जिसे उसने मरमय की ओर भेजा था। और उसकी ओर से एक रूह है। तो तुम अल्लाह पर और उसके रसूलों पर ईमान लाओ और "तीन" न कहो - बाज़ आ जाओ! यह तुम्हारे लिए अच्छा है - अल्लाह तो केवल अकेला पूज्य है। यह उसकी महानता के प्रतिकूल है कि उसका कोई बेटा हो। आकाशों और धरती में जो कुछ है, उसी का है। और अल्लाह कार्यसाधक की हैसियत से काफ़ी है
لَنْ يَسْتَنْكِفَ الْمَس۪يحُ اَنْ يَكُونَ عَبْدًا لِلّٰهِ وَلَا الْمَلٰٓئِكَةُ الْمُقَرَّبُونَۜ وَمَنْ يَسْتَنْكِفْ عَنْ عِبَادَتِه۪ وَيَسْتَكْبِرْ فَسَيَحْشُرُهُمْ اِلَيْهِ جَم۪يعًا172
मसीह ने कदापि अपने लिए बुरा नहीं समझा कि वह अल्लाह का बन्दा हो और न निकटवर्ती फ़रिश्तों ने ही (इसे बुरा समझा) । और जो कोई अल्लाह की बन्दगी को अपने लिए बुरा समझेगा और घमंड करेगा, तो वह (अल्लाह) उन सभी लोगों को अपने पास इकट्ठा करके रहेगा
فَاَمَّا الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَيُوَفّ۪يهِمْ اُجُورَهُمْ وَيَز۪يدُهُمْ مِنْ فَضْلِه۪ۚ وَاَمَّا الَّذ۪ينَ اسْتَنْكَفُوا وَاسْتَكْبَرُوا فَيُعَذِّبُهُمْ عَذَابًا اَل۪يمًاۙ وَلَا يَجِدُونَ لَهُمْ مِنْ دُونِ اللّٰهِ وَلِيًّا وَلَا نَص۪يرًا173
अतः जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, जो अल्लाह उन्हें उनका पूरा-पूरा बदला देगा और अपने उदार अनुग्रह से उन्हें और अधिक प्रदान करेगा। और जिन लोगों ने बन्दगी को बुरा समझा और घमंड किया, तो उन्हें वह दुखद यातना देगा। और वे अल्लाह से बच सकने के लिए न अपना कोई निकट का समर्थक पाएँगे और न ही कोई सहायक
يَٓا اَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَٓاءَكُمْ بُرْهَانٌ مِنْ رَبِّكُمْ وَاَنْزَلْنَٓا اِلَيْكُمْ نُورًا مُب۪ينًا174
ऐ लोगों! तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से खुला प्रमाण आ चुका है और हमने तुम्हारी ओर एक स्पष्ट प्रकाश उतारा है
فَاَمَّا الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا بِاللّٰهِ وَاعْتَصَمُوا بِه۪ فَسَيُدْخِلُهُمْ ف۪ي رَحْمَةٍ مِنْهُ وَفَضْلٍۙ وَيَهْد۪يهِمْ اِلَيْهِ صِرَاطًا مُسْتَق۪يمًاۜ175
तो रहे वे लोग जो अल्लाह पर ईमान लाए और उसे मज़बूती के साथ पकड़े रहे, उन्हें तो शीघ्र ही अपनी दयालुता और अपने उदार अनुग्रह के क्षेत्र में दाख़िल करेगा और उन्हें अपनी ओर का सीधा मार्ग दिया देगा