108. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

108. पृष्ठ
5 · अल-माइदा
يَٓا اَيُّهَا الَّذ۪ينَ اٰمَنُٓوا اِذَا قُمْتُمْ اِلَى الصَّلٰوةِ فَاغْسِلُوا وُجُوهَكُمْ وَاَيْدِيَكُمْ اِلَى الْمَرَافِقِ وَامْسَحُوا بِرُؤُ۫سِكُمْ وَاَرْجُلَكُمْ اِلَى الْكَعْبَيْنِۜ وَاِنْ كُنْتُمْ جُنُبًا فَاطَّهَّرُواۜ وَاِنْ كُنْتُمْ مَرْضٰٓى اَوْ عَلٰى سَفَرٍ اَوْ جَٓاءَ اَحَدٌ مِنْكُمْ مِنَ الْغَٓائِطِ اَوْ لٰمَسْتُمُ النِّسَٓاءَ فَلَمْ تَجِدُوا مَٓاءً فَتَيَمَّمُوا صَع۪يدًا طَيِّبًا فَامْسَحُوا بِوُجُوهِكُمْ وَاَيْد۪يكُمْ مِنْهُۜ مَا يُر۪يدُ اللّٰهُ لِيَجْعَلَ عَلَيْكُمْ مِنْ حَرَجٍ وَلٰكِنْ يُر۪يدُ لِيُطَهِّرَكُمْ وَلِيُتِمَّ نِعْمَتَهُ عَلَيْكُمْ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ6
ऐ ईमान लेनेवालो! जब तुम नमाज़ के लिए उठो तो अपने चहरों को और हाथों को कुहनियों तक धो लिया करो और अपने सिरों पर हाथ फेर लो और अपने पैरों को भी टखनों तक धो लो। और यदि नापाक हो तो अच्छी तरह पाक हो जाओ। परन्तु यदि बीमार हो या सफ़र में हो या तुममें से कोई शौच करके आया हो या तुमने स्त्रियों को हाथ लगया हो, फिर पानी न मिले तो पाक मिट्टी से काम लो। उसपर हाथ मारकर अपने मुँह और हाथों पर फेर लो। अल्लाह तुम्हें किसी तंगी में नहीं डालना चाहता। अपितु वह चाहता हैं कि तुम्हें पवित्र करे और अपनी नेमत तुमपर पूरी कर दे, ताकि तुम कृतज्ञ बनो
وَاذْكُرُوا نِعْمَةَ اللّٰهِ عَلَيْكُمْ وَم۪يثَاقَهُ الَّذ۪ي وَاثَقَكُمْ بِه۪ٓۙ اِذْ قُلْتُمْ سَمِعْنَا وَاَطَعْنَاۘ وَاتَّقُوا اللّٰهَۜ اِنَّ اللّٰهَ عَل۪يمٌ بِذَاتِ الصُّدُورِ7
और अल्लाह के उस अनुग्रह को याद करो जो उसने तुमपर किया हैं और उस प्रतिज्ञा को भी जो उसने तुमसे की है, जबकि तुमने कहा था - "हमने सुना और माना।" अल्लाह जो कुछ सीनों (दिलों) में है, उसे भी जानता हैं
يَٓا اَيُّهَا الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا كُونُوا قَوَّام۪ينَ لِلّٰهِ شُهَدَٓاءَ بِالْقِسْطِۘ وَلَا يَجْرِمَنَّكُمْ شَنَاٰنُ قَوْمٍ عَلٰٓى اَلَّا تَعْدِلُواۜ اِعْدِلُوا۠ هُوَ اَقْرَبُ لِلتَّقْوٰىۘ وَاتَّقُوا اللّٰهَۜ اِنَّ اللّٰهَ خَب۪يرٌ بِمَا تَعْمَلُونَ8
ऐ ईमान लेनेवालो! अल्लाह के लिए खूब उठनेवाले, इनसाफ़ की निगरानी करनेवाले बनो और ऐसा न हो कि किसी गिरोह की शत्रुता तुम्हें इस बात पर उभार दे कि तुम इनसाफ़ करना छोड़ दो। इनसाफ़ करो, यही धर्मपरायणता से अधिक निकट है। अल्लाह का डर रखो, निश्चय ही जो कुछ तुम करते हो, अल्लाह को उसकी ख़बर हैं
وَعَدَ اللّٰهُ الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِۙ لَهُمْ مَغْفِرَةٌ وَاَجْرٌ عَظ۪يمٌ9
जो लोग ईमान लाए और उन्होंन अच्छे कर्म किए उनसे अल्लाह का वादा है कि उनके लिए क्षमा और बड़ा प्रतिदान है