120. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
5 · अल-माइदा
وَحَسِبُٓوا اَلَّا تَكُونَ فِتْنَةٌ فَعَمُوا وَصَمُّوا ثُمَّ تَابَ اللّٰهُ عَلَيْهِمْ ثُمَّ عَمُوا وَصَمُّوا كَث۪يرٌ مِنْهُمْۜ وَاللّٰهُ بَص۪يرٌ بِمَا يَعْمَلُونَ71
और उन्होंने समझा कि कोई आपदा न आएगी; इसलिए वे अंधे और बहरे बन गए। फिर अल्लाह ने उनपर दयादृष्टि की, फिर भी उनमें से बहुत-से अंधे और बहरे हो गए। अल्लाह देख रहा है, जो कुछ वे करते है
لَقَدْ كَفَرَ الَّذ۪ينَ قَالُٓوا اِنَّ اللّٰهَ هُوَ الْمَس۪يحُ ابْنُ مَرْيَمَۜ وَقَالَ الْمَس۪يحُ يَا بَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَ اعْبُدُوا اللّٰهَ رَبّ۪ي وَرَبَّكُمْۜ اِنَّهُ مَنْ يُشْرِكْ بِاللّٰهِ فَقَدْ حَرَّمَ اللّٰهُ عَلَيْهِ الْجَنَّةَ وَمَاْوٰيهُ النَّارُۜ وَمَا لِلظَّالِم۪ينَ مِنْ اَنْصَارٍ72
निश्चय ही उन्होंने (सत्य का) इनकार किया, जिन्होंने कहा, "अल्लाह मरयम का बेटा मसीह ही है।" जब मसीह ने कहा था, "ऐ इसराईल की सन्तान! अल्लाह की बन्दगी करो, जो मेरा भी रब है और तुम्हारा भी रब है। जो कोई अल्लाह का साझी ठहराएगा, उसपर तो अल्लाह ने जन्नत हराम कर दी है और उसका ठिकाना आग है। अत्याचारियों को कोई सहायक नहीं।"
لَقَدْ كَفَرَ الَّذ۪ينَ قَالُٓوا اِنَّ اللّٰهَ ثَالِثُ ثَلٰثَةٍۢ وَمَا مِنْ اِلٰهٍ اِلَّٓا اِلٰهٌ وَاحِدٌۜ وَاِنْ لَمْ يَنْتَهُوا عَمَّا يَقُولُونَ لَيَمَسَّنَّ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا مِنْهُمْ عَذَابٌ اَل۪يمٌ73
निश्चय ही उन्होंने इनकार किया, जिन्होंने कहा, "अल्लाह तीन में का एक है।" हालाँकि अकेले पूज्य के अतिरिक्त कोई पूज्य नहीं। जो कुछ वे कहते है यदि इससे बाज़ न आएँ तो उनमें से जिन्होंने इनकार किया है, उन्हें दुखद यातना पहुँचकर रहेगी
اَفَلَا يَتُوبُونَ اِلَى اللّٰهِ وَيَسْتَغْفِرُونَهُۜ وَاللّٰهُ غَفُورٌ رَح۪يمٌ74
फिर क्या वे लोग अल्लाह की ओर नहीं पलटेंगे और उससे क्षमा याचना नहीं करेंगे, जबकि अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान है
مَا الْمَس۪يحُ ابْنُ مَرْيَمَ اِلَّا رَسُولٌۚ قَدْ خَلَتْ مِنْ قَبْلِهِ الرُّسُلُۜ وَاُمُّهُ صِدّ۪يقَةٌۜ كَانَا يَاْكُلَانِ الطَّعَامَۜ اُنْظُرْ كَيْفَ نُبَيِّنُ لَهُمُ الْاٰيَاتِ ثُمَّ انْظُرْ اَنّٰى يُؤْفَكُونَ75
मरयम का बेटा मसीह एक रसूल के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं। उससे पहले भी बहुत-से रसूल गुज़र चुके हैं। उसकी माण अत्यन्त सत्यवती थी। दोनों ही भोजन करते थे। देखो, हम किस प्रकार उनके सामने निशानियाँ स्पष्ट करते है; फिर देखो, ये किस प्रकार उलटे फिरे जा रहे है!
قُلْ اَتَعْبُدُونَ مِنْ دُونِ اللّٰهِ مَا لَا يَمْلِكُ لَكُمْ ضَرًّا وَلَا نَفْعًاۜ وَاللّٰهُ هُوَ السَّم۪يعُ الْعَل۪يمُ76
कह दो, "क्या तुम अल्लाह से हटकर उसकी बन्दगी करते हो जो न तुम्हारी हानि का अधिकारी है, न लाभ का? हालाँकि सुननेवाला, जाननेवाला अल्लाह ही है।"