121. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
5 · अल-माइदा
قُلْ يَٓا اَهْلَ الْكِتَابِ لَا تَغْلُوا ف۪ي د۪ينِكُمْ غَيْرَ الْحَقِّ وَلَا تَتَّبِعُٓوا اَهْوَٓاءَ قَوْمٍ قَدْ ضَلُّوا مِنْ قَبْلُ وَاَضَلُّوا كَث۪يرًا وَضَلُّوا عَنْ سَوَٓاءِ السَّب۪يلِ۟77
कह दो, "ऐ किताबवालो! अपने धर्म में नाहक़ हद से आगे न बढ़ो और उन लोगों की इच्छाओं का पालन न करो, जो इससे पहले स्वयं पथभ्रष्ट हुए और बहुतो को पथभ्रष्ट किया और सीधे मार्ग से भटक गए
لُعِنَ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا مِنْ بَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَ عَلٰى لِسَانِ دَاوُ۫دَ وَع۪يسَى ابْنِ مَرْيَمَۜ ذٰلِكَ بِمَا عَصَوْا وَكَانُوا يَعْتَدُونَ78
इसराईल की सन्तान में से जिन लोगों ने इनकार किया, उनपर दाऊद और मरयम के बेटे ईसा की ज़बान से फिटकार पड़ी, क्योंकि उन्होंने अवज्ञा की और वे हद से आगे बढ़े जा रहे थे
كَانُوا لَا يَتَنَاهَوْنَ عَنْ مُنْكَرٍ فَعَلُوهُۜ لَبِئْسَ مَا كَانُوا يَفْعَلُونَ79
जो बुरा काम वे करते थे, उससे वे एक-दूसरे को रोकते न थे। निश्चय ही बहुत ही बुरा था, जो वे कर रहे थे
تَرٰى كَث۪يرًا مِنْهُمْ يَتَوَلَّوْنَ الَّذ۪ينَ كَفَرُواۜ لَبِئْسَ مَا قَدَّمَتْ لَهُمْ اَنْفُسُهُمْ اَنْ سَخِطَ اللّٰهُ عَلَيْهِمْ وَفِي الْعَذَابِ هُمْ خَالِدُونَ80
तुम उनमें से बहुतेरे लोगों को देखते हो जो इनकार करनेवालो से मित्रता रखते है। निश्चय ही बहुत बुरा है, जो उन्होंने अपने आगे रखा है। अल्लाह का उनपर प्रकोप हुआ और यातना में वे सदैव ग्रस्त रहेंगे
وَلَوْ كَانُوا يُؤْمِنُونَ بِاللّٰهِ وَالنَّبِيِّ وَمَٓا اُنْزِلَ اِلَيْهِ مَا اتَّخَذُوهُمْ اَوْلِيَٓاءَ وَلٰكِنَّ كَث۪يرًا مِنْهُمْ فَاسِقُونَ81
और यदि वे अल्लाह और नबी पर और उस चीज़ पर ईमान लाते, जो उसकी ओर अवतरित हुईस तो वे उनको मित्र न बनाते। किन्तु उनमें अधिकतर अवज्ञाकारी है
لَتَجِدَنَّ اَشَدَّ النَّاسِ عَدَاوَةً لِلَّذ۪ينَ اٰمَنُوا الْيَهُودَ وَالَّذ۪ينَ اَشْرَكُواۚ وَلَتَجِدَنَّ اَقْرَبَهُمْ مَوَدَّةً لِلَّذ۪ينَ اٰمَنُوا الَّذ۪ينَ قَالُٓوا اِنَّا نَصَارٰىۜ ذٰلِكَ بِاَنَّ مِنْهُمْ قِسّ۪يس۪ينَ وَرُهْبَانًا وَاَنَّهُمْ لَا يَسْتَكْبِرُونَ82
तुम ईमानवालों का शत्रु सब लोगों से बढ़कर यहूदियों और बहुदेववादियों को पाओगे। और ईमान लानेवालो के लिए मित्रता में सबसे निकट उन लोगों को पाओगे, जिन्होंने कहा कि 'हम नसारा हैं।' यह इस कारण है कि उनमें बहुत-से धर्मज्ञाता और संसार-त्यागी सन्त पाए जाते हैं। और इस कारण कि वे अहंकार नहीं करते