138. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
6 · अल-अनाम
اَلَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَلَمْ يَلْبِسُٓوا ا۪يمَانَهُمْ بِظُلْمٍ اُو۬لٰٓئِكَ لَهُمُ الْاَمْنُ وَهُمْ مُهْتَدُونَ۟82
"जो लोग ईमान लाए और अपने ईमान में किसी (शिर्क) ज़ुल्म की मिलावट नहीं की, वही लोग है जो भय मुक्त है और वही सीधे मार्ग पर हैं।"
وَتِلْكَ حُجَّتُنَٓا اٰتَيْنَاهَٓا اِبْرٰه۪يمَ عَلٰى قَوْمِه۪ۜ نَرْفَعُ دَرَجَاتٍ مَنْ نَشَٓاءُۜ اِنَّ رَبَّكَ حَك۪يمٌ عَل۪يمٌ83
यह है हमारा वह तर्क जो हमने इबराहीम को उसकी अपनी क़ौम के मुक़ाबले में प्रदान किया था। हम जिसे चाहते है दर्जों (श्रेणियों) में ऊँचा कर देते हैं। निस्संदेह तुम्हारा रब तत्वदर्शी, सर्वज्ञ है
وَوَهَبْنَا لَهُٓ اِسْحٰقَ وَيَعْقُوبَۜ كُلًّا هَدَيْنَاۚ وَنُوحًا هَدَيْنَا مِنْ قَبْلُ وَمِنْ ذُرِّيَّتِه۪ دَاوُ۫دَ وَسُلَيْمٰنَ وَاَيُّوبَ وَيُوسُفَ وَمُوسٰى وَهٰرُونَۜ وَكَذٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِن۪ينَۙ84
और हमने उसे (इबराहीम को) इसहाक़ और याक़ूब दिए; हर एक को मार्ग दिखाया - और नूह को हमने इससे पहले मार्ग दिखाया था, और उसकी सन्तान में दाऊद, सुलैमान, अय्यूब, यूसुफ़, मूसा और हारून को भी - और इस प्रकार हम शुभ-सुन्दर कर्म करनेवालों को बदला देते है -
وَزَكَرِيَّا وَيَحْيٰى وَع۪يسٰى وَاِلْيَاسَۜ كُلٌّ مِنَ الصَّالِح۪ينَۙ85
और ज़करिया, यह्या , ईसा और इलयास को भी (मार्ग दिखलाया) । इनमें का हर एक योग्य और नेक था
وَاِسْمٰع۪يلَ وَالْيَسَعَ وَيُونُسَ وَلُوطًاۜ وَكُلًّا فَضَّلْنَا عَلَى الْعَالَم۪ينَۙ86
और इसमाईल, अलयसअ, यूनुस और लूत को भी। इनमें से हर एक को हमने संसार के मुक़ाबले में श्रेष्ठता प्रदान की
وَمِنْ اٰبَٓائِهِمْ وَذُرِّيَّاتِهِمْ وَاِخْوَانِهِمْۚ وَاجْتَبَيْنَاهُمْ وَهَدَيْنَاهُمْ اِلٰى صِرَاطٍ مُسْتَق۪يمٍ87
और उनके बाप-दादा और उनकी सन्तान और उनके भाई-बन्धुओं में भी कितने ही लोगों को (मार्ग दिखाया) । और हमने उन्हें चुन लिया और उन्हें सीधे मार्ग की ओर चलाया
ذٰلِكَ هُدَى اللّٰهِ يَهْد۪ي بِه۪ مَنْ يَشَٓاءُ مِنْ عِبَادِه۪ۜ وَلَوْ اَشْرَكُوا لَحَبِطَ عَنْهُمْ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ88
यह अल्लाह का मार्गदर्शन है, जिसके द्वारा वह अपने बन्दों में से जिसको चाहता है मार्ग दिखाता है, और यदि उन लोगों ने कहीं अल्लाह का साझी ठहराया होता, तो उनका सब किया-धरा अकारथ हो जाता
اُو۬لٰٓئِكَ الَّذ۪ينَ اٰتَيْنَاهُمُ الْكِتَابَ وَالْحُكْمَ وَالنُّبُوَّةَۚ فَاِنْ يَكْفُرْ بِهَا هٰٓؤُ۬لَٓاءِ فَقَدْ وَكَّلْنَا بِهَا قَوْمًا لَيْسُوا بِهَا بِكَافِر۪ينَ89
वे ऐसे लोग है जिन्हें हमने किताब और निर्णय-शक्ति और पैग़म्बरी प्रदान की थी (उसी प्रकार हमने मुहम्मद को भी किताब, निर्णय-शक्ति और पैग़म्बरी दी है) । फिर यदि ये लोग इसे मारने से इनकार करें, तो अब हमने इसको ऐसे लोगों को सौंपा है जो इसका इनकार नहीं करते
اُو۬لٰٓئِكَ الَّذ۪ينَ هَدَى اللّٰهُ فَبِهُدٰيهُمُ اقْتَدِهْۜ قُلْ لَٓا اَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ اَجْرًاۜ اِنْ هُوَ اِلَّا ذِكْرٰى لِلْعَالَم۪ينَ۟90
वे (पिछले पैग़म्बर) ऐसे लोग थे, जिन्हें अल्लाह ने मार्ग दिखाया था, तो तुम उन्हीं के मार्ग का अनुसरण करो। कह दो, "मैं तुमसे उसका कोई प्रतिदान नहीं माँगता। वह तो सम्पूर्ण संसार के लिए बस एक प्रबोध है।"