140. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

140. पृष्ठ
6 · अल-अनाम
اِنَّ اللّٰهَ فَالِقُ الْحَبِّ وَالنَّوٰىۜ يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَمُخْرِجُ الْمَيِّتِ مِنَ الْحَيِّۜ ذٰلِكُمُ اللّٰهُ فَاَنّٰى تُؤْفَكُونَ95
निश्चय ही अल्लाह दाने और गुठली को फाड़ निकालता है, सजीव को निर्जीव से निकालता है और निर्जीव को सजीव से निकालनेवाला है। वही अल्लाह है - फिर तुम कहाँ औंधे हुए जाते हो? -
فَالِقُ الْاِصْبَاحِۚ وَجَعَلَ الَّيْلَ سَكَنًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ حُسْبَانًاۜ ذٰلِكَ تَقْد۪يرُ الْعَز۪يزِ الْعَل۪يمِ96
पौ फाड़ता है, और उसी ने रात को आराम के लिए बनाया और सूर्य और चन्द्रमा को (समय के) हिसाब का साधन ठहराया। यह बड़े शक्तिमान, सर्वज्ञ का ठहराया हुआ परिणाम है
وَهُوَ الَّذ۪ي جَعَلَ لَكُمُ النُّجُومَ لِتَهْتَدُوا بِهَا ف۪ي ظُلُمَاتِ الْبَرِّ وَالْبَحْرِۜ قَدْ فَصَّلْنَا الْاٰيَاتِ لِقَوْمٍ يَعْلَمُونَ97
और वही है जिसने तुम्हारे लिए तारे बनाए, ताकि तुम उनके द्वारा स्थल और समुद्र के अंधकारों में मार्ग पा सको। जो लोग जानना चाहे उनके लिए हमने निशानियाँ खोल-खोलकर बयान कर दी है
وَهُوَ الَّذ۪ٓي اَنْشَاَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ فَمُسْتَقَرٌّ وَمُسْتَوْدَعٌۜ قَدْ فَصَّلْنَا الْاٰيَاتِ لِقَوْمٍ يَفْقَهُونَ98
और वही तो है, जिसने तुम्हें अकेली जान पैदा किया। अतः एक अवधि तक ठहरना है और फिर सौंप देना है। उन लोगों के लिए, जो समझे हमने निशानियाँ खोल-खोलकर बयान कर दी है
وَهُوَ الَّذ۪ٓي اَنْزَلَ مِنَ السَّمَٓاءِ مَٓاءًۚ فَاَخْرَجْنَا بِه۪ نَبَاتَ كُلِّ شَيْءٍ فَاَخْرَجْنَا مِنْهُ خَضِرًا نُخْرِجُ مِنْهُ حَبًّا مُتَرَاكِبًاۚ وَمِنَ النَّخْلِ مِنْ طَلْعِهَا قِنْوَانٌ دَانِيَةٌ وَجَنَّاتٍ مِنْ اَعْنَابٍ وَالزَّيْتُونَ وَالرُّمَّانَ مُشْتَبِهًا وَغَيْرَ مُتَشَابِهٍۜ اُنْظُرُٓوا اِلٰى ثَمَرِه۪ٓ اِذَٓا اَثْمَرَ وَيَنْعِه۪ۜ اِنَّ ف۪ي ذٰلِكُمْ لَاٰيَاتٍ لِقَوْمٍ يُؤْمِنُونَ99
और वही है जिसने आकाश से पानी बरसाया, फिर हमने उसके द्वारा हर प्रकार की वनस्पति उगाई; फिर उससे हमने हरी-भरी पत्तियाँ निकाली और तने विकसित किए, जिससे हम तले-ऊपर चढे हुए दान निकालते है - और खजूर के गाभे से झुके पड़ते गुच्छे भी - और अंगूर, ज़ैतून और अनार के बाग़ लगाए, जो एक-दूसरे से भिन्न भी होते है। उसके फल को देखा, जब वह फलता है और उसके पकने को भी देखो! निस्संदेह ईमान लानेवाले लोगों को लिए इनमें बड़ी निशानियाँ है
وَجَعَلُوا لِلّٰهِ شُرَكَٓاءَ الْجِنَّ وَخَلَقَهُمْ وَخَرَقُوا لَهُ بَن۪ينَ وَبَنَاتٍ بِغَيْرِ عِلْمٍۜ سُبْحَانَهُ وَتَعَالٰى عَمَّا يَصِفُونَ۟100
और लोगों ने जिन्नों को अल्लाह का साझी ठहरा रखा है; हालाँकि उन्हें उसी ने पैदा किया है। और बेजाने-बूझे उनके लिए बेटे और बेटियाँ घड़ ली है। यह उसकी महिमा के प्रतिकूल है! यह उन बातों से उच्च है, जो वे बयान करते है!
بَد۪يعُ السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِۜ اَنّٰى يَكُونُ لَهُ وَلَدٌ وَلَمْ تَكُنْ لَهُ صَاحِبَةٌۜ وَخَلَقَ كُلَّ شَيْءٍۚ وَهُوَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَل۪يمٌ101
वह आकाशों और धरती का सर्वप्रथम पैदा करनेवाला है। उसका कोई बेटा कैसे हो सकता है, जबकि उसकी पत्नी ही नहीं? और उसी ने हर चीज़ को पैदा किया है और उसे हर चीज़ का ज्ञान है