147. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

147. पृष्ठ
6 · अल-अनाम
ثَمَانِيَةَ اَزْوَاجٍۚ مِنَ الضَّاْنِ اثْنَيْنِ وَمِنَ الْمَعْزِ اثْنَيْنِۜ قُلْ آٰلذَّكَرَيْنِ حَرَّمَ اَمِ الْاُنْثَيَيْنِ اَمَّا اشْتَمَلَتْ عَلَيْهِ اَرْحَامُ الْاُنْثَيَيْنِۜ نَبِّؤُ۫ن۪ي بِعِلْمٍ اِنْ كُنْتُمْ صَادِق۪ينَۙ143
आठ नर-मादा पैदा किए - दो भेड़ की जाति से और दो बकरी की जाति से - कहो, "क्या उसने दोनों नर हराम किए है या दोनों मादा को? या उसको जो इन दोनों मादा के पेट में हो? किसी ज्ञान के आधार पर मुझे बताओ, यदि तुम सच्चे हो।"
وَمِنَ الْاِبِلِ اثْنَيْنِ وَمِنَ الْبَقَرِ اثْنَيْنِۜ قُلْ آٰلذَّكَرَيْنِ حَرَّمَ اَمِ الْاُنْثَيَيْنِ اَمَّا اشْتَمَلَتْ عَلَيْهِ اَرْحَامُ الْاُنْثَيَيْنِۜ اَمْ كُنْتُمْ شُهَدَٓاءَ اِذْ وَصّٰيكُمُ اللّٰهُ بِهٰذَاۚ فَمَنْ اَظْلَمُ مِمَّنِ افْتَرٰى عَلَى اللّٰهِ كَذِبًا لِيُضِلَّ النَّاسَ بِغَيْرِ عِلْمٍۜ اِنَّ اللّٰهَ لَا يَهْدِي الْقَوْمَ الظَّالِم۪ينَ۟144
और दो ऊँट की जाति से और दो गाय की जाति से, कहो, "क्या उसने दोनों नर हराम किए है या दोनों मादा को? या उसको जो इन दोनों मादा के पेट में हो? या, तुम उपस्थित थे, जब अल्लाह ने तुम्हें इसका आदेश दिया था? फिर उस व्यक्ति से बढ़कर अत्याचारी कौन होगा जो लोगों को पथभ्रष्ट करने के लिए अज्ञानता-पूर्वक अल्लाह पर झूठ घड़े? निश्चय ही, अल्लाह अत्याचारी लोगों को मार्ग नहीं दिखाता।"
قُلْ لَٓا اَجِدُ ف۪ي مَٓا اُو۫حِيَ اِلَيَّ مُحَرَّمًا عَلٰى طَاعِمٍ يَطْعَمُهُٓ اِلَّٓا اَنْ يَكُونَ مَيْتَةً اَوْ دَمًا مَسْفُوحًا اَوْ لَحْمَ خِنْز۪يرٍ فَاِنَّهُ رِجْسٌ اَوْ فِسْقًا اُهِلَّ لِغَيْرِ اللّٰهِ بِه۪ۚ فَمَنِ اضْطُرَّ غَيْرَ بَاغٍ وَلَا عَادٍ فَاِنَّ رَبَّكَ غَفُورٌ رَح۪يمٌ145
कह दो, "जो कुछ मेरी ओर प्रकाशना की गई है, उसमें तो मैं नहीं पाता कि किसी खानेवाले पर उसका कोई खाना हराम किया गया हो, सिवाय इसके लिए वह मुरदार हो, यह बहता हुआ रक्त हो या ,सुअर का मांस हो - कि वह निश्चय ही नापाक है - या वह चीज़ जो मर्यादा से हटी हुई हो, जिसपर अल्लाह के अतिरिक्त किसी और का नाम लिया गया हो। इसपर भी जो बहुत विवश और लाचार हो जाए; परन्तु वह अवज्ञाकारी न हो और न हद से आगे बढ़नेवाला हो, तो निश्चय ही तुम्हारा रब अत्यन्त क्षमाशील, दयाबान है।"
وَعَلَى الَّذ۪ينَ هَادُوا حَرَّمْنَا كُلَّ ذ۪ي ظُفُرٍۚ وَمِنَ الْبَقَرِ وَالْغَنَمِ حَرَّمْنَا عَلَيْهِمْ شُحُومَهُمَٓا اِلَّا مَا حَمَلَتْ ظُهُورُهُمَٓا اَوِ الْحَوَايَٓا اَوْ مَا اخْتَلَطَ بِعَظْمٍۜ ذٰلِكَ جَزَيْنَاهُمْ بِبَغْيِهِمْۘ وَاِنَّا لَصَادِقُونَ146
और उन लोगों के लिए जो यहूदी हुए हमने नाख़ूनवाला जानवर हराम किया और गाय और बकरी में से इन दोनों की चरबियाँ उनके लिए हराम कर दी थीं, सिवाय उस (चर्बी) के जो उन दोनों की पीठों या आँखों से लगी हुई या हड़्डी से मिली हुई हो। यह बात ध्यान में रखो। हमने उन्हें उनकी सरकशी का बदला दिया था और निश्चय ही हम सच्चे है