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159. पृष्ठ
7 · अल-आराफ़
اُبَلِّغُكُمْ رِسَالَاتِ رَبّ۪ي وَاَنَا۬ لَكُمْ نَاصِحٌ اَم۪ينٌ68
"तुम्हें अपने रब के संदेश पहुँचता हूँ और मैं तुम्हारा विश्वस्त हितैषी हूँ
اَوَعَجِبْتُمْ اَنْ جَٓاءَكُمْ ذِكْرٌ مِنْ رَبِّكُمْ عَلٰى رَجُلٍ مِنْكُمْ لِيُنْذِرَكُمْۜ وَاذْكُرُٓوا اِذْ جَعَلَكُمْ خُلَفَٓاءَ مِنْ بَعْدِ قَوْمِ نُوحٍ وَزَادَكُمْ فِي الْخَلْقِ بَصْۣطَةًۚ فَاذْكُرُٓوا اٰلَٓاءَ اللّٰهِ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ69
"क्या (तुमने मुझे झूठा समझा) और तुम्हें इसपर आश्चर्य हुआ कि तुम्हारे पास तुम्हीं में से एक आदमी के द्वारा तुम्हारे रब की नसीहत आई, ताकि वह तुम्हें सचेत करे? और याद करो, जब उसने नूह की क़ौम के पश्चात तुम्हें उसका उत्तराधिकारी बनाया और शारीरिक दृष्टि से भी तुम्हें अधिक विशालता प्रदान की। अतः अल्लाह की सामर्थ्य के चमत्कारो को याद करो, ताकि तुम्हें सफलता प्राप्त हो।"
قَالُٓوا اَجِئْتَنَا لِنَعْبُدَ اللّٰهَ وَحْدَهُ وَنَذَرَ مَا كَانَ يَعْبُدُ اٰبَٓاؤُ۬نَاۚ فَاْتِنَا بِمَا تَعِدُنَٓا اِنْ كُنْتَ مِنَ الصَّادِق۪ينَ70
वे बोले, "क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि अकेले अल्लाह की हम बन्दगी करें और जिनको हमारे बाप-दादा पूजते रहे है, उन्हें छोड़ दें? अच्छा, तो जिसकी तुम हमें धमकी देते हो, उसे हमपर ले आओ, यदि तुम सच्चे हो।"
قَالَ قَدْ وَقَعَ عَلَيْكُمْ مِنْ رَبِّكُمْ رِجْسٌ وَغَضَبٌۜ اَتُجَادِلُونَن۪ي ف۪ٓي اَسْمَٓاءٍ سَمَّيْتُمُوهَٓا اَنْتُمْ وَاٰبَٓاؤُ۬كُمْ مَا نَزَّلَ اللّٰهُ بِهَا مِنْ سُلْطَانٍۜ فَانْتَظِرُٓوا اِنّ۪ي مَعَكُمْ مِنَ الْمُنْتَظِر۪ينَ71
उसने कहा, "तुम पर तो तुम्हारे रब की ओर से नापाकी थोप दी गई है और प्रकोप टूट पड़ा है। क्या तुम मुझसे उन नामों के लिए झगड़ते हो जो तुमने और तुम्हारे बाप-दादा ने रख छोड़े है, जिनके लिए अल्लाह ने कोई प्रमाण नहीं उतारा? अच्छा, तो तुम भी प्रतीक्षा करो, मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करता हूँ।"
فَاَنْجَيْنَاهُ وَالَّذ۪ينَ مَعَهُ بِرَحْمَةٍ مِنَّا وَقَطَعْنَا دَابِرَ الَّذ۪ينَ كَذَّبُوا بِاٰيَاتِنَا وَمَا كَانُوا مُؤْمِن۪ينَ۟72
फिर हमने अपनी दयालुता से उसको और जो लोग उसके साथ थे उन्हें बचा लिया और उन लोगों की जड़ काट दी, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया था और ईमानवाले न थे
وَاِلٰى ثَمُودَ اَخَاهُمْ صَالِحًاۢ قَالَ يَا قَوْمِ اعْبُدُوا اللّٰهَ مَا لَكُمْ مِنْ اِلٰهٍ غَيْرُهُۜ قَدْ جَٓاءَتْكُمْ بَيِّنَةٌ مِنْ رَبِّكُمْۜ هٰذِه۪ نَاقَةُ اللّٰهِ لَكُمْ اٰيَةً فَذَرُوهَا تَاْكُلْ ف۪ٓي اَرْضِ اللّٰهِ وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُٓوءٍ فَيَاْخُذَكُمْ عَذَابٌ اَل۪يمٌ73
और समूद की ओर उनके भाई सालेह को भेजा। उसने कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! अल्लाह की बन्दगी करो। उसके अतिरिक्त तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण आ चुका है। यह अल्लाह की ऊँटनी तुम्हारे लिए एक निशानी है। अतः इसे छोड़ दो कि अल्लाह की धरती में खाए। और तकलीफ़ पहुँचाने के लिए इसे हाथ न लगाना, अन्यथा तुम्हें एक दुखद यातना आ लेगी।-