161. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

161. पृष्ठ
7 · अल-आराफ़
وَمَا كَانَ جَوَابَ قَوْمِه۪ٓ اِلَّٓا اَنْ قَالُٓوا اَخْرِجُوهُمْ مِنْ قَرْيَتِكُمْۚ اِنَّهُمْ اُنَاسٌ يَتَطَهَّرُونَ82
उसकी क़ौम के लोगों का उत्तर इसके अतिरिक्त और कुछ न था कि वे बोले, "निकालो, उन लोगों को अपनी बस्ती से। ये ऐसे लोग है जो बड़े पाक-साफ़ है!"
فَاَنْجَيْنَاهُ وَاَهْلَهُٓ اِلَّا امْرَاَتَهُۘ كَانَتْ مِنَ الْغَابِر۪ينَ83
फिर हमने उसे और उसके लोगों को छुटकारा दिया, सिवाय उसकी स्त्री के कि वह पीछे रह जानेवालों में से थी
وَاَمْطَرْنَا عَلَيْهِمْ مَطَرًاۜ فَانْظُرْ كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُجْرِم۪ينَ۟84
और हमने उनपर एक बरसात बरसाई, तो देखो अपराधियों का कैसा परिणाम हुआ
وَاِلٰى مَدْيَنَ اَخَاهُمْ شُعَيْبًاۜ قَالَ يَا قَوْمِ اعْبُدُوا اللّٰهَ مَا لَكُمْ مِنْ اِلٰهٍ غَيْرُهُۜ قَدْ جَٓاءَتْكُمْ بَيِّنَةٌ مِنْ رَبِّكُمْ فَاَوْفُوا الْكَيْلَ وَالْم۪يزَانَ وَلَا تَبْخَسُوا النَّاسَ اَشْيَٓاءَهُمْ وَلَا تُفْسِدُوا فِي الْاَرْضِ بَعْدَ اِصْلَاحِهَاۜ ذٰلِكُمْ خَيْرٌ لَكُمْ اِنْ كُنْتُمْ مُؤْمِن۪ينَۚ85
और मदयनवालों की ओर हमने उनके भाई शुऐब को भेजा। उसने कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगों! अल्लाह की बन्दगी करो। उसके अतिरिक्त तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण आ चुका है। तो तुम नाप और तौल पूरी-पूरी करो, और लोगों को उनकी चीज़ों में घाटा न दो, और धरती में उसकी सुधार के पश्चात बिगाड़ पैदा न करो। यही तुम्हारे लिए अच्छा है, यदि तुम ईमानवाले हो
وَلَا تَقْعُدُوا بِكُلِّ صِرَاطٍ تُوعِدُونَ وَتَصُدُّونَ عَنْ سَب۪يلِ اللّٰهِ مَنْ اٰمَنَ بِه۪ وَتَبْغُونَهَا عِوَجًاۚ وَاذْكُرُٓوا اِذْ كُنْتُمْ قَل۪يلًا فَكَثَّرَكُمْۖ وَانْظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُفْسِد۪ينَ86
"और प्रत्येक मार्ग पर इसलिए न बैठो कि धमकियाँ दो और उस व्यक्ति को अल्लाह के मार्ग से रोकने लगो जो उसपर ईमान रखता हो और न उस मार्ग को टेढ़ा करने में लग जाओ। याद करो, वह समय जब तुम थोड़े थे, फिर उसने तुम्हें अधिक कर दिया। और देखो, बिगाड़ पैदा करनेवालो का कैसा परिणाम हुआ
وَاِنْ كَانَ طَٓائِفَةٌ مِنْكُمْ اٰمَنُوا بِالَّذ۪ٓي اُرْسِلْتُ بِه۪ وَطَٓائِفَةٌ لَمْ يُؤْمِنُوا فَاصْبِرُوا حَتّٰى يَحْكُمَ اللّٰهُ بَيْنَنَاۚ وَهُوَ خَيْرُ الْحَاكِم۪ينَ87
"और यदि तुममें एक गिरोह ऐसा है, जो उसपर ईमान लाया है, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ और एक गिरोह ऐसा है, जो उसपर ईमान लाया है, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ और एक गिरोह ईमान नहीं लाया, तो धैर्य से काम लो, यहाँ तक कि अल्लाह हमारे बीच फ़ैसला कर दे। और वह सबसे अच्छा फ़ैसला करनेवाला है।"