164. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
7 · अल-आराफ़
حَقِيقٌ عَلٰٓى اَنْ لَٓا اَقُولَ عَلَى اللّٰهِ اِلَّا الْحَقَّۜ قَدْ جِئْتُكُمْ بِبَيِّنَةٍ مِنْ رَبِّكُمْ فَاَرْسِلْ مَعِيَ بَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَۜ105
"मैं इसका अधिकारी हूँ कि अल्लाह से सम्बद्ध करके सत्य के अतिरिक्त कोई बात न कहूँ। मैं तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से स्पष्ट प्रमाण लेकर आ गया हूँ। अतः तुम इसराईल की सन्तान को मेरे साथ जाने दो।"
قَالَ اِنْ كُنْتَ جِئْتَ بِاٰيَةٍ فَاْتِ بِهَٓا اِنْ كُنْتَ مِنَ الصَّادِق۪ينَ106
बोला, "यदि तुम कोई निशानी लेकर आए हो तो उसे पेश करो, यदि तुम सच्चे हो।"
فَاَلْقٰى عَصَاهُ فَاِذَا هِيَ ثُعْبَانٌ مُب۪ينٌۚ107
तब उसने अपनी लाठी डाल दी। क्या देखते है कि वह प्रत्यक्ष अजगर है
وَنَزَعَ يَدَهُ فَاِذَا هِيَ بَيْضَٓاءُ لِلنَّاظِر۪ينَ۟108
और उसने अपना हाथ निकाला, तो क्या देखते है कि वह सब देखनेवालों के सामने चमक रहा है
قَالَ الْمَلَاُ مِنْ قَوْمِ فِرْعَوْنَ اِنَّ هٰذَا لَسَاحِرٌ عَل۪يمٌۙ109
फ़िरऔन की क़ौम के सरदार कहने लगे, "अरे, यह तो बडा कुशल जादूगर है!
يُر۪يدُ اَنْ يُخْرِجَكُمْ مِنْ اَرْضِكُمْۚ فَمَاذَا تَاْمُرُونَ110
"तुम्हें तुम्हारी धरती से निकाल देना चाहता है। तो अब क्या कहते हो?"
قَالُٓوا اَرْجِهْ وَاَخَاهُ وَاَرْسِلْ فِي الْمَدَٓائِنِ حَاشِر۪ينَۙ111
उन्होंने कहा, "इसे और इसके भाई को प्रतीक्षा में रखो और नगरों में हरकारे भेज दो,
يَاْتُوكَ بِكُلِّ سَاحِرٍ عَل۪يمٍ112
"कि वे हर कुशल जादूगर को तुम्हारे पास ले आएँ।"
وَجَٓاءَ السَّحَرَةُ فِرْعَوْنَ قَالُٓوا اِنَّ لَنَا لَاَجْرًا اِنْ كُنَّا نَحْنُ الْغَالِب۪ينَ113
अतएव जादूगर फ़िरऔन के पास आ गए। कहने लगे, "यदि हम विजयी हुए तो अवश्य ही हमें बड़ा बदला मिलेगा?"
قَالَ نَعَمْ وَاِنَّكُمْ لَمِنَ الْمُقَرَّب۪ينَ114
उसने कहा, "हाँ, और बेशक तुम (मेरे) क़रीबियों में से हो जाओगे।"
قَالُوا يَا مُوسٰٓى اِمَّٓا اَنْ تُلْقِيَ وَاِمَّٓا اَنْ نَكُونَ نَحْنُ الْمُلْق۪ينَ115
उन्होंने कहा, "ऐ मूसा! या तुम डालो या फिर हम डालते हैं?"
قَالَ اَلْقُواۚ فَلَمَّٓا اَلْقَوْا سَحَرُٓوا اَعْيُنَ النَّاسِ وَاسْتَرْهَبُوهُمْ وَجَٓاؤُ۫ بِسِحْرٍ عَظ۪يمٍ116
उसने कहा, "तुम ही डालो।" फिर उन्होंने डाला तो लोगो की आँखों पर जादू कर दिया और उन्हें भयभीत कर दिया। उन्होंने एक बहुत बड़े जादू का प्रदर्शन किया
وَاَوْحَيْنَٓا اِلٰى مُوسٰٓى اَنْ اَلْقِ عَصَاكَۚ فَاِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَاْفِكُونَۚ117
हमने मूसा की ओर प्रकाशना कि कि "अपनी लाठी डाल दे।" फिर क्या देखते है कि वह उनके रचें हुए स्वांग को निगलती जा रही है
فَوَقَعَ الْحَقُّ وَبَطَلَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَۚ118
इस प्रकार सत्य प्रकट हो गया और जो कुछ वे कर रहे थे, मिथ्या होकर रहा
فَغُلِبُوا هُنَالِكَ وَانْقَلَبُوا صَاغِر۪ينَۚ119
अतः वे पराभूत हो गए और अपमानित होकर रहे
وَاُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِد۪ينَۚ120
और जादूगर सहसा सजदे में गिर पड़े