181. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

181. पृष्ठ
8 · अल-अनफाल
وَمَا لَهُمْ اَلَّا يُعَذِّبَهُمُ اللّٰهُ وَهُمْ يَصُدُّونَ عَنِ الْمَسْجِدِ الْحَرَامِ وَمَا كَانُٓوا اَوْلِيَٓاءَهُۜ اِنْ اَوْلِيَٓاؤُ۬هُٓ اِلَّا الْمُتَّقُونَ وَلٰكِنَّ اَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ34
किन्तु अब क्या है उनके पास कि अल्लाह उन्हें यातना न दे, जबकि वे 'मस्जिदे हराम' (काबा) से रोकते है, हालाँकि वे उसके कोई व्यवस्थापक नहीं? उसके व्यवस्थापक तो केवल डर रखनेवाले ही है, परन्तु उनके अधिकतर लोग जानते नहीं
وَمَا كَانَ صَلَاتُهُمْ عِنْدَ الْبَيْتِ اِلَّا مُكَٓاءً وَتَصْدِيَةًۜ فَذُوقُوا الْعَذَابَ بِمَا كُنْتُمْ تَكْفُرُونَ35
उनकी नमाज़़ इस घर (काबा) के पास सीटियाँ बजाने और तालियाँ पीटने के अलावा कुछ भी नहीं होती। तो अब यातना का मज़ा चखो, उस इनकार के बदले में जो तुम करते रहे हो
اِنَّ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا يُنْفِقُونَ اَمْوَالَهُمْ لِيَصُدُّوا عَنْ سَب۪يلِ اللّٰهِۜ فَسَيُنْفِقُونَهَا ثُمَّ تَكُونُ عَلَيْهِمْ حَسْرَةً ثُمَّ يُغْلَبُونَۜ وَالَّذ۪ينَ كَفَرُٓوا اِلٰى جَهَنَّمَ يُحْشَرُونَۙ36
निश्चय ही इनकार करनेवाले अपने माल अल्लाह के मार्ग से रोकने के लिए ख़र्च करते रहेंगे, फिर यही उनके लिए पश्चाताप बनेगा। फिर वे पराभूत होंगे और इनकार करनेवाले जहन्नम की ओर समेट लाए जाएँगे
لِيَم۪يزَ اللّٰهُ الْخَب۪يثَ مِنَ الطَّيِّبِ وَيَجْعَلَ الْخَب۪يثَ بَعْضَهُ عَلٰى بَعْضٍ فَيَرْكُمَهُ جَم۪يعًا فَيَجْعَلَهُ ف۪ي جَهَنَّمَۜ اُو۬لٰٓئِكَ هُمُ الْخَاسِرُونَ۟37
ताकि अल्लाह नापाक को पाक से छाँटकर अलग करे और नापाकों को आपस में एक-दूसरे पर रखकर ढेर बनाए, फिर उसे जहन्नम में डाल दे। यही लोग घाटे में पड़नेवाले है
قُلْ لِلَّذ۪ينَ كَفَرُٓوا اِنْ يَنْتَهُوا يُغْفَرْ لَهُمْ مَا قَدْ سَلَفَۚ وَاِنْ يَعُودُوا فَقَدْ مَضَتْ سُنَّتُ الْاَوَّل۪ينَ38
उन इनकार करनेवालो से कह दो कि वे यदि बाज़ आ जाएँ तो जो कुछ हो चुका, उसे क्षमा कर दिया जाएगा, किन्तु यदि वे फिर भी वहीं करेंगे तो पूर्ववर्ती लोगों के सिलसिले में जो रीति अपनाई गई वह सामने से गुज़र चुकी है
وَقَاتِلُوهُمْ حَتّٰى لَا تَكُونَ فِتْنَةٌ وَيَكُونَ الدّ۪ينُ كُلُّهُ لِلّٰهِۚ فَاِنِ انْتَهَوْا فَاِنَّ اللّٰهَ بِمَا يَعْمَلُونَ بَص۪يرٌ39
उनसे युद्ध करो, यहाँ तक कि फ़ितना बाक़ी न रहे और दीन (धर्म) पूरा का पूरा अल्लाह ही के लिए हो जाए। फिर यदि वे बाज़ आ जाएँ तो अल्लाह उनके कर्म को देख रहा है
وَاِنْ تَوَلَّوْا فَاعْلَمُٓوا اَنَّ اللّٰهَ مَوْلٰيكُمْۜ نِعْمَ الْمَوْلٰى وَنِعْمَ النَّص۪يرُ40
किन्तु यदि वे मुँह मोड़े तो जान रखो कि अल्लाह संरक्षक है। क्या ही अच्छा संरक्षक है वह, और क्या ही अच्छा सहायक!