198. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

198. पृष्ठ
9 · अत-तौबा
كَالَّذ۪ينَ مِنْ قَبْلِكُمْ كَانُٓوا اَشَدَّ مِنْكُمْ قُوَّةً وَاَكْثَرَ اَمْوَالًا وَاَوْلَادًاۜ فَاسْتَمْتَعُوا بِخَلَاقِهِمْ فَاسْتَمْتَعْتُمْ بِخَلَاقِكُمْ كَمَا اسْتَمْتَعَ الَّذ۪ينَ مِنْ قَبْلِكُمْ بِخَلَاقِهِمْ وَخُضْتُمْ كَالَّذ۪ي خَاضُواۜ اُو۬لٰٓئِكَ حَبِطَتْ اَعْمَالُهُمْ فِي الدُّنْيَا وَالْاٰخِرَةِۚ وَاُو۬لٰٓئِكَ هُمُ الْخَاسِرُونَ69
उन लोगों की तरह, जो तुमसे पहले गुज़र चुके हैं, वे शक्ति में तुमसे बढ़-बढ़कर थे और माल और औलाद में भी बढ़े हुए थे। फिर उन्होंने अपने हिस्से का मज़ा उठाना चाहा और तुमने भी अपने हिस्से का मज़ा उठाना चाहा, जिस प्रकार कि तुमसे पहले के लोगों ने अपने हिस्से का मज़ा उठाना चाहा, और जिस वाद-विवाद में तुम पड़े थे तुम भी वाद-विवाद में पड़ गए। ये वही लोग है जिनका किया-धरा दुनिया और आख़िरत में अकारथ गया, और वही घाटे में है
اَلَمْ يَاْتِهِمْ نَبَاُ الَّذ۪ينَ مِنْ قَبْلِهِمْ قَوْمِ نُوحٍ وَعَادٍ وَثَمُودَ وَقَوْمِ اِبْرٰه۪يمَ وَاَصْحَابِ مَدْيَنَ وَالْمُؤْتَفِكَاتِۜ اَتَتْهُمْ رُسُلُهُمْ بِالْبَيِّنَاتِۚ فَمَا كَانَ اللّٰهُ لِيَظْلِمَهُمْ وَلٰكِنْ كَانُٓوا اَنْفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ70
क्या उन्हें उन लोगों का वृतान्त नहीं पहुँचा जो उनसे पहले गुज़रे - नूह के लोगो का, आद और समूद का, और इबराहीम की क़ौम का और मदयनवालों का और उन बस्तियों का जिन्हें उलट दिया गया? उसके रसूल उनके पास खुली निशानियाँ लेकर आए थे, फिर अल्लाह ऐसा न था कि वह उनपर अत्याचार करता, किन्तु वे स्वयं अपने-आप पर अत्याचार कर रहे थे
وَالْمُؤْمِنُونَ وَالْمُؤْمِنَاتُ بَعْضُهُمْ اَوْلِيَٓاءُ بَعْضٍۢ يَاْمُرُونَ بِالْمَعْرُوفِ وَيَنْهَوْنَ عَنِ الْمُنْكَرِ وَيُق۪يمُونَ الصَّلٰوةَ وَيُؤْتُونَ الزَّكٰوةَ وَيُط۪يعُونَ اللّٰهَ وَرَسُولَهُۜ اُو۬لٰٓئِكَ سَيَرْحَمُهُمُ اللّٰهُۜ اِنَّ اللّٰهَ عَز۪يزٌ حَك۪يمٌ71
रहे मोमिन मर्द औऱ मोमिन औरतें, वे सब परस्पर एक-दूसरे के मित्र है। भलाई का हुक्म देते है और बुराई से रोकते है। नमाज़ क़ायम करते हैं, ज़कात देते है और अल्लाह और उसके रसूल का आज्ञापालन करते हैं। ये वे लोग है, जिनकर शीघ्र ही अल्लाह दया करेगा। निस्सन्देह प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है
وَعَدَ اللّٰهُ الْمُؤْمِن۪ينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ جَنَّاتٍ تَجْر۪ي مِنْ تَحْتِهَا الْاَنْهَارُ خَالِد۪ينَ ف۪يهَا وَمَسَاكِنَ طَيِّبَةً ف۪ي جَنَّاتِ عَدْنٍۜ وَرِضْوَانٌ مِنَ اللّٰهِ اَكْبَرُۜ ذٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظ۪يمُ۟72
मोमिन मर्दों और मोमिन औरतों से अल्लाह ने ऐसे बाग़ों का वादा किया है जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी, जिनमें वे सदैव रहेंगे और सदाबहार बाग़ों में पवित्र निवास गृहों का (भी वादा है) और, अल्लाह की प्रसन्नता और रज़ामन्दी का; जो सबसे बढ़कर है। यही सबसे बड़ी सफलता है