208. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

208. पृष्ठ
10 · यूनुस
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
الٓرٰ۠ تِلْكَ اٰيَاتُ الْكِتَابِ الْحَك۪يمِ1
अलिफ़॰ लाम॰ रा॰। ये तत्वदर्शितायुक्त किताब की आयतें हैं
اَكَانَ لِلنَّاسِ عَجَبًا اَنْ اَوْحَيْنَٓا اِلٰى رَجُلٍ مِنْهُمْ اَنْ اَنْذِرِ النَّاسَ وَبَشِّرِ الَّذ۪ينَ اٰمَنُٓوا اَنَّ لَهُمْ قَدَمَ صِدْقٍ عِنْدَ رَبِّهِمْۜ قَالَ الْكَافِرُونَ اِنَّ هٰذَا لَسَاحِرٌ مُب۪ينٌ2
क्या लोगों को इस बात पर आश्चर्य हो रहा है कि हमने उन्ही में से एक आदमी की ओर प्रकाशना की कि लोगों को सचेत कर दो और जो लोग मान लें, उनको शुभ समाचार दे दो कि उनके लिए रब के पास शाश्वत सच्चा उन्नत स्थान है? इनकार करनेवाले कहने लगे, "निस्संदेह यह एक खुला जादूगर है।"
اِنَّ رَبَّكُمُ اللّٰهُ الَّذ۪ي خَلَقَ السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضَ ف۪ي سِتَّةِ اَيَّامٍ ثُمَّ اسْتَوٰى عَلَى الْعَرْشِ يُدَبِّرُ الْاَمْرَۜ مَا مِنْ شَف۪يعٍ اِلَّا مِنْ بَعْدِ اِذْنِه۪ۜ ذٰلِكُمُ اللّٰهُ رَبُّكُمْ فَاعْبُدُوهُۜ اَفَلَا تَذَكَّرُونَ3
निस्संदेह तुम्हारा रब वही अल्लाह है, जिसने आकाशों और धरती को छः दिनों में पैदा किया, फिर सिंहासन पर विराजमान होकर व्यवस्था चला रहा है। उसकी अनुज्ञा के बिना कोई सिफ़ारिश करनेवाला भी नहीं है। वह अल्लाह है तुम्हारा रब। अतः उसी की बन्दगी करो। तो क्या तुम ध्यान न दोगे?
اِلَيْهِ مَرْجِعُكُمْ جَم۪يعًاۜ وَعْدَ اللّٰهِ حَقًّاۜ اِنَّهُ يَبْدَؤُا الْخَلْقَ ثُمَّ يُع۪يدُهُ لِيَجْزِيَ الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ بِالْقِسْطِۜ وَالَّذ۪ينَ كَفَرُوا لَهُمْ شَرَابٌ مِنْ حَم۪يمٍ وَعَذَابٌ اَل۪يمٌ بِمَا كَانُوا يَكْفُرُونَ4
उसी की ओर तुम सबको लौटना है। यह अल्लाह का पक्का वादा है। निस्संदेह वही पहली बार पैदा करता है। फिर दोबारा पैदा करेगा, ताकि जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए उन्हें न्यायपूर्वक बदला दे। रहे वे लोग जिन्होंने इनकार किया उनके लिए खौलता पेय और दुखद यातना है, उस इनकार के बदले में जो वे करते रहे
هُوَ الَّذ۪ي جَعَلَ الشَّمْسَ ضِيَٓاءً وَالْقَمَرَ نُورًا وَقَدَّرَهُ مَنَازِلَ لِتَعْلَمُوا عَدَدَ السِّن۪ينَ وَالْحِسَابَۜ مَا خَلَقَ اللّٰهُ ذٰلِكَ اِلَّا بِالْحَقِّۜ يُفَصِّلُ الْاٰيَاتِ لِقَوْمٍ يَعْلَمُونَ5
वही है जिसने सूर्य को सर्वथा दीप्ति और चन्द्रमा का प्रकाश बनाया औऱ उनके लिए मंज़िलें निश्चित की, ताकि तुम वर्षों की गिनती और हिसाब मालूम कर लिया करो। अल्लाह ने यह सब कुछ सोद्देश्य ही पैदा किया है। वह अपनी निशानियों को उन लोगों के लिए खोल-खोलकर बयान करता है, जो जानना चाहें
اِنَّ فِي اخْتِلَافِ الَّيْلِ وَالنَّهَارِ وَمَا خَلَقَ اللّٰهُ فِي السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِ لَاٰيَاتٍ لِقَوْمٍ يَتَّقُونَ6
निस्संदेह रात और दिन के उलट-फेर में और जो कुछ अल्लाह ने आकाशों और धरती में पैदा किया उसमें डर रखनेवाले लोगों के लिए निशानियाँ है