21. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
2 · अल-बक़रा
وَقَالُوا كُونُوا هُودًا اَوْ نَصَارٰى تَهْتَدُواۜ قُلْ بَلْ مِلَّةَ اِبْرٰه۪يمَ حَن۪يفًاۜ وَمَا كَانَ مِنَ الْمُشْرِك۪ينَ135
वे कहते हैं, "यहूदी या ईसाई हो जाओ तो मार्ग पर लोगे।" कहो, "नहीं, बल्कि इबराहीम का पंथ अपनाओ जो एक (अल्लाह) का हो गया था, और वह बहुदेववादियों में से न था।"
قُولُٓوا اٰمَنَّا بِاللّٰهِ وَمَٓا اُنْزِلَ اِلَيْنَا وَمَٓا اُنْزِلَ اِلٰٓى اِبْرٰه۪يمَ وَاِسْمٰع۪يلَ وَاِسْحٰقَ وَيَعْقُوبَ وَالْاَسْبَاطِ وَمَٓا اُو۫تِيَ مُوسٰى وَع۪يسٰى وَمَٓا اُو۫تِيَ النَّبِيُّونَ مِنْ رَبِّهِمْۚ لَا نُفَرِّقُ بَيْنَ اَحَدٍ مِنْهُمْۘ وَنَحْنُ لَهُ مُسْلِمُونَ136
कहो, "हम ईमान लाए अल्लाह पर और उस चीज़ पर जो हमारी ओर से उतरी और जो इबराहीम और इसमाईल और इसहाक़ और याक़ूब और उसकी संतान की ओर उतरी, और जो मूसा और ईसा को मिली, और जो सभी नबियों को उनके रब की ओर से प्रदान की गई। हम उनमें से किसी के बीच अन्तर नहीं करते और हम केवल उसी के आज्ञाकारी हैं।"
فَاِنْ اٰمَنُوا بِمِثْلِ مَٓا اٰمَنْتُمْ بِه۪ فَقَدِ اهْتَدَوْاۚ وَاِنْ تَوَلَّوْا فَاِنَّمَا هُمْ ف۪ي شِقَاقٍۚ فَسَيَكْف۪يكَهُمُ اللّٰهُۚ وَهُوَ السَّم۪يعُ الْعَل۪يمُۜ137
फिर यदि वे उसी तरह ईमान लाएँ जिस तरह तुम ईमान लाए हो, तो उन्होंने मार्ग पा लिया। और यदि वे मुँह मोड़े, तो फिर वही विरोध में पड़े हुए है। अतः तुम्हारी जगह स्वयं अल्लाह उनसे निबटने के लिए काफ़ी है; वह सब कुछ सुनता, जानता है
صِبْغَةَ اللّٰهِۚ وَمَنْ اَحْسَنُ مِنَ اللّٰهِ صِبْغَةًۘ وَنَحْنُ لَهُ عَابِدُونَ138
(कहो,) "अल्लाह का रंग ग्रहण करो, उसके रंग से अच्छा और किसका रंह हो सकता है? और हम तो उसी की बन्दगी करते हैं।"
قُلْ اَتُحَٓاجُّونَنَا فِي اللّٰهِ وَهُوَ رَبُّنَا وَرَبُّكُمْۚ وَلَنَٓا اَعْمَالُنَا وَلَكُمْ اَعْمَالُكُمْۚ وَنَحْنُ لَهُ مُخْلِصُونَۙ139
कहो, "क्या तुम अल्लाह के विषय में हमसे झगड़ते हो, हालाँकि वही हमारा रब भी है, और तुम्हारा रब भी? और हमारे लिए हमारे कर्म हैं और तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्म। और हम तो बस निरे उसी के है।"
اَمْ تَقُولُونَ اِنَّ اِبْرٰه۪يمَ وَاِسْمٰع۪يلَ وَاِسْحٰقَ وَيَعْقُوبَ وَالْاَسْبَاطَ كَانُوا هُودًا اَوْ نَصَارٰىۜ قُلْ ءَاَنْتُمْ اَعْلَمُ اَمِ اللّٰهُۜ وَمَنْ اَظْلَمُ مِمَّنْ كَتَمَ شَهَادَةً عِنْدَهُ مِنَ اللّٰهِۜ وَمَا اللّٰهُ بِغَافِلٍ عَمَّا تَعْمَلُونَ140
या तुम कहते हो कि इबराहीम और इसमाईल और इसहाक़ और याक़ूब और उनकी संतान सब के सब यहूदी या ईसाई थे? कहो, "तुम अधिक जानते हो या अल्लाह? और उससे बढ़कर ज़ालिम कौन होगा, जिसके पास अल्लाह की ओर से आई हुई कोई गवाही हो, और वह उसे छिपाए? और जो कुछ तुम कर रहे हो, अल्लाह उससे बेखबर नहीं है।"
تِلْكَ اُمَّةٌ قَدْ خَلَتْۚ لَهَا مَا كَسَبَتْ وَلَكُمْ مَا كَسَبْتُمْۚ وَلَا تُسْـَٔلُونَ عَمَّا كَانُوا يَعْمَلُونَ۟141
वह एक गिरोह थो जो गुज़र चुका, जो कुछ उसने कमाया वह उसके लिए है और जो कुछ तुमने कमाया वह तुम्हारे लिए है। और तुमसे उसके विषय में न पूछा जाएगा, जो कुछ वे करते रहे है