235. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

235. पृष्ठ
11 · हूद
وَلَوْ شَٓاءَ رَبُّكَ لَجَعَلَ النَّاسَ اُمَّةً وَاحِدَةً وَلَا يَزَالُونَ مُخْتَلِف۪ينَۙ118
और यदि तुम्हारा रब चाहता तो वह सारे मनुष्यों को एक समुदाय बना देता, किन्तु अब तो वे सदैव विभेद करते ही रहेंगे,
اِلَّا مَنْ رَحِمَ رَبُّكَۜ وَلِذٰلِكَ خَلَقَهُمْۜ وَتَمَّتْ كَلِمَةُ رَبِّكَ لَاَمْلَـَٔنَّ جَهَنَّمَ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ اَجْمَع۪ينَ119
सिवाय उनके जिनपर तुम्हारा रब दया करे और इसी के लिए उसने उन्हें पैदा किया है, और तुम्हारे रब की यह बात पूरी होकर रही कि "मैं जहन्नम को अपराधी जिन्नों और मनुष्यों सबसे भरकर रहूँगा।"
وَكُلًّا نَقُصُّ عَلَيْكَ مِنْ اَنْبَٓاءِ الرُّسُلِ مَا نُثَبِّتُ بِه۪ فُؤَادَكَۚ وَجَٓاءَكَ ف۪ي هٰذِهِ الْحَقُّ وَمَوْعِظَةٌ وَذِكْرٰى لِلْمُؤْمِن۪ينَ120
रसूलों के वृत्तान्तों में से हर वह कथा जो हम तुम्हें सुनाते है उसके द्वारा हम तुम्हारे हृदय को सुदृढ़ करते हैं। और इसमें तुम्हारे पास सत्य आ गया है और मोमिनों के लिए उपदेश और अनुस्मरण भी
وَقُلْ لِلَّذ۪ينَ لَا يُؤْمِنُونَ اعْمَلُوا عَلٰى مَكَانَتِكُمْۜ اِنَّا عَامِلُونَۙ121
जो लोग ईमान नहीं ला रहे हैं उनसे कह दो, "तुम अपनी जगह कर्म किए जाओ, हम भी कर्म कर रहे है
وَانْتَظِرُواۚ اِنَّا مُنْتَظِرُونَ122
तुम भी प्रतीक्षा करो, हम भी प्रतीक्षा कर रहे है।"
وَلِلّٰهِ غَيْبُ السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِ وَاِلَيْهِ يُرْجَعُ الْاَمْرُ كُلُّهُ فَاعْبُدْهُ وَتَوَكَّلْ عَلَيْهِۜ وَمَا رَبُّكَ بِغَافِلٍ عَمَّا تَعْمَلُونَ123
अल्लाह ही का है जो कुछ आकाशों और धरती में छिपा है, और हर मामला उसी की ओर पलटता है। अतः उसी की बन्दगी करो और उसी पर भरोसा रखो। जो कुछ तुम करते हो, उससे तुम्हारा रब बेख़बर नहीं है
12 · यूसुफ़
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
الٓرٰ۠ تِلْكَ اٰيَاتُ الْكِتَابِ الْمُب۪ينِ۠1
अलिफ़॰ लाम॰ रा॰। ये स्पष्ट किताब की आयतें हैं
اِنَّٓا اَنْزَلْنَاهُ قُرْءٰنًا عَرَبِيًّا لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ2
हमने इसे अरबी क़ुरआन के रूप में उतारा है, ताकि तुम समझो
نَحْنُ نَقُصُّ عَلَيْكَ اَحْسَنَ الْقَصَصِ بِمَٓا اَوْحَيْنَٓا اِلَيْكَ هٰذَا الْقُرْاٰنَۗ وَاِنْ كُنْتَ مِنْ قَبْلِه۪ لَمِنَ الْغَافِل۪ينَ3
इस क़ुरआन की तुम्हारी ओर प्रकाशना करके इसके द्वारा हम तुम्हें एक बहुत ही अच्छा बयान सुनाते है, यद्यपि इससे पहले तुम बेख़बर थे
اِذْ قَالَ يُوسُفُ لِاَب۪يهِ يَٓا اَبَتِ اِنّ۪ي رَاَيْتُ اَحَدَ عَشَرَ كَوْكَبًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ رَاَيْتُهُمْ ل۪ي سَاجِد۪ينَ4
जब यूसुफ़ ने अपने बाप से कहा, "ऐ मेरे बाप! मैंने स्वप्न में ग्यारह सितारे देखे और सूर्य और चाँद। मैंने उन्हें देखा कि वे मुझे सजदा कर रहे है।"