255. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

255. पृष्ठ
13 · अर-रअद
وَيَقُولُ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا لَسْتَ مُرْسَلًاۜ قُلْ كَفٰى بِاللّٰهِ شَه۪يدًا بَيْن۪ي وَبَيْنَكُمْۙ وَمَنْ عِنْدَهُ عِلْمُ الْكِتَابِ43
जिन लोगों ने इनकार की नीति अपनाई, वे कहते है, "तुम कोई रसूल नहीं हो।" कह दो, "मेरे और तुम्हारे बीच अल्लाह की और जिस किसी के पास किताब का ज्ञान है उसकी, गवाही काफ़ी है।"
14 · इब्राहीम
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
الٓرٰ۠ كِتَابٌ اَنْزَلْنَاهُ اِلَيْكَ لِتُخْرِجَ النَّاسَ مِنَ الظُّلُمَاتِ اِلَى النُّورِ بِاِذْنِ رَبِّهِمْ اِلٰى صِرَاطِ الْعَز۪يزِ الْحَم۪يدِۙ1
अलिफ़॰ लाम॰ रा॰। यह एक किताब है जिसे हमने तुम्हारी ओर अवतरित की है, ताकि तुम मनुष्यों को अँधेरों से निकालकर प्रकाश की ओर ले आओ, उनके रब की अनुमति से प्रभुत्वशाली, प्रशंस्य सत्ता, उस अल्लाह के मार्ग की ओर
اَللّٰهِ الَّذ۪ي لَهُ مَا فِي السَّمٰوَاتِ وَمَا فِي الْاَرْضِۜ وَوَيْلٌ لِلْكَافِر۪ينَ مِنْ عَذَابٍ شَد۪يدٍۙ2
जिसका वह सब है जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है। इनकार करनेवालों के लिए तो एक कठोर यातना के कारण बड़ी तबाही है
اَلَّذ۪ينَ يَسْتَحِبُّونَ الْحَيٰوةَ الدُّنْيَا عَلَى الْاٰخِرَةِ وَيَصُدُّونَ عَنْ سَب۪يلِ اللّٰهِ وَيَبْغُونَهَا عِوَجًاۜ اُو۬لٰٓئِكَ ف۪ي ضَلَالٍ بَع۪يدٍ3
जो आख़िरत की अपेक्षा सांसारिक जीवन को प्राथमिकता देते है और अल्लाह के मार्ग से रोकते है और उसमें टेढ़ पैदा करना चाहते है, वही परले दरजे की गुमराही में पड़े है
وَمَٓا اَرْسَلْنَا مِنْ رَسُولٍ اِلَّا بِلِسَانِ قَوْمِه۪ لِيُبَيِّنَ لَهُمْۜ فَيُضِلُّ اللّٰهُ مَنْ يَشَٓاءُ وَيَهْد۪ي مَنْ يَشَٓاءُۜ وَهُوَ الْعَز۪يزُ الْحَك۪يمُ4
हमने जो रसूल भी भेजा, उसकी अपनी क़ौम की भाषा के साथ ही भेजा, ताकि वह उनके लिए अच्छी तरह खोलकर बयान कर दे। फिर अल्लाह जिसे चाहता है पथभ्रष्ट रहने देता है और जिसे चाहता है सीधे मार्ग पर लगा देता है। वह है भी प्रभुत्वशाली, अत्यन्त तत्वदर्शी
وَلَقَدْ اَرْسَلْنَا مُوسٰى بِاٰيَاتِنَٓا اَنْ اَخْرِجْ قَوْمَكَ مِنَ الظُّلُمَاتِ اِلَى النُّورِ وَذَكِّرْهُمْ بِاَيَّامِ اللّٰهِۜ اِنَّ ف۪ي ذٰلِكَ لَاٰيَاتٍ لِكُلِّ صَبَّارٍ شَكُورٍ5
हमने मूसा को अपनी निशानियों के साथ भेजा था कि "अपनी क़ौम के लोगों को अँधेरों से प्रकाश की ओर निकाल ला और उन्हें अल्लाह के दिवस याद दिला।" निश्चय ही इसमें प्रत्येक धैर्यवान, कृतज्ञ व्यक्ति के लिए कितनी ही निशानियाँ है