308. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

308. पृष्ठ
19 · मरियम
وَاَنْذِرْهُمْ يَوْمَ الْحَسْرَةِ اِذْ قُضِيَ الْاَمْرُۚ وَهُمْ ف۪ي غَفْلَةٍ وَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ39
उन्हें पश्चाताप के दिन से डराओ, जबकि मामले का फ़ैसला कर दिया जाएगा, और उनका हाल यह है कि वे ग़फ़लत में पड़े हुए है और वे ईमान नहीं ला रहे है
اِنَّا نَحْنُ نَرِثُ الْاَرْضَ وَمَنْ عَلَيْهَا وَاِلَيْنَا يُرْجَعُونَ۟40
धरती और जो भी उसके ऊपर है उसके वारिस हम ही रह जाएँगे और हमारी ही ओर उन्हें लौटना होगा
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ اِبْرٰه۪يمَۜ اِنَّهُ كَانَ صِدّ۪يقًا نَبِيًّا41
और इस किताब में इबराहीम की चर्चा करो। निस्संदेह वह एक सत्यवान नबी था
اِذْ قَالَ لِاَب۪يهِ يَٓا اَبَتِ لِمَ تَعْبُدُ مَا لَا يَسْمَعُ وَلَا يُبْصِرُ وَلَا يُغْن۪ي عَنْكَ شَيْـًٔا42
जबकि उसने अपने बाप से कहा, "ऐ मेरे बाप! आप उस चीज़ को क्यों पूजते हो, जो न सुने और न देखे और न आपके कुछ काम आए?
يَٓا اَبَتِ اِنّ۪ي قَدْ جَٓاءَن۪ي مِنَ الْعِلْمِ مَا لَمْ يَاْتِكَ فَاتَّبِعْن۪ٓي اَهْدِكَ صِرَاطًا سَوِيًّا43
ऐ मेरे बाप! मेरे पास ज्ञान आ गया है जो आपके पास नहीं आया। अतः आप मेरा अनुसरण करें, मैं आपको सीधा मार्ग दिखाऊँगा
يَٓا اَبَتِ لَا تَعْبُدِ الشَّيْطَانَۜ اِنَّ الشَّيْطَانَ كَانَ لِلرَّحْمٰنِ عَصِيًّا44
ऐ मेरे बाप! शैतान की बन्दगी न कीजिए। शैतान तो रहमान का अवज्ञाकारी है
يَٓا اَبَتِ اِنّ۪ٓي اَخَافُ اَنْ يَمَسَّكَ عَذَابٌ مِنَ الرَّحْمٰنِ فَتَكُونَ لِلشَّيْطَانِ وَلِيًّا45
ऐ मेरे बाप! मैं डरता हूँ कि कहीं आपको रहमान की कोई यातना न आ पकड़े और आप शैतान के साथी होकर रह जाएँ।"
قَالَ اَرَاغِبٌ اَنْتَ عَنْ اٰلِهَت۪ي يَٓا اِبْرٰه۪يمُۚ لَئِنْ لَمْ تَنْتَهِ۬ لَاَرْجُمَنَّكَ وَاهْجُرْن۪ي مَلِيًّا46
उसने कहा, "ऐ इबराहीम! क्या तू मेरे उपास्यों से फिर गया है? यदि तू बाज़ न आया तो मैं तुझपर पथराव कर दूँगा। तू अलग हो जा मुझसे मुद्दत के लिए!"
قَالَ سَلَامٌ عَلَيْكَۚ سَاَسْتَغْفِرُ لَكَ رَبّ۪يۜ اِنَّهُ كَانَ ب۪ي حَفِيًّا47
कहा, "सलाम है आपको! मैं आपके लिए रब से क्षमा की प्रार्थना करूँगा। वह तो मुझपर बहुत मेहरबान है
وَاَعْتَزِلُكُمْ وَمَا تَدْعُونَ مِنْ دُونِ اللّٰهِ وَاَدْعُوا رَبّ۪يۘ عَسٰٓى اَلَّٓا اَكُونَ بِدُعَٓاءِ رَبّ۪ي شَقِيًّا48
मैं आप लोगों को छोड़ता हूँ और उनको भी जिन्हें अल्लाह से हटकर आप लोग पुकारा करते है। मैं तो अपने रब को पुकारूँगा। आशा है कि मैं अपने रब को पुकारकर बेनसीब नहीं रहूँगा।"
فَلَمَّا اعْتَزَلَهُمْ وَمَا يَعْبُدُونَ مِنْ دُونِ اللّٰهِۙ وَهَبْنَا لَهُٓ اِسْحٰقَ وَيَعْقُوبَۜ وَكُلًّا جَعَلْنَا نَبِيًّا49
फिर जब वह उन लोगों से और जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पूजते थे उनसे अलग हो गया, तो हमने उसे इसहाक़ और याक़ूब प्रदान किए और हर एक को हमने नबी बनाया
وَوَهَبْنَا لَهُمْ مِنْ رَحْمَتِنَا وَجَعَلْنَا لَهُمْ لِسَانَ صِدْقٍ عَلِيًّا۟50
और उन्हें अपनी दयालुता से हिस्सा दिया। और उन्हें एक सच्ची उच्च ख्याति प्रदान की
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ مُوسٰىۘ اِنَّهُ كَانَ مُخْلَصًا وَكَانَ رَسُولًا نَبِيًّا51
और इस किताब में मूसा की चर्चा करो। निस्संदेह वह चुना हुआ था और एक रसूल, नबी था