309. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
19 · मरियम
وَنَادَيْنَاهُ مِنْ جَانِبِ الطُّورِ الْاَيْمَنِ وَقَرَّبْنَاهُ نَجِيًّا52
हमने उसे 'तूर' के मुबारक छोर से पुकारा और रहस्य की बातें करने के लिए हमने उसे समीप किया
وَوَهَبْنَا لَهُ مِنْ رَحْمَتِنَٓا اَخَاهُ هٰرُونَ نَبِيًّا53
और अपनी दयालुता से अपने भाई हारून को नबी बनाकर उसे दिया
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ اِسْمٰع۪يلَۘ اِنَّهُ كَانَ صَادِقَ الْوَعْدِ وَكَانَ رَسُولًا نَبِيًّاۚ54
और इस किताब में इसमाईल की चर्चा करो। निस्संदेह वह वादे का सच्च, नबी था
وَكَانَ يَاْمُرُ اَهْلَهُ بِالصَّلٰوةِ وَالزَّكٰوةِۖ وَكَانَ عِنْدَ رَبِّه۪ مَرْضِيًّا55
और अपने लोगों को नमाज़ और ज़कात का हुक्म देता था। और वह अपने रब के यहाँ प्रीतिकर व्यक्ति था
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ اِدْر۪يسَۘ اِنَّهُ كَانَ صِدّ۪يقًا نَبِيًّاۗ56
और इस किताब में इदरीस की भी चर्चा करो। वह अत्यन्त सत्यवान, एक नबी था
وَرَفَعْنَاهُ مَكَانًا عَلِيًّا57
हमने उसे उच्च स्थान पर उठाया था
اُو۬لٰٓئِكَ الَّذ۪ينَ اَنْعَمَ اللّٰهُ عَلَيْهِمْ مِنَ النَّبِيّ۪نَ مِنْ ذُرِّيَّةِ اٰدَمَ وَمِمَّنْ حَمَلْنَا مَعَ نُوحٍۘ وَمِنْ ذُرِّيَّةِ اِبْرٰه۪يمَ وَاِسْرَٓاء۪يلَ وَمِمَّنْ هَدَيْنَا وَاجْتَبَيْنَاۜ اِذَا تُتْلٰى عَلَيْهِمْ اٰيَاتُ الرَّحْمٰنِ خَرُّوا سُجَّدًا وَبُكِيًّا58
ये वे पैग़म्बर है जो अल्लाह के कृपापात्र हुए, आदम की सन्तान में से और उन लोगों के वंशज में से जिनको हमने नूह के साथ सवार किया, और इबराहीम और इसराईल के वंशज में से और उनमें से जिनको हमने सीधा मार्ग दिखाया और चुन लिया। जब उन्हें रहमान की आयतें सुनाई जातीं तो वे सजदा करते और रोते हुए गिर पड़ते थे
فَخَلَفَ مِنْ بَعْدِهِمْ خَلْفٌ اَضَاعُوا الصَّلٰوةَ وَاتَّبَعُوا الشَّهَوَاتِ فَسَوْفَ يَلْقَوْنَ غَيًّاۙ59
फिर उनके पश्चात ऐसे बुरे लोग उनके उत्तराधिकारी हुए, जिन्होंने नमाज़ को गँवाया और मन की इच्छाओं के पीछे पड़े। अतः जल्द ही वे गुमराही (के परिणाम) से दोचार होंगा
اِلَّا مَنْ تَابَ وَاٰمَنَ وَعَمِلَ صَالِحًا فَاُو۬لٰٓئِكَ يَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ وَلَا يُظْلَمُونَ شَيْـًٔاۙ60
किन्तु जो तौबा करे और ईमान लाए और अच्छा कर्म करे, तो ऐसे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे। उनपर कुछ भी ज़ुल्म न होगा। -
جَنَّاتِ عَدْنٍۨ الَّت۪ي وَعَدَ الرَّحْمٰنُ عِبَادَهُ بِالْغَيْبِۜ اِنَّهُ كَانَ وَعْدُهُ مَاْتِيًّا61
अदन (रहने) के बाग़ जिनका रहमान ने अपने बन्दों से परोक्ष में होते हुए वादा किया है। निश्चय ही उसके वादे पर उपस्थित हाना है। -
لَا يَسْمَعُونَ ف۪يهَا لَغْوًا اِلَّا سَلَامًاۜ وَلَهُمْ رِزْقُهُمْ ف۪يهَا بُكْرَةً وَعَشِيًّا62
वहाँ वे 'सलाम' के सिवा कोई व्यर्थ बात नहीं सुनेंगे। उनकी रोज़ी उन्हें वहाँ प्रातः और सन्ध्या समय प्राप्त होती रहेगी
تِلْكَ الْجَنَّةُ الَّت۪ي نُورِثُ مِنْ عِبَادِنَا مَنْ كَانَ تَقِيًّا63
यह है वह जन्नत जिसका वारिस हम अपने बन्दों में से हर उस व्यक्ति को बनाएँगे, जो डर रखनेवाला हो
وَمَا نَتَنَزَّلُ اِلَّا بِاَمْرِ رَبِّكَۚ لَهُ مَا بَيْنَ اَيْد۪ينَا وَمَا خَلْفَنَا وَمَا بَيْنَ ذٰلِكَۚ وَمَا كَانَ رَبُّكَ نَسِيًّاۚ64
हम तुम्हारे रब की आज्ञा के बिना नहीं उतरते। जो कुछ हमारे आगे है और जो कुछ हमारे पीछे है और जो कुछ इसके मध्य है सब उसी का है, और तुम्हारा रब भूलनेवाला नहीं है