312. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

312. पृष्ठ
19 · मरियम
اِنَّ الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ سَيَجْعَلُ لَهُمُ الرَّحْمٰنُ وُدًّا96
निस्संदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए शीघ्र ही रहमान उनके लिए प्रेम उत्पन्न कर देगा
فَاِنَّمَا يَسَّرْنَاهُ بِلِسَانِكَ لِتُبَشِّرَ بِهِ الْمُتَّق۪ينَ وَتُنْذِرَ بِه۪ قَوْمًا لُدًّا97
अतः हमने इस वाणी को तुम्हारी भाषा में इसी लिए सहज एवं उपयुक्त बनाया है, ताकि तुम इसके द्वारा डर रखनेवालों को शुभ सूचना दो और उन झगड़ालू लोगों को इसके द्वारा डराओ
وَكَمْ اَهْلَكْنَا قَبْلَهُمْ مِنْ قَرْنٍۜ هَلْ تُحِسُّ مِنْهُمْ مِنْ اَحَدٍ اَوْ تَسْمَعُ لَهُمْ رِكْزًا98
उनसे पहले कितनी ही नसलों को हम विनष्ट कर चुके है। क्या उनमें किसी की आहट तुम पाते हो या उनकी कोई भनक सुनते हो?
20 · ता हा
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
طٰهٰۜ1
ता॰ हा॰।
مَٓا اَنْزَلْنَا عَلَيْكَ الْقُرْاٰنَ لِتَشْقٰىۙ2
हमने तुमपर यह क़ुरआन इसलिए नहीं उतारा कि तुम मशक़्क़त में पड़ जाओ
اِلَّا تَذْكِرَةً لِمَنْ يَخْشٰىۙ3
यह तो बस एक अनुस्मृति है, उसके लिए जो डरे,
تَنْز۪يلًا مِمَّنْ خَلَقَ الْاَرْضَ وَالسَّمٰوَاتِ الْعُلٰىۜ4
भली-भाँति अवतरित हुआ है उस सत्ता की ओर से, जिसने पैदा किया है धरती और उच्च आकाशों को
اَلرَّحْمٰنُ عَلَى الْعَرْشِ اسْتَوٰى5
वह रहमान है, जो राजासन पर विराजमान हुआ
لَهُ مَا فِي السَّمٰوَاتِ وَمَا فِي الْاَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَمَا تَحْتَ الثَّرٰى6
उसी का है जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है और जो कुछ इन दोनों के मध्य है और जो कुछ आर्द्र मिट्टी के नीचे है
وَاِنْ تَجْهَرْ بِالْقَوْلِ فَاِنَّهُ يَعْلَمُ السِّرَّ وَاَخْفٰى7
तुम चाहे बात पुकार कर कहो (या चुपके से), वह तो छिपी हुई और अत्यन्त गुप्त बात को भी जानता है
اَللّٰهُ لَٓا اِلٰهَ اِلَّا هُوَۜ لَهُ الْاَسْمَٓاءُ الْحُسْنٰى8
अल्लाह, कि उसके सिवा कोई पूज्य-प्रभू नहीं। उसके नाम बहुत ही अच्छे हैं।
وَهَلْ اَتٰيكَ حَد۪يثُ مُوسٰىۢ9
क्या तुम्हें मूसा की भी ख़बर पहुँची?
اِذْ رَاٰ نَارًا فَقَالَ لِاَهْلِهِ امْكُثُٓوا اِنّ۪ٓي اٰنَسْتُ نَارًا لَعَلّ۪ٓي اٰت۪يكُمْ مِنْهَا بِقَبَسٍ اَوْ اَجِدُ عَلَى النَّارِ هُدًى10
जबकि उसने एक आग देखी तो उसने अपने घरवालों से कहा, "ठहरो! मैंने एक आग देखी है। शायद कि तुम्हारे लिए उसमें से कोई अंगारा ले आऊँ या उस आग पर मैं मार्ग का पता पा लूँ।"
فَلَمَّٓا اَتٰيهَا نُودِيَ يَا مُوسٰى11
फिर जब वह वहाँ पहुँचा तो पुकारा गया, "ऐ मूसा!
اِنّ۪ٓي اَنَا۬ رَبُّكَ فَاخْلَعْ نَعْلَيْكَۚ اِنَّكَ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًىۜ12
मैं ही तेरा रब हूँ। अपने जूते उतार दे। तू पवित्र घाटी 'तुवा' में है