318. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

318. पृष्ठ
20 · ता हा
فَاَخْرَجَ لَهُمْ عِجْلًا جَسَدًا لَهُ خُوَارٌ فَقَالُوا هٰذَٓا اِلٰهُكُمْ وَاِلٰهُ مُوسٰى فَنَسِيَۜ88
और उसने उनके लिए एक बछड़ा ढालकर निकाला, एक धड़ जिसकी आवाज़ बैल की थी। फिर उन्होंने कहा, "यही तुम्हारा इष्ट-पूज्य है और मूसा का भी इष्ट -पूज्य है, किन्तु वह भूल गया है।"
اَفَلَا يَرَوْنَ اَلَّا يَرْجِعُ اِلَيْهِمْ قَوْلًاۙ وَلَا يَمْلِكُ لَهُمْ ضَرًّا وَلَا نَفْعًا۟89
क्या वे देखते न थे कि न वह किसी बात का उत्तर देता है और न उसे उनकी हानि का कुछ अधिकार प्राप्त है और न लाभ का?
وَلَقَدْ قَالَ لَهُمْ هٰرُونُ مِنْ قَبْلُ يَا قَوْمِ اِنَّمَا فُتِنْتُمْ بِه۪ۚ وَاِنَّ رَبَّكُمُ الرَّحْمٰنُ فَاتَّبِعُون۪ي وَاَط۪يعُٓوا اَمْر۪ي90
और हारून इससे पहले उनसे कह भी चुका था कि "मेरी क़ौम के लोगों! तुम इसके कारण बस फ़ितने में पड़ गए हो। तुम्हारा रब तो रहमान है। अतः तुम मेरा अनुसरण करो और मेरी बात मानो।"
قَالُوا لَنْ نَبْرَحَ عَلَيْهِ عَاكِف۪ينَ حَتّٰى يَرْجِعَ اِلَيْنَا مُوسٰى91
उन्होंने कहा, "जब तक मूसा लौटकर हमारे पास न आ जाए, हम तो इससे ही लगे बैठे रहेंगे।"
قَالَ يَا هٰرُونُ مَا مَنَعَكَ اِذْ رَاَيْتَهُمْ ضَلُّواۙ92
उसने कहा, "ऐ हारून! जब तुमने देखा कि ये पथभ्रष्ट हो गए है, तो किस चीज़ ने तुम्हें रोका
اَلَّا تَتَّبِعَنِۜ اَفَعَصَيْتَ اَمْر۪ي93
कि तुमने मेरा अनुसरण न किया? क्या तुमने मेरे आदेश की अवहेलना की?"
قَالَ يَبْنَؤُمَّ لَا تَاْخُذْ بِلِحْيَت۪ي وَلَا بِرَاْس۪يۚ اِنّ۪ي خَش۪يتُ اَنْ تَقُولَ فَرَّقْتَ بَيْنَ بَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَ وَلَمْ تَرْقُبْ قَوْل۪ي94
उसने कहा, "ऐ मेरी माँ के बेटे! मेरी दाढ़ी न पकड़ और न मेरा सिर! मैं डरा कि तू कहेंगा कि तूने इसराईल की सन्तान में फूट डाल दी और मेरी बात पर ध्यान न दिया।"
قَالَ فَمَا خَطْبُكَ يَا سَامِرِيُّ95
(मूसा ने) कहा, "ऐ सामरी! तेरा क्या मामला है?"
قَالَ بَصُرْتُ بِمَا لَمْ يَبْصُرُوا بِه۪ فَقَبَضْتُ قَبْضَةً مِنْ اَثَرِ الرَّسُولِ فَنَبَذْتُهَا وَكَذٰلِكَ سَوَّلَتْ ل۪ي نَفْس۪ي96
उसने कहा, "मुझे उसकी सूझ प्राप्त हुई, जिसकी सूझ उन्हें प्राप्त॥ न हुई। फिर मैंने रसूल के पद-चिन्ह से एक मुट्ठी उठा ली। फिर उसे डाल दिया और मेरे जी ने मुझे कुछ ऐसा ही सुझाया।"
قَالَ فَاذْهَبْ فَاِنَّ لَكَ فِي الْحَيٰوةِ اَنْ تَقُولَ لَا مِسَاسَۖ وَاِنَّ لَكَ مَوْعِدًا لَنْ تُخْلَفَهُۚ وَانْظُرْ اِلٰٓى اِلٰهِكَ الَّذ۪ي ظَلْتَ عَلَيْهِ عَاكِفًاۜ لَنُحَرِّقَنَّهُ ثُمَّ لَنَنْسِفَنَّهُ فِي الْيَمِّ نَسْفًا97
कहा, "अच्छा, तू जा! अब इस जीवन में तेरे लिए यही है कि कहता रहे, कोई छुए नहीं! और निश्चित वादा है, जो तेरे लिए एक निश्चित वादा है, जो तुझपर से कदापि न टलेगा। और देख अपने इष्ट-पूज्य को जिसपर तू रीझा-जमा बैठा था! हम उसे जला डालेंगे, फिर उसे चूर्ण-विचूर्ण करके दरिया में बिखेर देंगे।"
اِنَّمَٓا اِلٰهُكُمُ اللّٰهُ الَّذ۪ي لَٓا اِلٰهَ اِلَّا هُوَۜ وَسِعَ كُلَّ شَيْءٍ عِلْمًا98
"तुम्हारा पूज्य-प्रभु तो बस वही अल्लाह है, जिसके अतिरिक्त कोई पूज्य-प्रभु नहीं। वह अपने ज्ञान से हर चीज़ पर हावी है।"