328. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
21 · अल-अंबिया
وَجَعَلْنَاهُمْ اَئِمَّةً يَهْدُونَ بِاَمْرِنَا وَاَوْحَيْنَٓا اِلَيْهِمْ فِعْلَ الْخَيْرَاتِ وَاِقَامَ الصَّلٰوةِ وَا۪يتَٓاءَ الزَّكٰوةِۚ وَكَانُوا لَنَا عَابِد۪ينَۙ73
और हमने उन्हें नायक बनाया कि वे हमारे आदेश से मार्ग दिखाते थे और हमने उनकी ओर नेक कामों के करने और नमाज़ की पाबन्दी करने और ज़कात देने की प्रकाशना की, और वे हमारी बन्दगी में लगे हुए थे
وَلُوطًا اٰتَيْنَاهُ حُكْمًا وَعِلْمًا وَنَجَّيْنَاهُ مِنَ الْقَرْيَةِ الَّت۪ي كَانَتْ تَعْمَلُ الْخَبَٓائِثَۜ اِنَّهُمْ كَانُوا قَوْمَ سَوْءٍ فَاسِق۪ينَۙ74
और रहा लूत तो उसे हमने निर्णय-शक्ति और ज्ञान प्रदान किया और उसे उस बस्ती से छुटकारा दिया जो गन्दे कर्म करती थी। वास्तव में वह बहुत ही बुरी और अवज्ञाकारी क़ौम थी
وَاَدْخَلْنَاهُ ف۪ي رَحْمَتِنَاۜ اِنَّهُ مِنَ الصَّالِح۪ينَ۟75
और उसको हमने अपनी दयालुता में प्रवेश कराया। निस्संदेह वह अच्छे लोगों में से था
وَنُوحًا اِذْ نَادٰى مِنْ قَبْلُ فَاسْتَجَبْنَا لَهُ فَنَجَّيْنَاهُ وَاَهْلَهُ مِنَ الْكَرْبِ الْعَظ۪يمِۚ76
और नूह की भी चर्चा करो, जबकि उसने इससे पहले हमें पुकारा था, तो हमने उसकी सुन ली और हमने उसे और उसके लोगों को बड़े क्लेश से छुटकारा दिया
وَنَصَرْنَاهُ مِنَ الْقَوْمِ الَّذ۪ينَ كَذَّبُوا بِاٰيَاتِنَاۜ اِنَّهُمْ كَانُوا قَوْمَ سَوْءٍ فَاَغْرَقْنَاهُمْ اَجْمَع۪ينَ77
औऱ उस क़ौम के मुक़ाबले में जिसने हमारी आयतों को झुठला दिया था, हमने उसकी सहायता की। वास्तव में वे बुरे लोग थे। अतः हमने उन सबको डूबो दिया
وَدَاوُ۫دَ وَسُلَيْمٰنَ اِذْ يَحْكُمَانِ فِي الْحَرْثِ اِذْ نَفَشَتْ ف۪يهِ غَنَمُ الْقَوْمِۚ وَكُنَّا لِحُكْمِهِمْ شَاهِد۪ينَۙ78
औऱ दाऊद और सुलैमान पर भी हमने कृपा-स्पष्ट की। याद करो जबकि वे दोनों खेती के एक झगड़े का निबटारा कर रहे थे, जब रात को कुछ लोगों की बकरियाँ उसे रौंद गई थीं। और उनका (क़ौम के लोगों का) फ़ैसला हमारे सामने था
فَفَهَّمْنَاهَا سُلَيْمٰنَۚ وَكُلًّا اٰتَيْنَا حُكْمًا وَعِلْمًاۘ وَسَخَّرْنَا مَعَ دَاوُ۫دَ الْجِبَالَ يُسَبِّحْنَ وَالطَّيْرَۜ وَكُنَّا فَاعِل۪ينَ79
तब हमने उसे सुलैमान को समझा दिया और यूँ तो हरेक को हमने निर्णय-शक्ति और ज्ञान प्रदान किया था। और दाऊद के साथ हमने पहाड़ों को वशीभूत कर दिया था, जो तसबीह करते थे, और पक्षियों को भी। और ऐसा करनेवाले हम भी थे
وَعَلَّمْنَاهُ صَنْعَةَ لَبُوسٍ لَكُمْ لِتُحْصِنَكُمْ مِنْ بَاْسِكُمْۚ فَهَلْ اَنْتُمْ شَاكِرُونَ80
और हमने उसे तुम्हारे लिए एक परिधान (बनाने) की शिल्प-कला भी सिखाई थी, ताकि युद्ध में वह तुम्हारी रक्षा करे। फिर क्या तुम आभार मानते हो?
وَلِسُلَيْمٰنَ الرّ۪يحَ عَاصِفَةً تَجْر۪ي بِاَمْرِه۪ٓ اِلَى الْاَرْضِ الَّت۪ي بَارَكْنَا ف۪يهَاۜ وَكُنَّا بِكُلِّ شَيْءٍ عَالِم۪ينَ81
और सुलैमान के लिए हमने तेज वायु को वशीभूत कर दिया था, जो उसके आदेश से उस भूभाग की ओर चलती थी जिसे हमने बरकत दी थी। हम तो हर चीज़ का ज्ञान रखते है