330. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

330. पृष्ठ
21 · अल-अंबिया
وَالَّت۪ٓي اَحْصَنَتْ فَرْجَهَا فَنَفَخْنَا ف۪يهَا مِنْ رُوحِنَا وَجَعَلْنَاهَا وَابْنَهَٓا اٰيَةً لِلْعَالَم۪ينَ91
और वह नारी जिसने अपने सतीत्व की रक्षा की थी, हमने उसके भीतर अपनी रूह फूँकी और उसे और उसके बेटे को सारे संसार के लिए एक निशानी बना दिया
اِنَّ هٰذِه۪ٓ اُمَّتُكُمْ اُمَّةً وَاحِدَةًۘ وَاَنَا۬ رَبُّكُمْ فَاعْبُدُونِ92
"निश्चय ही यह तुम्हारा समुदाय एक ही समुदाय है और मैं तुम्हारा रब हूँ। अतः तुम मेरी बन्दगी करो।"
وَتَقَطَّعُٓوا اَمْرَهُمْ بَيْنَهُمْۜ كُلٌّ اِلَيْنَا رَاجِعُونَ۟93
किन्तु उन्होंने आपस में अपने मामलों को टुकड़े-टुकड़े कर डाला। - प्रत्येक को हमारी ओर पलटना है। -
فَمَنْ يَعْمَلْ مِنَ الصَّالِحَاتِ وَهُوَ مُؤْمِنٌ فَلَا كُفْرَانَ لِسَعْيِه۪ۚ وَاِنَّا لَهُ كَاتِبُونَ94
फिर जो अच्छे कर्म करेगा, शर्त या कि वह मोमिन हो, तो उसके प्रयास की उपेक्षा न होगी। हम तो उसके लिए उसे लिख रहे है
وَحَرَامٌ عَلٰى قَرْيَةٍ اَهْلَكْنَاهَٓا اَنَّهُمْ لَا يَرْجِعُونَ95
और किसी बस्ती के लिए असम्भव है जिसे हमने विनष्ट कर दिया कि उसके लोग (क़ियामत के दिन दंड पाने हेतु) न लौटें
حَتّٰٓى اِذَا فُتِحَتْ يَاْجُوجُ وَمَاْجُوجُ وَهُمْ مِنْ كُلِّ حَدَبٍ يَنْسِلُونَ96
यहाँ तक कि वह समय आ जाए जब याजूज और माजूज खोल दिए जाएँगे। और वे हर ऊँची जगह से निकल पड़ेंगे
وَاقْتَرَبَ الْوَعْدُ الْحَقُّ فَاِذَا هِيَ شَاخِصَةٌ اَبْصَارُ الَّذ۪ينَ كَفَرُواۜ يَا وَيْلَنَا قَدْ كُنَّا ف۪ي غَفْلَةٍ مِنْ هٰذَا بَلْ كُنَّا ظَالِم۪ينَ97
और सच्चा वादा निकट आ लगेगा, तो क्या देखेंगे कि उन लोगों की आँखें फटी की फटी रह गई हैं, जिन्होंने इनकार किया था, "हाय, हमारा दुर्भाग्य! हम इसकी ओर से असावधान रहे, बल्कि हम ही अत्याचारी थे।"
اِنَّكُمْ وَمَا تَعْبُدُونَ مِنْ دُونِ اللّٰهِ حَصَبُ جَهَنَّمَۜ اَنْتُمْ لَهَا وَارِدُونَ98
"निश्चय ही तुम और वह कुछ जिनको तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो सब जहन्नम के ईधन हो। तुम उसके घाट उतरोगे।"
لَوْ كَانَ هٰٓؤُ۬لَٓاءِ اٰلِهَةً مَا وَرَدُوهَاۜ وَكُلٌّ ف۪يهَا خَالِدُونَ99
यदि वे पूज्य होते, तो उसमें न उतरते। और वे सब उसमें सदैव रहेंगे भी
لَهُمْ ف۪يهَا زَف۪يرٌ وَهُمْ ف۪يهَا لَا يَسْمَعُونَ100
उनके लिए वहाँ शोर गुल होगा और वे वहाँ कुछ भी नहीं सुन सकेंगे
اِنَّ الَّذ۪ينَ سَبَقَتْ لَهُمْ مِنَّا الْحُسْنٰٓىۙ اُو۬لٰٓئِكَ عَنْهَا مُبْعَدُونَۙ101
रहे वे लोग जिनके लिए पहले ही हमारी ओर से अच्छे इनाम का वादा हो चुका है, वे उससे दूर रहेंगे