369. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
26 · अश-शुअरा
لَعَلَّنَا نَتَّبِعُ السَّحَرَةَ اِنْ كَانُوا هُمُ الْغَالِب۪ينَ40
कदाचित हम जादूगरों ही के अनुयायी रह जाएँ, यदि वे विजयी हुए
فَلَمَّا جَٓاءَ السَّحَرَةُ قَالُوا لِفِرْعَوْنَ اَئِنَّ لَنَا لَاَجْرًا اِنْ كُنَّا نَحْنُ الْغَالِب۪ينَ41
फिर जब जादूगर आए तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा, "क्या हमारे लिए कोई प्रतिदान भी है, यदि हम प्रभावी रहे?"
قَالَ نَعَمْ وَاِنَّكُمْ اِذًا لَمِنَ الْمُقَرَّب۪ينَ42
उसने कहा, "हाँ, और निश्चित ही तुम तो उस समय निकटतम लोगों में से हो जाओगे।"
قَالَ لَهُمْ مُوسٰٓى اَلْقُوا مَٓا اَنْتُمْ مُلْقُونَ43
मूसा ने उनसे कहा, "डालो, जो कुछ तुम्हें डालना है।"
فَاَلْقَوْا حِبَالَهُمْ وَعِصِيَّهُمْ وَقَالُوا بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ اِنَّا لَنَحْنُ الْغَالِبُونَ44
तब उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ डाल दी और बोले, "फ़िरऔन के प्रताप से हम ही विजयी रहेंगे।"
فَاَلْقٰى مُوسٰى عَصَاهُ فَاِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَاْفِكُونَۚ45
फिर मूसा ने अपनी लाठी फेकी तो क्या देखते है कि वह उसे स्वाँग को, जो वे रचाते है, निगलती जा रही है
فَاُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِد۪ينَۙ46
इसपर जादूगर सजदे में गिर पड़े
قَالُٓوا اٰمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَم۪ينَۙ47
वे बोल उठे, "हम सारे संसार के रब पर ईमान ले आए -
رَبِّ مُوسٰى وَهٰرُونَ48
मूसा और हारून के रब पर!"
قَالَ اٰمَنْتُمْ لَهُ قَبْلَ اَنْ اٰذَنَ لَكُمْۚ اِنَّهُ لَكَب۪يرُكُمُ الَّذ۪ي عَلَّمَكُمُ السِّحْرَۚ فَلَسَوْفَ تَعْلَمُونَۜ لَاُقَطِّعَنَّ اَيْدِيَكُمْ وَاَرْجُلَكُمْ مِنْ خِلَافٍ وَلَاُصَلِّبَنَّكُمْ اَجْمَع۪ينَ49
उसने कहा, "तुमने उसको मान लिया, इससे पहले कि मैं तुम्हें अनुमति देता। निश्चय ही वह तुम सबका प्रमुख है, जिसने तुमको जादू सिखाया है। अच्छा, शीघ्र ही तुम्हें मालूम हुआ जाता है! मैं तुम्हारे हाथ और पाँव विपरीत दिशाओं से कटवा दूँगा और तुम सभी को सूली पर चढ़ा दूँगा।"
قَالُوا لَا ضَيْرَۘ اِنَّٓا اِلٰى رَبِّنَا مُنْقَلِبُونَۚ50
उन्होंने कहा, "कुछ हरज नहीं; हम तो अपने रब ही की ओर पलटकर जानेवाले है
اِنَّا نَطْمَعُ اَنْ يَغْفِرَ لَنَا رَبُّنَا خَطَايَانَٓا اَنْ كُنَّٓا اَوَّلَ الْمُؤْمِن۪ينَۜ۟51
हमें तो इसी की लालसा है कि हमारा रब हमारी ख़ताओं को क्षमा कर दें, क्योंकि हम सबसे पहले ईमान लाए।"
وَاَوْحَيْنَٓا اِلٰى مُوسٰٓى اَنْ اَسْرِ بِعِبَاد۪ٓي اِنَّكُمْ مُتَّبَعُونَ52
हमने मूसा की ओर प्रकाशना की, "मेरे बन्दों को लेकर रातों-रात निकल जा। निश्चय ही तुम्हारा पीछा किया जाएगा।"
فَاَرْسَلَ فِرْعَوْنُ فِي الْمَدَٓائِنِ حَاشِر۪ينَۚ53
इसपर फ़िरऔन ने एकत्र करनेवालों को नगर में भेजा
اِنَّ هٰٓؤُ۬لَٓاءِ لَشِرْذِمَةٌ قَل۪يلُونَۙ54
कि "यह गिरे-पड़े थोड़े लोगों का एक गिरोह है,
وَاِنَّهُمْ لَنَا لَغَٓائِظُونَۙ55
और ये हमें क्रुद्ध कर रहे है।
وَاِنَّا لَجَم۪يعٌ حَاذِرُونَۜ56
और हम चौकन्ना रहनेवाले लोग है।"
فَاَخْرَجْنَاهُمْ مِنْ جَنَّاتٍ وَعُيُونٍۙ57
इस प्रकार हम उन्हें बाग़ों और स्रोतों
وَكُنُوزٍ وَمَقَامٍ كَر۪يمٍۙ58
और ख़जानों और अच्छे स्थान से निकाल लाए
كَذٰلِكَۜ وَاَوْرَثْنَاهَا بَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَۚ59
ऐसा ही हम करते है और इनका वारिस हमने इसराईल की सन्तान को बना दिया
فَاَتْبَعُوهُمْ مُشْرِق۪ينَ60
सुबह-तड़के उन्होंने उनका पीछा किया