383. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
27 · अन-नमल
اَمَّنْ يَبْدَؤُا الْخَلْقَ ثُمَّ يُع۪يدُهُ وَمَنْ يَرْزُقُكُمْ مِنَ السَّمَٓاءِ وَالْاَرْضِۜ ءَاِلٰهٌ مَعَ اللّٰهِۜ قُلْ هَاتُوا بُرْهَانَكُمْ اِنْ كُنْتُمْ صَادِق۪ينَ64
या वह जो सृष्टि का आरम्भ करता है, फिर उसकी पुनरावृत्ति भी करता है, और जो तुमको आकाश और धरती से रोज़ी देता है? क्या अल्लाह के साथ कोई और प्रभ पूज्य है? कहो, "लाओ अपना प्रमाण, यदि तुम सच्चे हो।"
قُلْ لَا يَعْلَمُ مَنْ فِي السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِ الْغَيْبَ اِلَّا اللّٰهُۜ وَمَا يَشْعُرُونَ اَيَّانَ يُبْعَثُونَ65
कहो, "आकाशों और धरती में जो भी है, अल्लाह के सिवा किसी को भी परोक्ष का ज्ञान नहीं है। और न उन्हें इसकी चेतना प्राप्त है कि वे कब उठाए जाएँगे।"
بَلِ ادَّارَكَ عِلْمُهُمْ فِي الْاٰخِرَةِ۠ بَلْ هُمْ ف۪ي شَكٍّ مِنْهَا۠ بَلْ هُمْ مِنْهَا عَمُونَ۟66
बल्कि आख़िरत के विषय में उनका ज्ञान पक्का हो गया है, बल्कि ये उसकी ओर से कुछ संदेह में है, बल्कि वे उससे अंधे है
وَقَالَ الَّذ۪ينَ كَفَرُٓوا ءَاِذَا كُنَّا تُرَابًا وَاٰبَٓاؤُ۬نَٓا اَئِنَّا لَمُخْرَجُونَ67
जिन लोगों ने इनकार किया वे कहते है कि "क्या जब हम मिट्टी हो जाएँगे और हमारे बाप-दादा भी, तो क्या वास्तव में हम (जीवित करके) निकाले जाएँगे?
لَقَدْ وُعِدْنَا هٰذَا نَحْنُ وَاٰبَٓاؤُ۬نَا مِنْ قَبْلُۙ اِنْ هٰذَٓا اِلَّٓا اَسَاط۪يرُ الْاَوَّل۪ينَ68
इसका वादा तो इससे पहले भी किया जा चुका है, हमसे भी और हमारे बाप-दादा से भी। ये तो बस पहले लोगो की कहानियाँ है।"
قُلْ س۪يرُوا فِي الْاَرْضِ فَانْظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُجْرِم۪ينَ69
कहो कि "धरती में चलो-फिरो और देखो कि अपराधियों का कैसा परिणाम हुआ।"
وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَلَا تَكُنْ ف۪ي ضَيْقٍ مِمَّا يَمْكُرُونَ70
उनके प्रति शोकाकुल न हो और न उस चाल से दिल तंग हो, जो वे चल रहे है।
وَيَقُولُونَ مَتٰى هٰذَا الْوَعْدُ اِنْ كُنْتُمْ صَادِق۪ينَ71
वे कहते है, "यह वादा कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?"
قُلْ عَسٰٓى اَنْ يَكُونَ رَدِفَ لَكُمْ بَعْضُ الَّذ۪ي تَسْتَعْجِلُونَ72
कहो, "जिसकी तुम जल्दी मचा रहे हो बहुत सम्भव है कि उसका कोई हिस्सा तुम्हारे पीछे ही लगा हो।"
وَاِنَّ رَبَّكَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلٰكِنَّ اَكْثَرَهُمْ لَا يَشْكُرُونَ73
निश्चय ही तुम्हारा रब तो लोगों पर उदार अनुग्रह करनेवाला है, किन्तु उनमें से अधिकतर लोग कृतज्ञता नहीं दिखाते
وَاِنَّ رَبَّكَ لَيَعْلَمُ مَا تُكِنُّ صُدُورُهُمْ وَمَا يُعْلِنُونَ74
निश्चय ही तुम्हारा रह भली-भाँति जानता है, जो कुछ उनके सीने छिपाए हुए है और जो कुछ वे प्रकट करते है।
وَمَا مِنْ غَٓائِبَةٍ فِي السَّمَٓاءِ وَالْاَرْضِ اِلَّا ف۪ي كِتَابٍ مُب۪ينٍ75
आकाश और धरती में छिपी कोई भी चीज़ ऐसी नहीं जो एक स्पष्ट किताब में मौजूद न हो
اِنَّ هٰذَا الْقُرْاٰنَ يَقُصُّ عَلٰى بَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَ اَكْثَرَ الَّذ۪ي هُمْ ف۪يهِ يَخْتَلِفُونَ76
निस्संदेह यह क़ुरआन इसराईल की सन्तान को अधिकतर ऐसी बाते खोलकर सुनाता है जिनके विषय में उनसे मतभेद है