385. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

385. पृष्ठ
27 · अन-नमल
مَنْ جَٓاءَ بِالْحَسَنَةِ فَلَهُ خَيْرٌ مِنْهَاۚ وَهُمْ مِنْ فَزَعٍ يَوْمَئِذٍ اٰمِنُونَ89
जो कोई सुचरित लेकर आया उसको उससे भी अच्छा प्राप्त होगा; और ऐसे लोग घबराहट से उस दिन निश्चिन्त होंगे
وَمَنْ جَٓاءَ بِالسَّيِّئَةِ فَكُبَّتْ وُجُوهُهُمْ فِي النَّارِۜ هَلْ تُجْزَوْنَ اِلَّا مَا كُنْتُمْ تَعْمَلُونَ90
और जो कुचरित लेकर आया तो ऐसे लोगों के मुँह आग में औधे होंगे। (और उनसे कहा जाएगा) "क्या तुम उसके सिवा किसी और चीज़ का बदला पा रहे हो, जो तुम करते रहे हो?"
اِنَّمَٓا اُمِرْتُ اَنْ اَعْبُدَ رَبَّ هٰذِهِ الْبَلْدَةِ الَّذ۪ي حَرَّمَهَا وَلَهُ كُلُّ شَيْءٍۘ وَاُمِرْتُ اَنْ اَكُونَ مِنَ الْمُسْلِم۪ينَۙ91
मुझे तो बस यही आदेश मिला है कि इस नगर (मक्का) के रब की बन्दगी करूँ, जिसने इस आदरणीय ठहराया और उसी की हर चीज़ है। और मुझे आदेश मिला है कि मैं आज्ञाकारी बनकर रहूँ
وَاَنْ اَتْلُوَ۬ا الْقُرْاٰنَۚ فَمَنِ اهْتَدٰى فَاِنَّمَا يَهْتَد۪ي لِنَفْسِه۪ۚ وَمَنْ ضَلَّ فَقُلْ اِنَّمَٓا اَنَا۬ مِنَ الْمُنْذِر۪ينَ92
और यह कि क़ुरआन पढ़कर सुनाऊँ। अब जिस किसी ने संमार्ग ग्रहण किया वह अपने ही लिए संमार्ग ग्रहण करेगा। और जो पथभ्रष्टि रहा तो कह दो, "मैं तो बस एक सचेत करनेवाला ही हूँ।"
وَقُلِ الْحَمْدُ لِلّٰهِ سَيُر۪يكُمْ اٰيَاتِه۪ فَتَعْرِفُونَهَاۜ وَمَا رَبُّكَ بِغَافِلٍ عَمَّا تَعْمَلُونَ93
और कहो, "सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है। जल्द ही वह तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखा देगा और तुम उन्हें पहचान लोगे। और तेरा रब उससे बेख़बर नहीं है, जो कुछ तुम सब कर रहे हो।"
28 · अल-क़सस
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
طٰسٓمٓۜ1
ता॰ सीन॰ मीम॰
تِلْكَ اٰيَاتُ الْكِتَابِ الْمُب۪ينِ2
(जो आयतें अवतरित हो रही है) वे स्पष्ट। किताब की आयतें हैं
نَتْلُوا عَلَيْكَ مِنْ نَبَاِ مُوسٰى وَفِرْعَوْنَ بِالْحَقِّ لِقَوْمٍ يُؤْمِنُونَ3
हम उन्हें मूसा और फ़िरऔन का कुछ वृत्तान्त ठीक-ठीक सुनाते है, उन लोगों के लिए जो ईमान लाना चाहें
اِنَّ فِرْعَوْنَ عَلَا فِي الْاَرْضِ وَجَعَلَ اَهْلَهَا شِيَعًا يَسْتَضْعِفُ طَٓائِفَةً مِنْهُمْ يُذَبِّحُ اَبْنَٓاءَهُمْ وَيَسْتَحْي۪ نِسَٓاءَهُمْۜ اِنَّهُ كَانَ مِنَ الْمُفْسِد۪ينَ4
निस्संदेह फ़िरऔन ने धरती में सरकशी की और उसके निवासियों को विभिन्न गिरोहों में विभक्त कर दिया। उनमें से एक गिरोह को कमज़ोर कर रखा था। वह उनके बेटों की हत्या करता और उनकी स्त्रियों को जीवित रहने देता। निश्चय ही वह बिगाड़ पैदा करनेवालों में से था
وَنُر۪يدُ اَنْ نَمُنَّ عَلَى الَّذ۪ينَ اسْتُضْعِفُوا فِي الْاَرْضِ وَنَجْعَلَهُمْ اَئِمَّةً وَنَجْعَلَهُمُ الْوَارِث۪ينَۙ5
और हम यह चाहते थे कि उन लोगों पर उपकार करें, जो धरती में कमज़ोर पड़े थे और उन्हें नायक बनाएँ और उन्हीं को वारिस बनाएँ