39. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
2 · अल-बक़रा
حَافِظُوا عَلَى الصَّلَوَاتِ وَالصَّلٰوةِ الْوُسْطٰى وَقُومُوا لِلّٰهِ قَانِت۪ينَ238
सदैव नमाज़ो की और अच्छी नमाज़ों की पाबन्दी करो, और अल्लाह के आगे पूरे विनीत और शान्तभाव से खड़े हुआ करो
فَاِنْ خِفْتُمْ فَرِجَالًا اَوْ رُكْبَانًاۚ فَاِذَٓا اَمِنْتُمْ فَاذْكُرُوا اللّٰهَ كَمَا عَلَّمَكُمْ مَا لَمْ تَكُونُوا تَعْلَمُونَ239
फिर यदि तुम्हें (शत्रु आदि का) भय हो, तो पैदल या सवार जिस तरह सम्भव हो नमाज़ पढ़ लो। फिर जब निश्चिन्त हो तो अल्लाह को उस प्रकार याद करो जैसाकि उसने तुम्हें सिखाया है, जिसे तुम नहीं जानते थे
وَالَّذ۪ينَ يُتَوَفَّوْنَ مِنْكُمْ وَيَذَرُونَ اَزْوَاجًاۚ وَصِيَّةً لِاَزْوَاجِهِمْ مَتَاعًا اِلَى الْحَوْلِ غَيْرَ اِخْرَاجٍۚ فَاِنْ خَرَجْنَ فَلَا جُنَاحَ عَلَيْكُمْ ف۪ي مَا فَعَلْنَ ف۪ٓي اَنْفُسِهِنَّ مِنْ مَعْرُوفٍۜ وَاللّٰهُ عَز۪يزٌ حَك۪يمٌ240
और तुममें से जिन लोगों की मृत्यु हो जाए और अपने पीछे पत्नियों छोड़ जाए, अर्थात अपनी पत्नियों के हक़ में यह वसीयत छोड़ जाए कि घर से निकाले बिना एक वर्ष तक उन्हें ख़र्च दिया जाए, तो यदि वे निकल जाएँ तो अपने लिए सामान्य नियम के अनुसार वे जो कुछ भी करें उसमें तुम्हारे लिए कोई दोष नहीं। अल्लाह अत्यन्त प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है
وَلِلْمُطَلَّقَاتِ مَتَاعٌ بِالْمَعْرُوفِۜ حَقًّا عَلَى الْمُتَّق۪ينَ241
और तलाक़ पाई हुई स्त्रियों को सामान्य नियम के अनुसार (इद्दत की अवधि में) ख़र्च भी मिलना चाहिए। यह डर रखनेवालो पर एक हक़ है
كَذٰلِكَ يُبَيِّنُ اللّٰهُ لَكُمْ اٰيَاتِه۪ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ۟242
इस प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए अपनी आयतें खोलकर बयान करता है, ताकि तुम समझ से काम लो
اَلَمْ تَرَ اِلَى الَّذ۪ينَ خَرَجُوا مِنْ دِيَارِهِمْ وَهُمْ اُلُوفٌ حَذَرَ الْمَوْتِۖ فَقَالَ لَهُمُ اللّٰهُ مُوتُوا ثُمَّ اَحْيَاهُمْۜ اِنَّ اللّٰهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلٰكِنَّ اَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَشْكُرُونَ243
क्या तुमने उन लोगों को नहीं देखा जो हज़ारों की संख्या में होने पर भी मृत्यु के भय से अपने घर-बार छोड़कर निकले थे? तो अल्लाह ने उनसे कहा, "मृत्यु प्राय हो जाओ तुम।" फिर उसने उन्हें जीवन प्रदान किया। अल्लाह तो लोगों के लिए उदार अनुग्राही है, किन्तु अधिकतर लोग कृतज्ञता नहीं दिखलाते
وَقَاتِلُوا ف۪ي سَب۪يلِ اللّٰهِ وَاعْلَمُٓوا اَنَّ اللّٰهَ سَم۪يعٌ عَل۪يمٌ244
और अल्लाह के मार्ग में युद्ध करो और जान लो कि अल्लाह सब कुछ सुननेवाला, जाननेवाले है
مَنْ ذَا الَّذ۪ي يُقْرِضُ اللّٰهَ قَرْضًا حَسَنًا فَيُضَاعِفَهُ لَهُٓ اَضْعَافًا كَث۪يرَةًۜ وَاللّٰهُ يَقْبِضُ وَيَبْصُۣطُۖ وَاِلَيْهِ تُرْجَعُونَ245
कौन है जो अल्लाह को अच्छा ऋण दे कि अल्लाह उसे उसके लिए कई गुना बढ़ा दे? और अल्लाह ही तंगी भी देता है और कुशादगी भी प्रदान करता है, और उसी की ओर तुम्हें लौटना है