390. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

390. पृष्ठ
28 · अल-क़सस
فَلَمَّا جَٓاءَهُمْ مُوسٰى بِاٰيَاتِنَا بَيِّنَاتٍ قَالُوا مَا هٰذَٓا اِلَّا سِحْرٌ مُفْتَرًى وَمَا سَمِعْنَا بِهٰذَا ف۪ٓي اٰبَٓائِنَا الْاَوَّل۪ينَ36
फिर जब मूसा उनके पास हमारी खुली-खुली निशानियाँ लेकर आया तो उन्होंने कहा, "यह तो बस घड़ा हुआ जादू है। हमने तो यह बात अपने अगले बाप-दादा में कभी सुनी ही नहीं।"
وَقَالَ مُوسٰى رَبّ۪ٓي اَعْلَمُ بِمَنْ جَٓاءَ بِالْهُدٰى مِنْ عِنْدِه۪ وَمَنْ تَكُونُ لَهُ عَاقِبَةُ الدَّارِۜ اِنَّهُ لَا يُفْلِحُ الظَّالِمُونَ37
मूसा ने कहा, "मेरा रब उस व्यक्ति को भली-भाँति जानता है जो उसके यहाँ से मार्गदर्शन लेकर आया है, और उसको भी जिसके लिए अंतिम घर है। निश्चय ही ज़ालिम सफल नहीं होते।"
وَقَالَ فِرْعَوْنُ يَٓا اَيُّهَا الْمَلَاُ مَا عَلِمْتُ لَكُمْ مِنْ اِلٰهٍ غَيْر۪يۚ فَاَوْقِدْ ل۪ي يَا هَامَانُ عَلَى الطّ۪ينِ فَاجْعَلْ ل۪ي صَرْحًا لَعَلّ۪ٓي اَطَّلِعُ اِلٰٓى اِلٰهِ مُوسٰىۙ وَاِنّ۪ي لَاَظُنُّهُ مِنَ الْكَاذِب۪ينَ38
फ़िरऔन ने कहा, "ऐ दरबारवालो, मैं तो अपने सिवा तुम्हारे किसी प्रभु को नहीं जानता। अच्छा तो ऐ हामान! तू मेरे लिए ईटें आग में पकवा। फिर मेरे लिए एक ऊँचा महल बना कि मैं मूसा के प्रभु को झाँक आऊँ। मैं तो उसे झूठा समझता हूँ।"
وَاسْتَكْبَرَ هُوَ وَجُنُودُهُ فِي الْاَرْضِ بِغَيْرِ الْحَقِّ وَظَنُّٓوا اَنَّهُمْ اِلَيْنَا لَا يُرْجَعُونَ39
उसने और उसकी सेनाओं ने धरती में नाहक़ घमंड किया और समझा कि उन्हें हमारी ओर लौटना नहीं है
فَاَخَذْنَاهُ وَجُنُودَهُ فَنَبَذْنَاهُمْ فِي الْيَمِّۚ فَانْظُرْ كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الظَّالِم۪ينَ40
अन्ततः हमने उसे औऱ उसकी सेनाओं को पकड़ लिया और उन्हें गहरे पानी में फेंक दिया। अब देख लो कि ज़ालिमों का कैसा परिणाम हुआ
وَجَعَلْنَاهُمْ اَئِمَّةً يَدْعُونَ اِلَى النَّارِۚ وَيَوْمَ الْقِيٰمَةِ لَا يُنْصَرُونَ41
और हमने उन्हें आग की ओर बुलानेवाले पेशवा बना दिया और क़ियामत के दिन उन्हें कोई सहायता प्राप्त न होगी
وَاَتْبَعْنَاهُمْ ف۪ي هٰذِهِ الدُّنْيَا لَعْنَةًۚ وَيَوْمَ الْقِيٰمَةِ هُمْ مِنَ الْمَقْبُوح۪ينَ۟42
और हमने इस दुनिया में उनके पीछे लानत लगा दी और क़ियामत दिन वही बदहाल होंगे
وَلَقَدْ اٰتَيْنَا مُوسَى الْكِتَابَ مِنْ بَعْدِ مَٓا اَهْلَكْنَا الْقُرُونَ الْاُو۫لٰى بَصَٓائِرَ لِلنَّاسِ وَهُدًى وَرَحْمَةً لَعَلَّهُمْ يَتَذَكَّرُونَ43
और अगली नस्लों को विनष्ट कर देने के पश्चात हमने मूसा को किताब प्रदान की, लोगों के लिए अन्तर्दृष्टियों की सामग्री, मार्गदर्शन और दयालुता बनाकर, ताकि वे ध्यान दें