393. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
28 · अल-क़सस
وَمَٓا اُو۫ت۪يتُمْ مِنْ شَيْءٍ فَمَتَاعُ الْحَيٰوةِ الدُّنْيَا وَز۪ينَتُهَاۚ وَمَا عِنْدَ اللّٰهِ خَيْرٌ وَاَبْقٰىۜ اَفَلَا تَعْقِلُونَ۟60
जो चीज़ भी तुम्हें प्रदान की गई है वह तो सांसारिक जीवन की सामग्री और उसकी शोभा है। और जो कुछ अल्लाह के पास है वह उत्तम और शेष रहनेवाला है, तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
اَفَمَنْ وَعَدْنَاهُ وَعْدًا حَسَنًا فَهُوَ لَاق۪يهِ كَمَنْ مَتَّعْنَاهُ مَتَاعَ الْحَيٰوةِ الدُّنْيَا ثُمَّ هُوَ يَوْمَ الْقِيٰمَةِ مِنَ الْمُحْضَر۪ينَ61
भला वह व्यक्ति जिससे हमने अच्छा वादा किया है और वह उसे पानेवाला भी हो, वह उस व्यक्ति की तरह हो सकता है जिसे हमने सांसारिक जीवन की सामग्री दे दी हो, फिर वह क़ियामत के दिन पकड़कर पेश किया जानेवाला हो?
وَيَوْمَ يُنَاد۪يهِمْ فَيَقُولُ اَيْنَ شُرَكَٓاءِيَ الَّذ۪ينَ كُنْتُمْ تَزْعُمُونَ62
ख़याल करो जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा और कहेगा, "कहाँ है मेरे वे साझीदार जिनका तुम्हें दावा था?"
قَالَ الَّذ۪ينَ حَقَّ عَلَيْهِمُ الْقَوْلُ رَبَّنَا هٰٓؤُ۬لَٓاءِ الَّذ۪ينَ اَغْوَيْنَاۚ اَغْوَيْنَاهُمْ كَمَا غَوَيْنَاۚ تَبَرَّاْنَٓا اِلَيْكَۘ مَا كَانُٓوا اِيَّانَا يَعْبُدُونَ63
जिनपर बात पूरी हो चुकी होगी, वे कहेंगे, "ऐ हमारे रब! ये वे लोग है जिन्हें हमने बहका दिया था। जैसे हम स्वयं बहके थे, इन्हें भी बहकाया। हमने तेरे आगे स्पष्ट कर दिया कि इनसे हमारा कोई सम्बन्ध नहीं। ये हमारी बन्दगी तो करते नहीं थे?"
وَق۪يلَ ادْعُوا شُرَكَٓاءَكُمْ فَدَعَوْهُمْ فَلَمْ يَسْتَج۪يبُوا لَهُمْ وَرَاَوُا الْعَذَابَۚ لَوْ اَنَّهُمْ كَانُوا يَهْتَدُونَ64
कहा जाएगा, "पुकारो, अपने ठहराए हुए साझीदारों को!" तो वे उन्हें पुकारेंगे, किन्तु वे उनको कोई उत्तर न देंगे। और वे यातना देखकर रहेंगे। काश वे मार्ग पानेवाले होते!
وَيَوْمَ يُنَاد۪يهِمْ فَيَقُولُ مَاذَٓا اَجَبْتُمُ الْمُرْسَل۪ينَ65
और ख़याल करो, जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा और कहेगा, "तुमने रसूलों को क्या उत्तर दिया था?"
فَعَمِيَتْ عَلَيْهِمُ الْاَنْبَٓاءُ يَوْمَئِذٍ فَهُمْ لَا يَتَسَٓاءَلُونَ66
उस दिन उन्हें बात न सूझेंगी, फिर वे आपस में भी पूछताछ न करेंगे
فَاَمَّا مَنْ تَابَ وَاٰمَنَ وَعَمِلَ صَالِحًا فَعَسٰٓى اَنْ يَكُونَ مِنَ الْمُفْلِح۪ينَ67
अलबत्ता जिस किसी ने तौबा कर ली और वह ईमान ले आया और अच्छा कर्म किया, तो आशा है वह सफल होनेवालों में से होगा
وَرَبُّكَ يَخْلُقُ مَا يَشَٓاءُ وَيَخْتَارُۜ مَا كَانَ لَهُمُ الْخِيَرَةُۜ سُبْحَانَ اللّٰهِ وَتَعَالٰى عَمَّا يُشْرِكُونَ68
तेरा रब पैदा करता है जो कुछ चाहता है और ग्रहण करता है जो चाहता है। उन्हें कोई अधिकार प्राप्त नहीं। अल्लाह महान और उच्च है उस शिर्क से, जो वे करते है
وَرَبُّكَ يَعْلَمُ مَا تُكِنُّ صُدُورُهُمْ وَمَا يُعْلِنُونَ69
और तेरा रब जानता है जो कुछ उनके सीने छिपाते है और जो कुछ वे लोग व्यक्त करते है
وَهُوَ اللّٰهُ لَٓا اِلٰهَ اِلَّا هُوَۜ لَهُ الْحَمْدُ فِي الْاُو۫لٰى وَالْاٰخِرَةِۘ وَلَهُ الْحُكْمُ وَاِلَيْهِ تُرْجَعُونَ70
और वही अल्लाह है, उसके सिवा कोई इष्ट -पूज्य नहीं। सारी प्रशंसा उसी के लिए है पहले और पिछले जीवन में फ़ैसले का अधिकार उसी को है और उसी की ओर तुम लौटकर जाओगे