414. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

414. पृष्ठ
31 · लुक़मान
اَلَمْ تَرَ اَنَّ اللّٰهَ يُولِجُ الَّيْلَ فِي النَّهَارِ وَيُولِجُ النَّهَارَ فِي الَّيْلِ وَسَخَّرَ الشَّمْسَ وَالْقَمَرَۘ كُلٌّ يَجْر۪ٓي اِلٰٓى اَجَلٍ مُسَمًّى وَاَنَّ اللّٰهَ بِمَا تَعْمَلُونَ خَب۪يرٌ29
क्या तुमने देखा नहीं कि अल्लाह रात को दिन में प्रविष्ट करता है और दिन को रात में प्रविष्ट करता है। उसने सूर्य और चन्द्रमा को काम में लगा रखा है? प्रत्येक एक नियत समय तक चला जा रहा है और इसके साथ यह कि जो कुछ भी तुम करते हो, अल्लाह उसकी पूरी ख़बर रखता है
ذٰلِكَ بِاَنَّ اللّٰهَ هُوَ الْحَقُّ وَاَنَّ مَا يَدْعُونَ مِنْ دُونِهِ الْبَاطِلُۙ وَاَنَّ اللّٰهَ هُوَ الْعَلِيُّ الْكَب۪يرُ۟30
यह सब कुछ इस कारण से है कि अल्लाह ही सत्य है और यह कि उसे छोड़कर जिनको वे पुकारते है, वे असत्य है। और यह कि अल्लाह ही सर्वोच्च, महान है
اَلَمْ تَرَ اَنَّ الْفُلْكَ تَجْر۪ي فِي الْبَحْرِ بِنِعْمَتِ اللّٰهِ لِيُرِيَكُمْ مِنْ اٰيَاتِه۪ۜ اِنَّ ف۪ي ذٰلِكَ لَاٰيَاتٍ لِكُلِّ صَبَّارٍ شَكُورٍ31
क्या तुमने देखा नहीं कि नौका समुद्र में अल्लाह के अनुग्रह से चलती है, ताकि वह तुम्हें अपनी कुछ निशानियाँ दिखाए। निस्संदेह इसमें प्रत्येक धैर्यवान, कृतज्ञ के लिए निशानियाँ है
وَاِذَا غَشِيَهُمْ مَوْجٌ كَالظُّلَلِ دَعَوُا اللّٰهَ مُخْلِص۪ينَ لَهُ الدّ۪ينَۚ فَلَمَّا نَجّٰيهُمْ اِلَى الْبَرِّ فَمِنْهُمْ مُقْتَصِدٌۜ وَمَا يَجْحَدُ بِاٰيَاتِنَٓا اِلَّا كُلُّ خَتَّارٍ كَفُورٍ32
और जब कोई मौज छाया-छत्रों की तरह उन्हें ढाँक लेती है, तो वे अल्लाह को उसी के लिए अपने निष्ठाभाव के विशुद्ध करते हुए पुकारते है, फिर जब वह उन्हें बचाकर स्थल तक पहुँचा देता है, तो उनमें से कुछ लोग संतुलित मार्ग पर रहते है। (अधिकांश तो पुनः पथभ्रष्ट हो जाते है।) हमारी निशानियों का इनकार तो बस प्रत्येक वह व्यक्ति करता है जो विश्वासघाती, कृतध्न हो
يَٓا اَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمْ وَاخْشَوْا يَوْمًا لَا يَجْز۪ي وَالِدٌ عَنْ وَلَدِه۪ۘ وَلَا مَوْلُودٌ هُوَ جَازٍ عَنْ وَالِدِه۪ شَيْـًٔاۜ اِنَّ وَعْدَ اللّٰهِ حَقٌّ فَلَا تَغُرَّنَّكُمُ الْحَيٰوةُ الدُّنْيَا۠ وَلَا يَغُرَّنَّكُمْ بِاللّٰهِ الْغَرُورُ33
ऐ लोगों! अपने रब का डर रखो और उस दिन से डरो जब न कोई बाप अपनी औलाद की ओर से बदला देगा और न कोई औलाद ही अपने बाप की ओर से बदला देनेवाली होगी। निश्चय ही अल्लाह का वादा सच्चा है। अतः सांसारिक जीवन कदापि तुम्हें धोखे में न डाले। और न अल्लाह के विषय में वह धोखेबाज़ तुम्हें धोखें में डाले
اِنَّ اللّٰهَ عِنْدَهُ عِلْمُ السَّاعَةِۚ وَيُنَزِّلُ الْغَيْثَۚ وَيَعْلَمُ مَا فِي الْاَرْحَامِۜ وَمَا تَدْر۪ي نَفْسٌ مَاذَا تَكْسِبُ غَدًاۜ وَمَا تَدْر۪ي نَفْسٌ بِاَيِّ اَرْضٍ تَمُوتُۜ اِنَّ اللّٰهَ عَل۪يمٌ خَب۪يرٌ34
निस्संदेह उस घड़ी का ज्ञान अल्लाह ही के पास है। वही मेंह बरसाता है और जानता है जो कुछ गर्भाशयों में होता है। कोई क्यक्ति नहीं जानता कि कल वह क्या कमाएगा और कोई व्यक्ति नहीं जानता है कि किस भूभाग में उसक मृत्यु होगी। निस्संदेह अल्लाह जाननेवाला, ख़बर रखनेवाला है