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428. पृष्ठ
34 · सबा
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذ۪ي لَهُ مَا فِي السَّمٰوَاتِ وَمَا فِي الْاَرْضِ وَلَهُ الْحَمْدُ فِي الْاٰخِرَةِۜ وَهُوَ الْحَك۪يمُ الْخَب۪يرُ1
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है जिसका वह सब कुछ है जो आकाशों और धरती में है। और आख़िरत में भी उसी के लिए प्रशंसा है। और वही तत्वदर्शी, ख़बर रखनेवाला है
يَعْلَمُ مَا يَلِجُ فِي الْاَرْضِ وَمَا يَخْرُجُ مِنْهَا وَمَا يَنْزِلُ مِنَ السَّمَٓاءِ وَمَا يَعْرُجُ ف۪يهَاۜ وَهُوَ الرَّح۪يمُ الْغَفُورُ2
वह जानता है जो कुछ धरती में प्रविष्ट होता है और जो कुथ उससे निकलता है और जो कुछ आकाश से उतरता है और जो कुछ उसमें चढ़ता है। और वही अत्यन्त दयावान, क्षमाशील है
وَقَالَ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا لَا تَاْت۪ينَا السَّاعَةُۜ قُلْ بَلٰى وَرَبّ۪ي لَتَاْتِيَنَّكُمْ عَالِمِ الْغَيْبِۚ لَا يَعْزُبُ عَنْهُ مِثْقَالُ ذَرَّةٍ فِي السَّمٰوَاتِ وَلَا فِي الْاَرْضِ وَلَٓا اَصْغَرُ مِنْ ذٰلِكَ وَلَٓا اَكْبَرُ اِلَّا ف۪ي كِتَابٍ مُب۪ينٍۙ3
जिन लोगों ने इनकार किया उनका कहना है कि "हमपर क़ियामत की घड़ी नहीं आएगी।" कह दो, "क्यों नहीं, मेरे परोक्ष ज्ञाता रब की क़सम! वह तो तुमपर आकर रहेगी - उससे कणभर भी कोई चीज़ न तो आकाशों में ओझल है और न धरती में, और न इससे छोटी कोई चीज़ और न बड़ी। किन्तु वह एक स्पष्ट किताब में अंकित है। -
لِيَجْزِيَ الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِۜ اُو۬لٰٓئِكَ لَهُمْ مَغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَر۪يمٌ4
"ताकि वह उन लोगों को बदला दे, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए। वहीं है जिनके लिए क्षमा और प्रतिष्ठामय आजीविका है
وَالَّذ۪ينَ سَعَوْ ف۪ٓي اٰيَاتِنَا مُعَاجِز۪ينَ اُو۬لٰٓئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مِنْ رِجْزٍ اَل۪يمٌۗ5
"रहे वे लोग जिन्होंने हमारी आयतों को मात करने का प्रयास किया, वह है जिनके लिए बहुत ही बुरे प्रकार की दुखद यातना है।"
وَيَرَى الَّذ۪ينَ اُو۫تُوا الْعِلْمَ الَّذ۪ٓي اُنْزِلَ اِلَيْكَ مِنْ رَبِّكَ هُوَ الْحَقَّۙ وَيَهْد۪ٓي اِلٰى صِرَاطِ الْعَز۪يزِ الْحَم۪يدِ6
जिन लोगों को ज्ञान प्राप्त हुआ है वे स्वयं देखते है कि जो कुछ तुम्हारे रब की ओर से तुम्हारी ओर अवतरित हुआ है वही सत्य है, और वह उसका मार्ग दिखाता है जो प्रभुत्वशाली, प्रशंसा का अधिकारी है
وَقَالَ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا هَلْ نَدُلُّكُمْ عَلٰى رَجُلٍ يُنَبِّئُكُمْ اِذَا مُزِّقْتُمْ كُلَّ مُمَزَّقٍۙ اِنَّكُمْ لَف۪ي خَلْقٍ جَد۪يدٍۚ7
जिन लोगों ने इनकार किया वे कहते है कि "क्या हम तुम्हें एक ऐसा आदमी बताएँ जो तुम्हें ख़बर देता है कि जब तुम बिलकुल चूर्ण-विचूर्ण हो जाओगे तो तुम नवीन काय में जीवित होगे?"