434. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

434. पृष्ठ
34 · सबा
قُلْ جَٓاءَ الْحَقُّ وَمَا يُبْدِئُ الْبَاطِلُ وَمَا يُع۪يدُ49
कह दो, "सत्य आ गया (असत्य मिट गया) और असत्य न तो आरम्भ करता है और न पुनरावृत्ति ही।"
قُلْ اِنْ ضَلَلْتُ فَاِنَّمَٓا اَضِلُّ عَلٰى نَفْس۪يۚ وَاِنِ اهْتَدَيْتُ فَبِمَا يُوح۪ٓي اِلَيَّ رَبّ۪يۜ اِنَّهُ سَم۪يعٌ قَر۪يبٌ50
कहो, "यदि मैं पथभ्रष्ट॥ हो जाऊँ तो पथभ्रष्ट होकर मैं अपना ही बुरा करूँगा, और यदि मैं सीधे मार्ग पर हूँ, तो इसका कारण वह प्रकाशना है जो मेरा रब मेरी ओर करता है। निस्संदेह वह सब कुछ सुनता है, निकट है।"
وَلَوْ تَرٰٓى اِذْ فَزِعُوا فَلَا فَوْتَ وَاُخِذُوا مِنْ مَكَانٍ قَر۪يبٍۙ51
और यदि तुम देख लेते जब वे घबराए हुए होंगे; फिर बचकर भाग न सकेंगे और निकट स्थान ही से पकड़ लिए जाएँगे
وَقَالُٓوا اٰمَنَّا بِه۪ۚ وَاَنّٰى لَهُمُ التَّنَاوُشُ مِنْ مَكَانٍ بَع۪يدٍۚ52
और कहेंगे, "हम उसपर ईमान ले आए।" हालाँकि उनके लिए कहाँ सम्भव है कि इतने दूरस्थ स्थान से उसको पास सकें
وَقَدْ كَفَرُوا بِه۪ مِنْ قَبْلُۚ وَيَقْذِفُونَ بِالْغَيْبِ مِنْ مَكَانٍ بَع۪يدٍ53
इससे पहले तो उन्होंने उसका इनकार किया और दूरस्थ स्थान से बिन देखे तीर-तूक्के चलाते रहे
وَح۪يلَ بَيْنَهُمْ وَبَيْنَ مَا يَشْتَهُونَ كَمَا فُعِلَ بِاَشْيَاعِهِمْ مِنْ قَبْلُۜ اِنَّهُمْ كَانُوا ف۪ي شَكٍّ مُر۪يبٍ54
उनके और उनकी चाहतों के बीच रोक लगा दी जाएगी; जिस प्रकार इससे पहले उनके सहमार्गी लोगों के साथ मामला किया गया। निश्चय ही वे डाँवाडोल कर देनेवाले संदेह में पड़े रहे हैं
35 · फ़ातिर
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ فَاطِرِ السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِ جَاعِلِ الْمَلٰٓئِكَةِ رُسُلًا اُو۬ل۪ٓي اَجْنِحَةٍ مَثْنٰى وَثُلٰثَ وَرُبَاعَۜ يَز۪يدُ فِي الْخَلْقِ مَا يَشَٓاءُۜ اِنَّ اللّٰهَ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ قَد۪يرٌ1
सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो आकाशों और धरती का पैदा करनेवाला है। दो-दो, तीन-तीन और चार-चार फ़रिश्तों को बाज़ुओंवालों सन्देशवाहक बनाकर नियुक्त करता है। वह संरचना में जैसी चाहता है, अभिवृद्धि करता है। निश्चय ही अल्लाह को हर चीज़ की सामर्थ्य प्राप्त है
مَا يَفْتَحِ اللّٰهُ لِلنَّاسِ مِنْ رَحْمَةٍ فَلَا مُمْسِكَ لَهَاۚ وَمَا يُمْسِكْۙ فَلَا مُرْسِلَ لَهُ مِنْ بَعْدِه۪ۜ وَهُوَ الْعَز۪يزُ الْحَك۪يمُ2
अल्लाह जो दयालुता लोगों के लिए खोल दे उसे कोई रोकनेवाला नहीं और जिसे वह रोक ले तो उसके बाद उसे कोई जारी करनेवाला भी नहीं। वह अत्यन्त प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है
يَٓا اَيُّهَا النَّاسُ اذْكُرُوا نِعْمَتَ اللّٰهِ عَلَيْكُمْۜ هَلْ مِنْ خَالِقٍ غَيْرُ اللّٰهِ يَرْزُقُكُمْ مِنَ السَّمَٓاءِ وَالْاَرْضِۜ لَٓا اِلٰهَ اِلَّا هُوَۘ فَاَنّٰى تُؤْفَكُونَ3
ऐ लोगो! अल्लाह की तुमपर जो अनुकम्पा है, उसे याद करो। क्या अल्लाह के सिवा कोई और पैदा करनेवाला है, जो तुम्हें आकाश और धरती से रोज़ी देता हो? उसके सिवा कोई पूज्य-प्रभु नहीं। तो तुम कहाँ से उलटे भटके चले जा रहे हो?