454. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

454. पृष्ठ
38 · साद
اِصْبِرْ عَلٰى مَا يَقُولُونَ وَاذْكُرْ عَبْدَنَا دَاوُ۫دَ ذَا الْاَيْدِۚ اِنَّهُٓ اَوَّابٌ17
वे जो कुछ कहते है उसपर धैर्य से काम लो और ज़ोर व शक्तिवाले हमारे बन्दे दाऊद को याद करो। निश्चय ही वह (अल्लाह की ओर) बहुत रुजू करनेवाला था
اِنَّا سَخَّرْنَا الْجِبَالَ مَعَهُ يُسَبِّحْنَ بِالْعَشِيِّ وَالْاِشْرَاقِۙ18
हमने पर्वतों को उसके साथ वशीभूत कर दिया था कि प्रातःकाल और सन्ध्य समय तसबीह करते रहे।
وَالطَّيْرَ مَحْشُورَةًۜ كُلٌّ لَهُٓ اَوَّابٌ19
और पक्षियों को भी, जो एकत्र हो जाते थे। प्रत्येक उसके आगे रुजू रहता
وَشَدَدْنَا مُلْكَهُ وَاٰتَيْنَاهُ الْحِكْمَةَ وَفَصْلَ الْخِطَابِ20
हमने उसका राज्य सुदृढ़ कर दिया था और उसे तत्वदर्शिता प्रदान की थी और निर्णायक बात कहने की क्षमता प्रदान की थी
وَهَلْ اَتٰيكَ نَبَؤُ۬ا الْخَصْمِۢ اِذْ تَسَوَّرُوا الْمِحْرَابَۙ21
और क्या तुम्हें उन विवादियों की ख़बर पहुँची है? जब वे दीवार पर चढ़कर मेहराब (एकान्त कक्ष) मे आ पहुँचे
اِذْ دَخَلُوا عَلٰى دَاوُ۫دَ فَفَزِعَ مِنْهُمْ قَالُوا لَا تَخَفْۚ خَصْمَانِ بَغٰى بَعْضُنَا عَلٰى بَعْضٍ فَاحْكُمْ بَيْنَنَا بِالْحَقِّ وَلَا تُشْطِطْ وَاهْدِنَٓا اِلٰى سَوَٓاءِ الصِّرَاطِ22
जब वे दाऊद के पास पहुँचे तो वह उनसे सहम गया। वे बोले, "डरिए नहीं, हम दो विवादी हैं। हममें से एक ने दूसरे पर ज़्यादती की है; तो आप हमारे बीच ठीक-ठीक फ़ैसला कर दीजिए। और बात को दूर न डालिए और हमें ठीक मार्ग बता दीजिए
اِنَّ هٰذَٓا اَخ۪ي لَهُ تِسْعٌ وَتِسْعُونَ نَعْجَةً وَلِيَ نَعْجَةٌ وَاحِدَةٌ فَقَالَ اَكْفِلْن۪يهَا وَعَزَّن۪ي فِي الْخِطَابِ23
यह मेरा भाई है। इसके पास निन्यानबे दुंबियाँ है और मेरे पास एक दुंबी है। अब इसका कहना है कि इसे भी मुझे सौप दे और बातचीत में इसने मुझे दबा लिया।"
قَالَ لَقَدْ ظَلَمَكَ بِسُؤَالِ نَعْجَتِكَ اِلٰى نِعَاجِه۪ۜ وَاِنَّ كَث۪يرًا مِنَ الْخُلَطَٓاءِ لَيَبْغ۪ي بَعْضُهُمْ عَلٰى بَعْضٍ اِلَّا الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَقَل۪يلٌ مَا هُمْۜ وَظَنَّ دَاوُ۫دُ اَنَّمَا فَتَنَّاهُ فَاسْتَغْفَرَ رَبَّهُ وَخَرَّ رَاكِعًا وَاَنَابَ24
उसने कहा, "इसने अपनी दुंबियों के साथ तेरी दुंबी को मिला लेने की माँग करके निश्चय ही तुझपर ज़ुल्म किया है। और निस्संदेह बहुत-से साथ मिलकर रहनेवाले एक-दूसरे पर ज़्यादती करते है, सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए। किन्तु ऐसे लोग थोड़े ही है।" अब दाऊद समझ गया कि यह तो हमने उसे परीक्षा में डाला है। अतः उसने अपने रब से क्षमा-याचना की और झुककर (सीधे सजदे में) गिर पड़ा और रुजू हुआ
فَغَفَرْنَا لَهُ ذٰلِكَۜ وَاِنَّ لَهُ عِنْدَنَا لَزُلْفٰى وَحُسْنَ مَاٰبٍ25
तो हमने उसका वह क़सूर माफ़ कर दिया। और निश्चय ही हमारे यहाँ उसके लिए अनिवार्यतः सामीप्य और उत्तम ठिकाना है
يَا دَاوُ۫دُ اِنَّا جَعَلْنَاكَ خَل۪يفَةً فِي الْاَرْضِ فَاحْكُمْ بَيْنَ النَّاسِ بِالْحَقِّ وَلَا تَتَّبِعِ الْهَوٰى فَيُضِلَّكَ عَنْ سَب۪يلِ اللّٰهِۜ اِنَّ الَّذ۪ينَ يَضِلُّونَ عَنْ سَب۪يلِ اللّٰهِ لَهُمْ عَذَابٌ شَد۪يدٌ بِمَا نَسُوا يَوْمَ الْحِسَابِ۟26
"ऐ दाऊद! हमने धरती में तुझे ख़लीफ़ा (उत्तराधिकारी) बनाया है। अतः तू लोगों के बीच हक़ के साथ फ़ैसला करना और अपनी इच्छा का अनुपालन न करना कि वह तुझे अल्लाह के मार्ग से भटका दे। जो लोग अल्लाह के मार्ग से भटकते है, निश्चय ही उनके लिए कठोर यातना है, क्योंकि वे हिसाब के दिन को भूले रहे।-