469. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

469. पृष्ठ
40 · ग़ाफिर
اَلْيَوْمَ تُجْزٰى كُلُّ نَفْسٍ بِمَا كَسَبَتْۜ لَا ظُلْمَ الْيَوْمَۜ اِنَّ اللّٰهَ سَر۪يعُ الْحِسَابِ17
आज प्रत्येक व्यक्ति को उसकी कमाई का बदला दिया जाएगा। आज कोई ज़ुल्म न होगा। निश्चय ही अल्लाह हिसाब लेने में बहुत तेज है
وَاَنْذِرْهُمْ يَوْمَ الْاٰزِفَةِ اِذِ الْقُلُوبُ لَدَى الْحَنَاجِرِ كَاظِم۪ينَۜ مَا لِلظَّالِم۪ينَ مِنْ حَم۪يمٍ وَلَا شَف۪يعٍ يُطَاعُۜ18
(उन्हें अल्लाह की ओर बुलाओ) और उन्हें निकट आ जानेवाले (क़ियामत के) दिन से सावधान कर दो, जबकि उर (हृदय) कंठ को आ लगे होंगे और वे दबा रहे होंगे। ज़ालिमों का न कोई घनिष्ट मित्र होगा और न ऐसा सिफ़ारिशी जिसकी बात मानी जाए
يَعْلَمُ خَٓائِنَةَ الْاَعْيُنِ وَمَا تُخْفِي الصُّدُورُ19
वह निगाहों की चोरी तक को जानता है और उसे भी जो सीने छिपा रहे होते है
وَاللّٰهُ يَقْض۪ي بِالْحَقِّۜ وَالَّذ۪ينَ يَدْعُونَ مِنْ دُونِه۪ لَا يَقْضُونَ بِشَيْءٍۜ اِنَّ اللّٰهَ هُوَ السَّم۪يعُ الْبَص۪يرُ۟20
अल्लाह ठीक-ठीक फ़ैसला कर देगा। रहे वे लोग जिन्हें वे अल्लाह को छोड़कर पुकारते हैं, वे किसी चीज़ का भी फ़ैसला करनेवाले नहीं। निस्संदेह अल्लाह ही है जो सुनता, देखता है
اَوَلَمْ يَس۪يرُوا فِي الْاَرْضِ فَيَنْظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الَّذ۪ينَ كَانُوا مِنْ قَبْلِهِمْۜ كَانُوا هُمْ اَشَدَّ مِنْهُمْ قُوَّةً وَاٰثَارًا فِي الْاَرْضِ فَاَخَذَهُمُ اللّٰهُ بِذُنُوبِهِمْ وَمَا كَانَ لَهُمْ مِنَ اللّٰهِ مِنْ وَاقٍ21
क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं कि देखते कि उन लोगों का कैसा परिणाम हुआ, जो उनसे पहले गुज़र चुके है? वे शक्ति और धरती में अपने चिन्हों की दृष्टि\ से उनसे कहीं बढ़-चढ़कर थे, फिर उनके गुनाहों के कारण अल्लाह ने उन्हें पकड़ लिया। और अल्लाह से उन्हें बचानेवाला कोई न हुआ
ذٰلِكَ بِاَنَّهُمْ كَانَتْ تَاْت۪يهِمْ رُسُلُهُمْ بِالْبَيِّنَاتِ فَكَفَرُوا فَاَخَذَهُمُ اللّٰهُۜ اِنَّهُ قَوِيٌّ شَد۪يدُ الْعِقَابِ22
वह (बुरा परिणाम) तो इसलिए सामने आया कि उनके पास उनके रसूल स्पष्ट प्रमाण लेकर आते रहे, किन्तु उन्होंने इनकार किया। अन्ततः अल्लाह ने उन्हें पकड़ लिया। निश्चय ही वह बड़ी शक्तिवाला, सज़ा देने में अत्याधिक कठोर है
وَلَقَدْ اَرْسَلْنَا مُوسٰى بِاٰيَاتِنَا وَسُلْطَانٍ مُب۪ينٍۙ23
और हमने मूसा को भी अपनी निशानियों और स्पष्ट प्रमाण के साथ
اِلٰى فِرْعَوْنَ وَهَامَانَ وَقَارُونَ فَقَالُوا سَاحِرٌ كَذَّابٌ24
फ़िरऔन औऱ हामान और क़ारून की ओर भेजा था, किन्तु उन्होंने कहा, "यह तो जादूगर है, बड़ा झूठा!"
فَلَمَّا جَٓاءَهُمْ بِالْحَقِّ مِنْ عِنْدِنَا قَالُوا اقْتُلُٓوا اَبْنَٓاءَ الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا مَعَهُ وَاسْتَحْيُوا نِسَٓاءَهُمْۜ وَمَا كَيْدُ الْكَافِر۪ينَ اِلَّا ف۪ي ضَلَالٍ25
फिर जब वह उनके सामने हमारे पास से सत्य लेकर आया तो उन्होंने कहा, "जो लोग ईमान लेकर उसके साथ है, उनके बेटों को मार डालो औऱ उनकी स्त्रियों को जीवित छोड़ दो।" किन्तु इनकार करनेवालों की चाल तो भटकने ही के लिए होती है