485. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
42 · अश-शूरा
وَالَّذ۪ينَ يُحَٓاجُّونَ فِي اللّٰهِ مِنْ بَعْدِ مَا اسْتُج۪يبَ لَهُ حُجَّتُهُمْ دَاحِضَةٌ عِنْدَ رَبِّهِمْ وَعَلَيْهِمْ غَضَبٌ وَلَهُمْ عَذَابٌ شَد۪يدٌ16
जो लोग अल्लाह के विषय में झगड़ते है, इसके पश्चात कि उसकी पुकार स्वीकार कर ली गई, उनका झगड़ना उनके रब की स्पष्ट में बिलकुल न ठहरनेवाला (असत्य) है। प्रकोप है उनपर और उनके लिए कड़ी यातना है
اَللّٰهُ الَّذ۪ٓي اَنْزَلَ الْكِتَابَ بِالْحَقِّ وَالْم۪يزَانَۜ وَمَا يُدْر۪يكَ لَعَلَّ السَّاعَةَ قَر۪يبٌ17
वह अल्लाह ही है जिसने हक़ के साथ किताब और तुला अवतरित की। और तुम्हें क्या मालूम कदाचित क़ियामत की घड़ी निकट ही आ लगी हो
يَسْتَعْجِلُ بِهَا الَّذ۪ينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِهَاۚ وَالَّذ۪ينَ اٰمَنُوا مُشْفِقُونَ مِنْهَاۙ وَيَعْلَمُونَ اَنَّهَا الْحَقُّۜ اَلَٓا اِنَّ الَّذ۪ينَ يُمَارُونَ فِي السَّاعَةِ لَف۪ي ضَلَالٍ بَع۪يدٍ18
उसकी जल्दी वे लोग मचाते है जो उसपर ईमान नहीं रखते, किन्तु जो ईमान रखते है वे तो उससे डरते है और जानते है कि वह सत्य है। जान लो, जो लोग उस घड़ी के बारे में सन्देह डालनेवाली बहसें करते है, वे परले दरजे की गुमराही में पड़े हुए है
اَللّٰهُ لَط۪يفٌ بِعِبَادِه۪ يَرْزُقُ مَنْ يَشَٓاءُۚ وَهُوَ الْقَوِيُّ الْعَز۪يزُ۟19
अल्लाह अपने बन्दों पर अत्यन्त दयालु है। वह जिसे चाहता है रोज़ी देता है। वह शक्तिमान, अत्यन्त प्रभुत्वशाली है
مَنْ كَانَ يُر۪يدُ حَرْثَ الْاٰخِرَةِ نَزِدْ لَهُ ف۪ي حَرْثِه۪ۚ وَمَنْ كَانَ يُر۪يدُ حَرْثَ الدُّنْيَا نُؤْتِه۪ مِنْهَا وَمَا لَهُ فِي الْاٰخِرَةِ مِنْ نَص۪يبٍ20
जो कोई आख़िरत की खेती चाहता है, हम उसके लिए उसकी खेती में बढ़ोत्तरी प्रदान करेंगे और जो कोई दुनिया की खेती चाहता है, हम उसमें से उसे कुछ दे देते है, किन्तु आख़िरत में उसका कोई हिस्सा नहीं
اَمْ لَهُمْ شُرَكٰٓؤُ۬ا شَرَعُوا لَهُمْ مِنَ الدّ۪ينِ مَا لَمْ يَاْذَنْ بِهِ اللّٰهُۜ وَلَوْلَا كَلِمَةُ الْفَصْلِ لَقُضِيَ بَيْنَهُمْۜ وَاِنَّ الظَّالِم۪ينَ لَهُمْ عَذَابٌ اَل۪يمٌ21
(क्या उन्हें समझ नहीं) या उनके कुछ ऐसे (ठहराए हुए) साझीदार है, जिन्होंन उनके लिए कोई ऐसा धर्म निर्धारित कर दिया है जिसकी अनुज्ञा अल्लाह ने नहीं दी? यदि फ़ैसले की बात निश्चित न हो गई होती तो उनके बीच फ़ैसला हो चुका होता। निश्चय ही ज़ालिमों के लिए दुखद यातना है
تَرَى الظَّالِم۪ينَ مُشْفِق۪ينَ مِمَّا كَسَبُوا وَهُوَ وَاقِعٌ بِهِمْۜ وَالَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ ف۪ي رَوْضَاتِ الْجَنَّاتِۚ لَهُمْ مَا يَشَٓاؤُ۫نَ عِنْدَ رَبِّهِمْۜ ذٰلِكَ هُوَ الْفَضْلُ الْكَب۪يرُ22
तुम ज़ालिमों को देखोगे कि उन्होंने जो कुछ कमाया उससे डर रहे होंगे, किन्तु वह तो उनपर पड़कर रहेगा। किन्तु जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, वे जन्न्तों की वाटिकाओं में होंगे। उनके लिए उनके रब के पास वह सब कुछ है जिसकी वे इच्छा करेंगे। वही तो बड़ा उदार अनुग्रह है