489. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

489. पृष्ठ
42 · अश-शूरा
وَكَذٰلِكَ اَوْحَيْنَٓا اِلَيْكَ رُوحًا مِنْ اَمْرِنَاۜ مَا كُنْتَ تَدْر۪ي مَا الْكِتَابُ وَلَا الْا۪يمَانُ وَلٰكِنْ جَعَلْنَاهُ نُورًا نَهْد۪ي بِه۪ مَنْ نَشَٓاءُ مِنْ عِبَادِنَاۜ وَاِنَّكَ لَتَهْد۪ٓي اِلٰى صِرَاطٍ مُسْتَق۪يمٍۙ52
और इसी प्रकार हमने अपने आदेश से एक रूह (क़ुरआन) की प्रकाशना तुम्हारी ओर की है। तुम नहीं जानते थे कि किताब क्या होती है और न ईमान को (जानते थे), किन्तु हमने इस (प्रकाशना) को एक प्रकाश बनाया, जिसके द्वारा हम अपने बन्दों में से जिसे चाहते है मार्ग दिखाते है। निश्चय ही तुम एक सीधे मार्ग की ओर पथप्रदर्शन कर रहे हो-
صِرَاطِ اللّٰهِ الَّذ۪ي لَهُ مَا فِي السَّمٰوَاتِ وَمَا فِي الْاَرْضِۜ اَلَٓا اِلَى اللّٰهِ تَص۪يرُ الْاُمُورُ53
उस अल्लाह के मार्ग की ओर जिसका वह सब कुछ है, जो आकाशों में है और जो धरती में है। सुन लो, सारे मामले अन्ततः अल्लाह ही की ओर पलटते हैं
43 · अज़-ज़ुख़रुफ़
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
حٰمٓۜ1
हा॰ मीम॰
وَالْكِتَابِ الْمُب۪ينِۙ2
गवाह है स्पष्ट किताब
اِنَّا جَعَلْنَاهُ قُرْءٰنًا عَرَبِيًّا لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَۚ3
हमने उसे अरबी क़ुरआन बनाया, ताकि तुम समझो
وَاِنَّهُ ف۪ٓي اُمِّ الْكِتَابِ لَدَيْنَا لَعَلِيٌّ حَك۪يمٌۜ4
और निश्चय ही वह मूल किताब में अंकित है, हमारे यहाँ बहुच उच्च कोटि की, तत्वदर्शिता से परिपूर्ण है
اَفَنَضْرِبُ عَنْكُمُ الذِّكْرَ صَفْحًا اَنْ كُنْتُمْ قَوْمًا مُسْرِف۪ينَ5
क्या इसलिए कि तुम मर्यादाहीन लोग हो, हम तुमपर से बिलकुल ही नज़र फेर लेंगे?
وَكَمْ اَرْسَلْنَا مِنْ نَبِيٍّ فِي الْاَوَّل۪ينَ6
हमने पहले के लोगों में कितने ही रसूल भेजे
وَمَا يَاْت۪يهِمْ مِنْ نَبِيٍّ اِلَّا كَانُوا بِه۪ يَسْتَهْزِؤُ۫نَ7
किन्तु जो भी नबी उनके पास आया, वे उसका परिहास ही करते रहे
فَاَهْلَكْنَٓا اَشَدَّ مِنْهُمْ بَطْشًا وَمَضٰى مَثَلُ الْاَوَّل۪ينَ8
अन्ततः हमने उनको पकड़ में लेकर विनष्ट कर दिया जो उनसे कहीं अधिक बलशाली थे। और पहले के लोगों की मिसाल गुज़र-चुकी है
وَلَئِنْ سَاَلْتَهُمْ مَنْ خَلَقَ السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضَ لَيَقُولُنَّ خَلَقَهُنَّ الْعَز۪يزُ الْعَل۪يمُۙ9
यदि तुम उनसे पूछो कि "आकाशों और धरती को किसने पैदा किया?" तो वे अवश्य कहेंगे, "उन्हें अत्यन्त प्रभुत्वशाली, सर्वज्ञ सत्ता ने पैदा किया।"
اَلَّذ۪ي جَعَلَ لَكُمُ الْاَرْضَ مَهْدًا وَجَعَلَ لَكُمْ ف۪يهَا سُبُلًا لَعَلَّكُمْ تَهْتَدُونَۚ10
जिसने तुम्हारे लिए धरती को गहवारा बनाया औऱ उसमें तुम्हारे लिए मार्ग बना दिए. ताकि तुम्हें मार्गदर्शन प्राप्त हो