490. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
43 · अज़-ज़ुख़रुफ़
وَالَّذ۪ي نَزَّلَ مِنَ السَّمَٓاءِ مَٓاءً بِقَدَرٍۚ فَاَنْشَرْنَا بِه۪ بَلْدَةً مَيْتًاۚ كَذٰلِكَ تُخْرَجُونَ11
और जिसने आकाश से एक अन्दाज़े से पानी उतारा। और हमने उसके द्वारा मृत भूमि को जीवित कर दिया। इसी तरह तुम भी (जीवित करके) निकाले जाओगे
وَالَّذ۪ي خَلَقَ الْاَزْوَاجَ كُلَّهَا وَجَعَلَ لَكُمْ مِنَ الْفُلْكِ وَالْاَنْعَامِ مَا تَرْكَبُونَۙ12
और जिसने विभिन्न प्रकार की चीज़े पैदा कीं, और तुम्हारे लिए वे नौकाएँ और जानवर बनाए जिनपर तुम सवार होते हो
لِتَسْتَوُ۫ا عَلٰى ظُهُورِه۪ ثُمَّ تَذْكُرُوا نِعْمَةَ رَبِّكُمْ اِذَا اسْتَوَيْتُمْ عَلَيْهِ وَتَقُولُوا سُبْحَانَ الَّذ۪ي سَخَّرَ لَنَا هٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِن۪ينَۙ13
ताकि तुम उनकी पीठों पर जमकर बैठो, फिर याद करो अपने रब की अनुकम्पा को जब तुम उनपर बैठ जाओ और कहो, "कितना महिमावान है वह जिसने इसको हमारे वश में किया, अन्यथा हम तो इसे क़ाबू में कर सकनेवाले न थे
وَاِنَّٓا اِلٰى رَبِّنَا لَمُنْقَلِبُونَ14
और निश्चय ही हम अपने रब की ओर लौटनेवाले है।"
وَجَعَلُوا لَهُ مِنْ عِبَادِه۪ جُزْءًاۜ اِنَّ الْاِنْسَانَ لَكَفُورٌ مُب۪ينٌۜ15
उन्होंने उसके बन्दों में से कुछ को उसका अंश ठहरा दिया! निश्चय ही मनुष्य खुला कृतघ्न है
اَمِ اتَّخَذَ مِمَّا يَخْلُقُ بَنَاتٍ وَاَصْفٰيكُمْ بِالْبَن۪ينَ۟16
(क्या किसी ने अल्लाह को इससे रोक दिया है कि वह अपने लिए बेटे चुनता) या जो कुछ वह पैदा करता है उसमें से उसने स्वयं ही अपने लिए तो बेटियाँ लीं और तुम्हें चुन लिया बेटों के लिए?
وَاِذَا بُشِّرَ اَحَدُهُمْ بِمَا ضَرَبَ لِلرَّحْمٰنِ مَثَلًا ظَلَّ وَجْهُهُ مُسْوَدًّا وَهُوَ كَظ۪يمٌ17
और हाल यह है कि जब उनमें से किसी को उसकी मंगल सूचना दी जाती है, जो वह रहमान के लिए बयान करता है, तो उसके मुँह पर कलौंस छा जाती है और वह ग़म के मारे घुटा-घुटा रहने लगता है
اَوَمَنْ يُنَشَّؤُ۬ا فِي الْحِلْيَةِ وَهُوَ فِي الْخِصَامِ غَيْرُ مُب۪ينٍ18
और क्या वह जो आभूषणों में पले और वह जो वाद-विवाद और झगड़े में खुल न पाए (ऐसी अबला को अल्लाह की सन्तान घोषित करते हो)?
وَجَعَلُوا الْمَلٰٓئِكَةَ الَّذ۪ينَ هُمْ عِبَادُ الرَّحْمٰنِ اِنَاثًاۜ اَشَهِدُوا خَلْقَهُمْۜ سَتُكْتَبُ شَهَادَتُهُمْ وَيُسْـَٔلُونَ19
उन्होंने फ़रिश्तों को, जो रहमान के बन्दे है, स्त्रियाँ ठहरा ली है। क्या वे उनकी संरचना के समय मौजूद थे? उनकी गवाही लिख ली जाएगी और उनसे पूछ होगी
وَقَالُوا لَوْ شَٓاءَ الرَّحْمٰنُ مَا عَبَدْنَاهُمْۜ مَا لَهُمْ بِذٰلِكَ مِنْ عِلْمٍۗ اِنْ هُمْ اِلَّا يَخْرُصُونَۜ20
वे कहते है कि "यदि रहमान चाहता तो हम उन्हें न पूजते।" उन्हें इसका कुछ ज्ञान नहीं। वे तो बस अटकल दौड़ाते है
اَمْ اٰتَيْنَاهُمْ كِتَابًا مِنْ قَبْلِه۪ فَهُمْ بِه۪ مُسْتَمْسِكُونَ21
(क्या हमने इससे पहले उनके पास कोई रसूल भेजा है) या हमने इससे पहले उनको कोई किताब दी है तो वे उसे दृढ़तापूर्वक थामें हुए है?
بَلْ قَالُٓوا اِنَّا وَجَدْنَٓا اٰبَٓاءَنَا عَلٰٓى اُمَّةٍ وَاِنَّا عَلٰٓى اٰثَارِهِمْ مُهْتَدُونَ22
नहीं, बल्कि वे कहते है, "हमने तो अपने बाप-दादा को एक तरीक़े पर पाया और हम उन्हीं के पद-चिन्हों पर हैं, सीधे मार्ग पर चल रहे है।"