493. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
43 · अज़-ज़ुख़रुफ़
وَمَا نُر۪يهِمْ مِنْ اٰيَةٍ اِلَّا هِيَ اَكْبَرُ مِنْ اُخْتِهَاۘ وَاَخَذْنَاهُمْ بِالْعَذَابِ لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ48
और हम उन्हें जो निशानी भी दिखाते वह अपने प्रकार की पहली निशानी से बढ़-चढ़कर होती और हमने उन्हें यातना से ग्रस्त कर लिया, ताकि वे रुजू करें
وَقَالُوا يَٓا اَيُّهَ السَّاحِرُ ادْعُ لَنَا رَبَّكَ بِمَا عَهِدَ عِنْدَكَ اِنَّنَا لَمُهْتَدُونَ49
उनका कहना था, "ऐ जादूगर! अपने रब से हमारे लिए प्रार्थना कर, उस प्रतिज्ञा के आधार पर जो उसने तुझसे कर रखी है। निश्चय ही हम सीधे मार्ग पर चलेंगे।"
فَلَمَّا كَشَفْنَا عَنْهُمُ الْعَذَابَ اِذَا هُمْ يَنْكُثُونَ50
फिर जब भी हम उनपर ले यातना हटा देते है, तो क्या देखते है कि वे प्रतिज्ञा-भंग कर रहे है
وَنَادٰى فِرْعَوْنُ ف۪ي قَوْمِه۪ قَالَ يَا قَوْمِ اَلَيْسَ ل۪ي مُلْكُ مِصْرَ وَهٰذِهِ الْاَنْهَارُ تَجْر۪ي مِنْ تَحْت۪يۚ اَفَلَا تُبْصِرُونَۜ51
फ़िरऔन ने अपनी क़ौम के बीच पुकारकर कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! क्या मिस्र का राज्य मेरा नहीं और ये मेरे नीचे बहती नहरें? तो क्या तुम देखते नहीं?
اَمْ اَنَا۬ خَيْرٌ مِنْ هٰذَا الَّذ۪ي هُوَ مَه۪ينٌ وَلَا يَكَادُ يُب۪ينُ52
(यह अच्छा है) या मैं इससे अच्छा हूँ जो तुच्छ है, और साफ़ बोल भी नहीं पाता?
فَلَوْلَٓا اُلْقِيَ عَلَيْهِ اَسْوِرَةٌ مِنْ ذَهَبٍ اَوْ جَٓاءَ مَعَهُ الْمَلٰٓئِكَةُ مُقْتَرِن۪ينَ53
(यदि वह रसूल है तो) फिर ऐसा क्यों न हुआ कि उसके लिए ऊपर से सोने के कंगन डाले गए होते या उसके साथ पार्श्ववर्ती होकर फ़रिश्ते आए होते?"
فَاسْتَخَفَّ قَوْمَهُ فَاَطَاعُوهُۜ اِنَّهُمْ كَانُوا قَوْمًا فَاسِق۪ينَ54
तो उसने अपनी क़ौम के लोगों को मूर्ख बनाया औऱ उन्होंने उसकी बात मान ली। निश्चय ही वे अवज्ञाकारी लोग थे
فَلَمَّٓا اٰسَفُونَا انْتَقَمْنَا مِنْهُمْ فَاَغْرَقْنَاهُمْ اَجْمَع۪ينَۙ55
अन्ततः जब उन्होंने हमें अप्रसन्न कर दिया तो हमने उनसे बदला लिया और हमने उन सबको डूबो दिया
فَجَعَلْنَاهُمْ سَلَفًا وَمَثَلًا لِلْاٰخِر۪ينَ۟56
अतः हमने उन्हें अग्रगामी और बादवालों के लिए शिक्षाप्रद उदाहरण बना दिया
وَلَمَّا ضُرِبَ ابْنُ مَرْيَمَ مَثَلًا اِذَا قَوْمُكَ مِنْهُ يَصِدُّونَ57
और जब मरयम के बेटे की मिसाल दी गई तो क्या देखते है कि उसपर तुम्हारी क़ौम के लोग लगे चिल्लाने
وَقَالُٓوا ءَاٰلِهَتُنَا خَيْرٌ اَمْ هُوَۜ مَا ضَرَبُوهُ لَكَ اِلَّا جَدَلًاۜ بَلْ هُمْ قَوْمٌ خَصِمُونَ58
और कहने लगे, "क्या हमारे उपास्य अच्छे नहीं या वह (मसीह)?" उन्होंने यह बात तुमसे केवल झगड़ने के लिए कही, बल्कि वे तो है ही झगड़ालू लोग
اِنْ هُوَ اِلَّا عَبْدٌ اَنْعَمْنَا عَلَيْهِ وَجَعَلْنَاهُ مَثَلًا لِبَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَۜ59
वह (ईसा मसीह) तो बस एक बन्दा था, जिसपर हमने अनुकम्पा की और उसे हमने इसराईल की सन्तान के लिए एक आदर्श बनाया
وَلَوْ نَشَٓاءُ لَجَعَلْنَا مِنْكُمْ مَلٰٓئِكَةً فِي الْاَرْضِ يَخْلُفُونَ60
और यदि हम चाहते हो तुममें से फ़रिश्ते पैदा कर देते, जो धरती में उत्ताराधिकारी होते