51. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

51. पृष्ठ
3 · आले-इमरान
اِنَّ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا لَنْ تُغْنِيَ عَنْهُمْ اَمْوَالُهُمْ وَلَٓا اَوْلَادُهُمْ مِنَ اللّٰهِ شَيْـًٔاۜ وَاُو۬لٰٓئِكَ هُمْ وَقُودُ النَّارِۙ10
जिन लोगों ने इनकार की नीति अपनाई है अल्लाह के मुकाबले में तो न उसके माल उनके कुछ काम आएँगे और न उनकी संतान ही। और वही हैं जो आग (जहन्नम) का ईधन बनकर रहेंगे
كَدَاْبِ اٰلِ فِرْعَوْنَۙ وَالَّذ۪ينَ مِنْ قَبْلِهِمْۜ كَذَّبُوا بِاٰيَاتِنَاۚ فَاَخَذَهُمُ اللّٰهُ بِذُنُوبِهِمْۜ وَاللّٰهُ شَد۪يدُ الْعِقَابِ11
जैसे फ़िरऔन के लोगों और उनसे पहले के लोगों का हाल हुआ। उन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया तो अल्लाह ने उन्हें उनके गुनाहों पर पकड़ लिया। और अल्लाह कठोर दंड देनेवाला है
قُلْ لِلَّذ۪ينَ كَفَرُوا سَتُغْلَبُونَ وَتُحْشَرُونَ اِلٰى جَهَنَّمَۜ وَبِئْسَ الْمِهَادُ12
इनकार करनेवालों से कह दो, "शीघ्र ही तुम पराभूत होगे और जहन्नम की ओर हाँके जाओगं। और वह क्या ही बुरा ठिकाना है।"
قَدْ كَانَ لَكُمْ اٰيَةٌ ف۪ي فِئَتَيْنِ الْتَقَتَاۜ فِئَةٌ تُقَاتِلُ ف۪ي سَب۪يلِ اللّٰهِ وَاُخْرٰى كَافِرَةٌ يَرَوْنَهُمْ مِثْلَيْهِمْ رَاْيَ الْعَيْنِۜ وَاللّٰهُ يُؤَيِّدُ بِنَصْرِه۪ مَنْ يَشَٓاءُۜ اِنَّ ف۪ي ذٰلِكَ لَعِبْرَةً لِاُو۬لِي الْاَبْصَارِ13
तुम्हारे लिए उन दोनों गिरोहों में एक निशानी है जो (बद्र की) लड़ाई में एक-दूसरे के मुक़ाबिल हुए। एक गिरोह अल्लाह के मार्ग में लड़ रहा था, जबकि दूसरा विधर्मी था। ये अपनी आँखों देख रहे थे कि वे उनसे दुगने है। अल्लाह अपनी सहायता से जिसे चाहता है, शक्ति प्रदान करता है। दृष्टिवान लोगों के लिए इसमें बड़ी शिक्षा-सामग्री है
زُيِّنَ لِلنَّاسِ حُبُّ الشَّهَوَاتِ مِنَ النِّسَٓاءِ وَالْبَن۪ينَ وَالْقَنَاط۪يرِ الْمُقَنْطَرَةِ مِنَ الذَّهَبِ وَالْفِضَّةِ وَالْخَيْلِ الْمُسَوَّمَةِ وَالْاَنْعَامِ وَالْحَرْثِۜ ذٰلِكَ مَتَاعُ الْحَيٰوةِ الدُّنْيَاۚ وَاللّٰهُ عِنْدَهُ حُسْنُ الْمَاٰبِ14
मनुष्यों को चाहत की चीजों से प्रेम शोभायमान प्रतीत होता है कि वे स्त्रिमयाँ, बेटे, सोने-चाँदी के ढेर और निशान लगे (चुने हुए) घोड़े हैं और चौपाए और खेती। यह सब सांसारिक जीवन की सामग्री है और अल्लाह के पास ही अच्छा ठिकाना है
قُلْ اَؤُ۬نَبِّئُكُمْ بِخَيْرٍ مِنْ ذٰلِكُمْۜ لِلَّذ۪ينَ اتَّقَوْا عِنْدَ رَبِّهِمْ جَنَّاتٌ تَجْر۪ي مِنْ تَحْتِهَا الْاَنْهَارُ خَالِد۪ينَ ف۪يهَا وَاَزْوَاجٌ مُطَهَّرَةٌ وَرِضْوَانٌ مِنَ اللّٰهِۜ وَاللّٰهُ بَص۪يرٌ بِالْعِبَادِۚ15
कहो, "क्या मैं तुम्हें इनसे उत्तम चीज का पता दूँ?" जो लोग अल्लाह का डर रखेंगे उनके लिए उनके रब के पास बाग़ है, जिनके नीचे नहरें बह रहीं होगी। उनमें वे सदैव रहेंगे। वहाँ पाक-साफ़ जोड़े होंगे और अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त होगी। और अल्लाह अपने बन्दों पर नज़र रखता है