523. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
51 · अज़-ज़ारियात52 · अत-तूर
كَذٰلِكَ مَٓا اَتَى الَّذ۪ينَ مِنْ قَبْلِهِمْ مِنْ رَسُولٍ اِلَّا قَالُوا سَاحِرٌ اَوْ مَجْنُونٌ52
इसी तरह उन लोगों के पास भी, जो उनसे पहले गुज़र चुके है, जो भी रसूल आया तो उन्होंने बस यही कहा, "जादूगर है या दीवाना!"
اَتَوَاصَوْا بِه۪ۚ بَلْ هُمْ قَوْمٌ طَاغُونَ53
क्या उन्होंने एक-दूसरे को इसकी वसीयत कर रखी है? नहीं, बल्कि वे है ही सरकश लोग
فَتَوَلَّ عَنْهُمْ فَمَٓا اَنْتَ بِمَلُومٍۘ54
अतः उनसे मुँह फेर लो अब तुमपर कोई मलामत नहीं
وَذَكِّرْ فَاِنَّ الذِّكْرٰى تَنْفَعُ الْمُؤْمِن۪ينَ55
और याद दिलाते रहो, क्योंकि याद दिलाना ईमानवालों को लाभ पहुँचाता है
وَمَا خَلَقْتُ الْجِنَّ وَالْاِنْسَ اِلَّا لِيَعْبُدُونِ56
मैंने तो जिन्नों और मनुष्यों को केवल इसलिए पैदा किया है कि वे मेरी बन्दगी करे
مَٓا اُر۪يدُ مِنْهُمْ مِنْ رِزْقٍ وَمَٓا اُر۪يدُ اَنْ يُطْعِمُونِ57
मैं उनसे कोई रोज़ी नहीं चाहता और न यह चाहता हूँ कि वे मुझे खिलाएँ
اِنَّ اللّٰهَ هُوَ الرَّزَّاقُ ذُو الْقُوَّةِ الْمَت۪ينُ58
निश्चय ही अल्लाह ही है रोज़ी देनेवाला, शक्तिशाली, दृढ़
فَاِنَّ لِلَّذ۪ينَ ظَلَمُوا ذَنُوبًا مِثْلَ ذَنُوبِ اَصْحَابِهِمْ فَلَا يَسْتَعْجِلُونِ59
अतः जिन लोगों ने ज़ुल्म किया है उनके लिए एक नियत पैमाना है; जैसा उनके साथियों का नियत पैमाना था। अतः वे मुझसे जल्दी न मचाएँ!
فَوَيْلٌ لِلَّذ۪ينَ كَفَرُوا مِنْ يَوْمِهِمُ الَّذ۪ي يُوعَدُونَ60
अतः इनकार करनेवालों के लिए बड़ी खराबी है, उनके उस दिन के कारण जिसकी उन्हें धमकी दी जा रही है
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
وَالطُّورِۙ1
गवाह है तूर पर्वत,
وَكِتَابٍ مَسْطُورٍۙ2
और लिखी हुई किताब;
ف۪ي رَقٍّ مَنْشُورٍۙ3
फैले हुए झिल्ली के पन्ने में
وَالْبَيْتِ الْمَعْمُورِۙ4
और बसा हुआ घर;
وَالسَّقْفِ الْمَرْفُوعِۙ5
और ऊँची छत;
وَالْبَحْرِ الْمَسْجُورِۙ6
और उफनता समुद्र
اِنَّ عَذَابَ رَبِّكَ لَوَاقِعٌۙ7
कि तेरे रब की यातना अवश्य घटित होकर रहेगी;
مَا لَهُ مِنْ دَافِعٍۙ8
जिसे टालनेवाला कोई नहीं;
يَوْمَ تَمُورُ السَّمَٓاءُ مَوْرًاۙ9
जिस दिल आकाश बुरी तरह डगमगाएगा;
وَتَس۪يرُ الْجِبَالُ سَيْرًاۜ10
और पहाड़ चलते-फिरते होंगे;
فَوَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّب۪ينَۙ11
तो तबाही है उस दिन, झुठलानेवालों के लिए;
اَلَّذ۪ينَ هُمْ ف۪ي خَوْضٍ يَلْعَبُونَۢ12
जो बात बनाने में लगे हुए खेल रहे है
يَوْمَ يُدَعُّونَ اِلٰى نَارِ جَهَنَّمَ دَعًّاۜ13
जिस दिन वे धक्के दे-देकर जहन्नम की ओर ढकेले जाएँगे
هٰذِهِ النَّارُ الَّت۪ي كُنْتُمْ بِهَا تُكَذِّبُونَ14
(कहा जाएगा), "यही है वह आग जिसे तुम झुठलाते थे