534. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
55 · अर-रहमान56 · अल-वाकिया
ف۪يهِمَا فَاكِهَةٌ وَنَخْلٌ وَرُمَّانٌۚ68
उनमें है स्वादिष्ट फल और खजूर और अनार;
فَبِاَيِّ اٰلَٓاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِۚ69
अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
ف۪يهِنَّ خَيْرَاتٌ حِسَانٌۚ70
उनमें भली और सुन्दर स्त्रियाँ होंगी।
فَبِاَيِّ اٰلَٓاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِۚ71
तो तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
حُورٌ مَقْصُورَاتٌ فِي الْخِيَامِۚ72
हूरें (परम रूपवती स्त्रियाँ) ख़ेमों में रहनेवाली;
فَبِاَيِّ اٰلَٓاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِۚ73
अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
لَمْ يَطْمِثْهُنَّ اِنْسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَٓانٌّۚ74
जिन्हें उससे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया होगा और न किसी जिन्न ने।
فَبِاَيِّ اٰلَٓاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِۚ75
अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
مُتَّكِـ۪ٔينَ عَلٰى رَفْرَفٍ خُضْرٍ وَعَبْقَرِيٍّ حِسَانٍۚ76
वे हरे रेशमी गद्दो और उत्कृष्ट् और असाधारण क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे;
فَبِاَيِّ اٰلَٓاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ77
अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
تَبَارَكَ اسْمُ رَبِّكَ ذِي الْجَلَالِ وَالْاِكْرَامِ78
बड़ा ही बरकतवाला नाम है तुम्हारे प्रतापवान और उदार रब का
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
اِذَا وَقَعَتِ الْوَاقِعَةُۙ1
जब घटित होनेवाली (घड़ी) घटित हो जाएगी;
لَيْسَ لِوَقْعَتِهَا كَاذِبَةٌۢ2
उसके घटित होने में कुछ भी झुठ नहीं;
خَافِضَةٌ رَافِعَةٌۙ3
पस्त करनेवाली होगी, ऊँचा करनेवाली थी;
اِذَا رُجَّتِ الْاَرْضُ رَجًّاۙ4
जब धरती थरथराकर काँप उठेगी;
وَبُسَّتِ الْجِبَالُ بَسًّاۙ5
और पहाड़ टूटकर चूर्ण-विचुर्ण हो जाएँगे
فَكَانَتْ هَبَٓاءً مُنْبَثًّاۙ6
कि वे बिखरे हुए धूल होकर रह जाएँगे
وَكُنْتُمْ اَزْوَاجًا ثَلٰثَةًۜ7
और तुम लोग तीन प्रकार के हो जाओगे -
فَاَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ مَٓا اَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِۜ8
तो दाहिने हाथ वाले (सौभाग्यशाली), कैसे होंगे दाहिने हाथ वाले!
وَاَصْحَابُ الْمَشْـَٔمَةِ مَٓا اَصْحَابُ الْمَشْـَٔمَةِۜ9
और बाएँ हाथ वाले (दुर्भाग्यशाली), कैसे होंगे बाएँ हाथ वाले!
وَالسَّابِقُونَ السَّابِقُونَۙ10
और आगे बढ़ जानेवाले तो आगे बढ़ जानेवाले ही है
اُو۬لٰٓئِكَ الْمُقَرَّبُونَۚ11
वही (अल्लाह के) निकटवर्ती है;
ف۪ي جَنَّاتِ النَّع۪يمِ12
नेमत भरी जन्नतों में होंगे;
ثُلَّةٌ مِنَ الْاَوَّل۪ينَۙ13
अगलों में से तो बहुत-से होंगे,
وَقَل۪يلٌ مِنَ الْاٰخِر۪ينَۜ14
किन्तु पिछलों में से कम ही
عَلٰى سُرُرٍ مَوْضُونَةٍۙ15
जड़ित तख़्तो पर;
مُتَّكِـ۪ٔينَ عَلَيْهَا مُتَقَابِل۪ينَ16
तकिया लगाए आमने-सामने होंगे;