55. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

55. पृष्ठ
3 · आले-इमरान
هُنَالِكَ دَعَا زَكَرِيَّا رَبَّهُۚ قَالَ رَبِّ هَبْ ل۪ي مِنْ لَدُنْكَ ذُرِّيَّةً طَيِّبَةًۚ اِنَّكَ سَم۪يعُ الدُّعَٓاءِ38
वही ज़करिया ने अपने रब को पुकारा, कहा, "मेरे रब! मुझे तू अपने पास से अच्छी सन्तान (अनुयायी) प्रदान कर। तू ही प्रार्थना का सुननेवाला है।"
فَنَادَتْهُ الْمَلٰٓئِكَةُ وَهُوَ قَٓائِمٌ يُصَلّ۪ي فِي الْمِحْرَابِۙ اَنَّ اللّٰهَ يُبَشِّرُكَ بِيَحْيٰى مُصَدِّقًا بِكَلِمَةٍ مِنَ اللّٰهِ وَسَيِّدًا وَحَصُورًا وَنَبِيًّا مِنَ الصَّالِح۪ينَ39
तो फ़रिश्तों ने उसे आवाज़ दी, जबकि वह मेहराब में खड़ा नमाज़ पढ़ रहा था, "अल्लाह, तुझे यह्याि की शुभ-सूचना देता है, जो अल्लाह के एक कलिमें की पुष्टि करनेवाला, सरदार, अत्यन्त संयमी और अच्छे लोगो में से एक नबी होगा।"
قَالَ رَبِّ اَنّٰى يَكُونُ ل۪ي غُلَامٌ وَقَدْ بَلَغَنِيَ الْكِبَرُ وَامْرَاَت۪ي عَاقِرٌۜ قَالَ كَذٰلِكَ اللّٰهُ يَفْعَلُ مَا يَشَٓاءُ40
उसने कहा, "मेरे रब! मेरे यहाँ लड़का कैसे पैदा होगा, जबकि मुझे बुढापा आ गया है और मेरी पत्ऩी बाँझ है?" कहा, "इसी प्रकार अल्लाह जो चाहता है, करता है।"
قَالَ رَبِّ اجْعَلْ ل۪ٓي اٰيَةًۜ قَالَ اٰيَتُكَ اَلَّا تُكَلِّمَ النَّاسَ ثَلٰثَةَ اَيَّامٍ اِلَّا رَمْزًاۜ وَاذْكُرْ رَبَّكَ كَث۪يرًا وَسَبِّحْ بِالْعَشِيِّ وَالْاِبْكَارِ۟41
उसने कहा, "मेरे रब! मेरे लिए कोई आदेश निश्चित कर दे।" कहा, "तुम्हारे लिए आदेश यह है कि तुम लोगों से तीन दिन तक संकेत के सिवा कोई बातचीत न करो। अपने रब को बहुत अधिक याद करो और सायंकाल और प्रातः समय उसकी तसबीह (महिमागान) करते रहो।"
وَاِذْ قَالَتِ الْمَلٰٓئِكَةُ يَا مَرْيَمُ اِنَّ اللّٰهَ اصْطَفٰيكِ وَطَهَّرَكِ وَاصْطَفٰيكِ عَلٰى نِسَٓاءِ الْعَالَم۪ينَ42
और जब फ़रिश्तों ने कहा, "ऐ मरयम! अल्लाह ने तुझे चुन लिया और तुझे पवित्रता प्रदान की और तुझे संसार की स्त्रियों के मुक़ाबले मं चुन लिया
يَا مَرْيَمُ اقْنُت۪ي لِرَبِّكِ وَاسْجُد۪ي وَارْكَع۪ي مَعَ الرَّاكِع۪ينَ43
"ऐ मरयम! पूरी निष्ठा के साथ अपने रब की आज्ञा का पालन करती रह, और सजदा कर और झुकनेवालों के साथ तू भी झूकती रह।"
ذٰلِكَ مِنْ اَنْبَٓاءِ الْغَيْبِ نُوح۪يهِ اِلَيْكَۜ وَمَا كُنْتَ لَدَيْهِمْ اِذْ يُلْقُونَ اَقْلَامَهُمْ اَيُّهُمْ يَكْفُلُ مَرْيَمَۖ وَمَا كُنْتَ لَدَيْهِمْ اِذْ يَخْتَصِمُونَ44
यह परोक्ष की सूचनाओं में से है, जिसकी वह्य हम तुम्हारी ओर कर रहे है। तुम तो उस समय उनके पास नहीं थे, जब वे अपनी क़लमों को फेंक रहे थ कि उनमें कौन मरयम का संरक्षक बने और न उनके समय थे, जब वे आपस में झगड़ रहे थे
اِذْ قَالَتِ الْمَلٰٓئِكَةُ يَا مَرْيَمُ اِنَّ اللّٰهَ يُبَشِّرُكِ بِكَلِمَةٍ مِنْهُۗ اِسْمُهُ الْمَس۪يحُ ع۪يسَى ابْنُ مَرْيَمَ وَج۪يهًا فِي الدُّنْيَا وَالْاٰخِرَةِ وَمِنَ الْمُقَرَّب۪ينَۙ45
ओर याद करो जब फ़रिश्तों ने कहा, "ऐ मरयम! अल्लाह तुझे अपने एक कलिमे (बात) की शुभ-सूचना देता है, जिसका नाम मसीह, मरयम का बेटा, ईसा होगा। वह दुनिया और आख़िरत मे आबरूवाला होगा और अल्लाह के निकटवर्ती लोगों में से होगा