56. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

56. पृष्ठ
3 · आले-इमरान
وَيُكَلِّمُ النَّاسَ فِي الْمَهْدِ وَكَهْلًا وَمِنَ الصَّالِح۪ينَ46
वह लोगों से पालने में भी बात करेगा और बड़ी आयु को पहुँचकर भी। और वह नेक व्यक्ति होगा। -
قَالَتْ رَبِّ اَنّٰى يَكُونُ ل۪ي وَلَدٌ وَلَمْ يَمْسَسْن۪ي بَشَرٌۜ قَالَ كَذٰلِكِ اللّٰهُ يَخْلُقُ مَا يَشَٓاءُۜ اِذَا قَضٰٓى اَمْرًا فَاِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُنْ فَيَكُونُ47
वह बोली, "मेरे रब! मेरे यहाँ लड़का कहाँ से होगा, जबकि मुझे किसी आदमी ने छुआ तक नहीं?" कहा, "ऐसा ही होगा, अल्लाह जो चाहता है, पैदा करता है। जब वह किसी कार्य का निर्णय करता है तो उसको बस यही कहता है 'हो जा' तो वह हो जाता है
وَيُعَلِّمُهُ الْكِتَابَ وَالْحِكْمَةَ وَالتَّوْرٰيةَ وَالْاِنْج۪يلَۚ48
"और उसको किताब, हिकमत, तौरात और इंजील का भी ज्ञान देगा
وَرَسُولًا اِلٰى بَن۪ٓي اِسْرَٓاء۪يلَ اَنّ۪ي قَدْ جِئْتُكُمْ بِاٰيَةٍ مِنْ رَبِّكُمْۙ اَنّ۪ٓي اَخْلُقُ لَكُمْ مِنَ الطّ۪ينِ كَهَيْـَٔةِ الطَّيْرِ فَاَنْفُخُ ف۪يهِ فَيَكُونُ طَيْرًا بِاِذْنِ اللّٰهِۚ وَاُبْرِئُ الْاَكْمَهَ وَالْاَبْرَصَ وَاُحْيِ الْمَوْتٰى بِاِذْنِ اللّٰهِۚ وَاُنَبِّئُكُمْ بِمَا تَاْكُلُونَ وَمَا تَدَّخِرُونَۙ ف۪ي بُيُوتِكُمْۜ اِنَّ ف۪ي ذٰلِكَ لَاٰيَةً لَكُمْ اِنْ كُنْتُمْ مُؤْمِن۪ينَۚ49
"और उसे इसराईल की संतान की ओर रसूल बनाकर भेजेगा। (वह कहेगा) कि मैं तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से एक निशाली लेकर आया हूँ कि मैं तुम्हारे लिए मिट्टी से पक्षी के रूप जैसी आकृति बनाता हूँ, फिर उसमें फूँक मारता हूँ, तो वह अल्लाह के आदेश से उड़ने लगती है। और मैं अल्लाह के आदेश से अंधे और कोढ़ी को अच्छा कर देता हूँ और मुर्दे को जीवित कर देता हूँ। और मैं तुम्हें बता देता हूँ जो कुछ तुम खाते हो और जो कुछ अपने घरों में इकट्ठा करके रखते हो। निस्संदेह इसमें तुम्हारे लिए एक निशानी है, यदि तुम माननेवाले हो
وَمُصَدِّقًا لِمَا بَيْنَ يَدَيَّ مِنَ التَّوْرٰيةِ وَلِاُحِلَّ لَكُمْ بَعْضَ الَّذ۪ي حُرِّمَ عَلَيْكُمْ وَجِئْتُكُمْ بِاٰيَةٍ مِنْ رَبِّكُمْ فَاتَّقُوا اللّٰهَ وَاَط۪يعُونِ50
"और मैं तौरात की, जो मेरे आगे है, पुष्टि करता हूँ और इसलिए आया हूँ कि तुम्हारे लिए कुछ उन चीज़ों को हलाल कर दूँ जो तुम्हारे लिए हराम थी। और मैं तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से एक निशानी लेकर आया हूँ। अतः अल्लाह का डर रखो और मेरी आज्ञा का पालन करो
اِنَّ اللّٰهَ رَبّ۪ي وَرَبُّكُمْ فَاعْبُدُوهُۜ هٰذَا صِرَاطٌ مُسْتَق۪يمٌ51
"निस्संदेह अल्लाह मेरी भी रब है और तुम्हारा रब भी, अतः तुम उसी की बन्दगी करो। यही सीधा मार्ग है।"
فَلَمَّٓا اَحَسَّ ع۪يسٰى مِنْهُمُ الْكُفْرَ قَالَ مَنْ اَنْصَار۪ٓي اِلَى اللّٰهِۜ قَالَ الْحَوَارِيُّونَ نَحْنُ اَنْصَارُ اللّٰهِۚ اٰمَنَّا بِاللّٰهِۚ وَاشْهَدْ بِاَنَّا مُسْلِمُونَ52
फिर जब ईसा को उनके अविश्वास और इनकार का आभास हुआ तो उसने कहा, "कौन अल्लाह की ओर बढ़ने में मेरा सहायक होता है?" हवारियों (साथियों) ने कहा, "हम अल्लाह के सहायक हैं। हम अल्लाह पर ईमान लाए और गवाह रहिए कि हम मुस्लिम है