599. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
98 · अल-बैय्यिना99 · अज़-ज़लज़ला100 · अल-आदियात
جَزَٓاؤُ۬هُمْ عِنْدَ رَبِّهِمْ جَنَّاتُ عَدْنٍ تَجْر۪ي مِنْ تَحْتِهَا الْاَنْهَارُ خَالِد۪ينَ ف۪يهَٓا اَبَدًاۜ رَضِيَ اللّٰهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا عَنْهُۜ ذٰلِكَ لِمَنْ خَشِيَ رَبَّهُ8
उनका बदला उनके अपने रब के पास सदाबहार बाग़ है, जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी। उनमें वे सदैव रहेंगे। अल्लाह उनसे राज़ी हुआ और वे उससे राज़ी हुए। यह कुछ उसके लिए है, जो अपने रब से डरा
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
اِذَا زُلْزِلَتِ الْاَرْضُ زِلْزَالَهَاۙ1
जब धरती इस प्रकार हिला डाली जाएगी जैसा उसे हिलाया जाना है,
وَاَخْرَجَتِ الْاَرْضُ اَثْقَالَهَاۙ2
और धरती अपने बोझ बाहर निकाल देगी,
وَقَالَ الْاِنْسَانُ مَا لَهَاۚ3
और मनुष्य कहेगा, "उसे क्या हो गया है?"
يَوْمَئِذٍ تُحَدِّثُ اَخْبَارَهَاۙ4
उस दिन वह अपना वृत्तांत सुनाएगी,
بِاَنَّ رَبَّكَ اَوْحٰى لَهَاۜ5
इस कारण कि तुम्हारे रब ने उसे यही संकेत किया होगा
يَوْمَئِذٍ يَصْدُرُ النَّاسُ اَشْتَاتًاۙ لِيُرَوْا اَعْمَالَهُمْۜ6
उस दिन लोग अलग-अलग निकलेंगे, ताकि उन्हें कर्म दिखाए जाएँ
فَمَنْ يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَرَهُۜ7
अतः जो कोई कणभर भी नेकी करेगा, वह उसे देख लेगा,
وَمَنْ يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ شَرًّا يَرَهُ8
और जो कोई कणभर भी बुराई करेगा, वह भी उसे देख लेगा
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
وَالْعَادِيَاتِ ضَبْحًاۙ1
साक्षी है जो हाँफते-फुँकार मारते हुए दौड़ते है,
فَالْمُورِيَاتِ قَدْحًاۙ2
फिर ठोकरों से चिनगारियाँ निकालते है,
فَالْمُغ۪يرَاتِ صُبْحًاۙ3
फिर सुबह सवेरे धावा मारते होते है,
فَاَثَرْنَ بِه۪ نَقْعًاۙ4
उसमें उठाया उन्होंने गर्द-गुबार
فَوَسَطْنَ بِه۪ جَمْعًاۙ5
और इसी हाल में वे दल में जा घुसे
اِنَّ الْاِنْسَانَ لِرَبِّه۪ لَكَنُودٌۚ6
निस्संदेह मनुष्य अपने रब का बड़ा अकृतज्ञ हैं,
وَاِنَّهُ عَلٰى ذٰلِكَ لَشَه۪يدٌۚ7
और निश्चय ही वह स्वयं इसपर गवाह है!
وَاِنَّهُ لِحُبِّ الْخَيْرِ لَشَد۪يدٌۜ8
और निश्चय ही वह धन के मोह में बड़ा दृढ़ है
اَفَلَا يَعْلَمُ اِذَا بُعْثِرَ مَا فِي الْقُبُورِۙ9
तो क्या वह जानता नहीं जब उगवला लिया जाएगा तो क़ब्रों में है