601. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

601. पृष्ठ
103 · अल-अस्र
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
وَالْعَصْرِۙ1
गवाह है गुज़रता समय,
اِنَّ الْاِنْسَانَ لَف۪ي خُسْرٍۙ2
कि वास्तव में मनुष्य घाटे में है,
اِلَّا الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَتَوَاصَوْا بِالْحَقِّ وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِ3
सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक-दूसरे को हक़ की ताकीद की, और एक-दूसरे को धैर्य की ताकीद की
104 · अल-हुमज़ा
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
وَيْلٌ لِكُلِّ هُمَزَةٍ لُمَزَةٍۙ1
तबाही है हर कचो के लगानेवाले, ऐब निकालनेवाले के लिए,
اَلَّذ۪ي جَمَعَ مَالًا وَعَدَّدَهُۙ2
जो माल इकट्ठा करता और उसे गिनता रहा
يَحْسَبُ اَنَّ مَالَهُٓ اَخْلَدَهُۚ3
समझता है कि उसके माल ने उसे अमर कर दिया
كَلَّا لَيُنْبَذَنَّ فِي الْحُطَمَةِۘ4
कदापि नहीं, वह चूर-चूर कर देनेवाली में फेंक दिया जाएगा,
وَمَٓا اَدْرٰيكَ مَا الْحُطَمَةُۜ5
और तुम्हें क्या मालूम कि वह चूर-चूर कर देनेवाली क्या है?
نَارُ اللّٰهِ الْمُوقَدَةُۙ6
वह अल्लाह की दहकाई हुई आग है,
اَلَّت۪ي تَطَّلِعُ عَلَى الْاَفْـِٔدَةِۜ7
जो झाँक लेती है दिलों को
اِنَّهَا عَلَيْهِمْ مُؤْصَدَةٌۙ8
वह उनपर ढाँककर बन्द कर दी गई होगी,
ف۪ي عَمَدٍ مُمَدَّدَةٍ9
लम्बे-लम्बे स्तम्भों में
105 · अल-फ़ील
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
اَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِاَصْحَابِ الْف۪يلِۜ1
क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे रब ने हाथीवालों के साथ कैसा बरताव किया?
اَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ ف۪ي تَضْل۪يلٍۙ2
क्या उसने उनकी चाल को अकारथ नहीं कर दिया?
وَاَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا اَبَاب۪يلَۙ3
और उनपर नियुक्त होने को झुंड के झुंड पक्षी भेजे,
تَرْم۪يهِمْ بِحِجَارَةٍ مِنْ سِجّ۪يلٍۖۙ4
उनपर कंकरीले पत्थर मार रहे थे
فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَاْكُولٍ5
अन्ततः उन्हें ऐसा कर दिया, जैसे खाने का भूसा हो