76. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

76. पृष्ठ
3 · आले-इमरान
فَاسْتَجَابَ لَهُمْ رَبُّهُمْ اَنّ۪ي لَٓا اُض۪يعُ عَمَلَ عَامِلٍ مِنْكُمْ مِنْ ذَكَرٍ اَوْ اُنْثٰىۚ بَعْضُكُمْ مِنْ بَعْضٍۚ فَالَّذ۪ينَ هَاجَرُوا وَاُخْرِجُوا مِنْ دِيَارِهِمْ وَاُو۫ذُوا ف۪ي سَب۪يل۪ي وَقَاتَلُوا وَقُتِلُوا لَاُكَفِّرَنَّ عَنْهُمْ سَيِّـَٔاتِهِمْ وَلَاُدْخِلَنَّهُمْ جَنَّاتٍ تَجْر۪ي مِنْ تَحْتِهَا الْاَنْهَارُۚ ثَوَابًا مِنْ عِنْدِ اللّٰهِۜ وَاللّٰهُ عِنْدَهُ حُسْنُ الثَّوَابِ195
तो उनके रब ने उनकी पुकार सुन ली कि "मैं तुममें से किसी कर्म करनेवाले के कर्म को अकारथ नहीं करूँगा, चाहे वह पुरुष हो या स्त्री। तुम सब आपस में एक-दूसरे से हो। अतः जिन लोगों ने (अल्लाह के मार्ग में) घरबार छोड़ा और अपने घरों से निकाले गए और मेरे मार्ग में सताए गए, और लड़े और मारे गए, मैं उनसे उनकी बुराइयाँ दूर कर दूँगा और उन्हें ऐसे बाग़ों में प्रवेश कराऊँगा जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी।" यह अल्लाह के पास से उनका बदला होगा और सबसे अच्छा बदला अल्लाह ही के पास है
لَا يَغُرَّنَّكَ تَقَلُّبُ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا فِي الْبِلَادِۜ196
बस्तियों में इनकार करनेवालों की चलत-फिरत तुम्हें किसी धोखे में न डाले
مَتَاعٌ قَل۪يلٌ ثُمَّ مَاْوٰيهُمْ جَهَنَّمُۜ وَبِئْسَ الْمِهَادُ197
यह तो थोड़ी सुख-सामग्री है फिर तो उनका ठिकाना जहन्नम है, और वह बहुत ही बुरा ठिकाना है
لٰكِنِ الَّذ۪ينَ اتَّقَوْا رَبَّهُمْ لَهُمْ جَنَّاتٌ تَجْر۪ي مِنْ تَحْتِهَا الْاَنْهَارُ خَالِد۪ينَ ف۪يهَا نُزُلًا مِنْ عِنْدِ اللّٰهِۜ وَمَا عِنْدَ اللّٰهِ خَيْرٌ لِلْاَبْرَارِ198
किन्तु जो लोग अपने रब से डरते रहे उनके लिए ऐसे बाग़ होंगे जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी। वे उसमें सदैव रहेंगे। यह अल्लाह की ओर से पहला आतिथ्य-सत्कार होगा और जो कुछ अल्लाह के पास है वह नेक और वफ़ादार लोगों के लिए सबसे अच्छा है
وَاِنَّ مِنْ اَهْلِ الْكِتَابِ لَمَنْ يُؤْمِنُ بِاللّٰهِ وَمَٓا اُنْزِلَ اِلَيْكُمْ وَمَٓا اُنْزِلَ اِلَيْهِمْ خَاشِع۪ينَ لِلّٰهِۙ لَا يَشْتَرُونَ بِاٰيَاتِ اللّٰهِ ثَمَنًا قَل۪يلًاۜ اُو۬لٰٓئِكَ لَهُمْ اَجْرُهُمْ عِنْدَ رَبِّهِمْۜ اِنَّ اللّٰهَ سَر۪يعُ الْحِسَابِ199
और किताबवालों में से कुछ ऐसे भी है, जो इस हाल में कि उनके दिल अल्लाह के आगे झुके हुए होते है, अल्लाह पर ईमान रखते है और उस चीज़ पर भी जो तुम्हारी ओर उतारी गई है, और उस चीज़ पर भी जो स्वयं उनकी ओर उतरी। वे अल्लाह की आयतों का 'तुच्छ मूल्य पर सौदा' नहीं करते, उनके लिए उनके रब के पास उनका प्रतिदान है। अल्लाह हिसाब भी जल्द ही कर देगा
يَٓا اَيُّهَا الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا اصْبِرُوا وَصَابِرُوا وَرَابِطُوا وَاتَّقُوا اللّٰهَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ200
ऐ ईमान लानेवालो! धैर्य से काम लो और (मुक़ाबले में) बढ़-चढ़कर धैर्य दिखाओ और जुटे और डटे रहो और अल्लाह से डरते रहो, ताकि तुम सफल हो सको