81. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

81. पृष्ठ
4 · अन-निसा
وَاِنْ اَرَدْتُمُ اسْتِبْدَالَ زَوْجٍ مَكَانَ زَوْجٍۙ وَاٰتَيْتُمْ اِحْدٰيهُنَّ قِنْطَارًا فَلَا تَاْخُذُوا مِنْهُ شَيْـًٔاۜ اَتَاْخُذُونَهُ بُهْتَانًا وَاِثْمًا مُب۪ينًا20
और यदि तुम एक पत्ऩी की जगह दूसरी पत्ऩी लाना चाहो तो, चाहे तुमने उनमें किसी को ढेरों माल दे दिया हो, उसमें से कुछ मत लेना। क्या तुम उसपर झूठा आरोप लगाकर और खुले रूप में हक़ मारकर उसे लोगे?
وَكَيْفَ تَاْخُذُونَهُ وَقَدْ اَفْضٰى بَعْضُكُمْ اِلٰى بَعْضٍ وَاَخَذْنَ مِنْكُمْ م۪يثَاقًا غَل۪يظًا21
और तुम उसे किस तरह ले सकते हो, जबकि तुम एक-दूसरे से मिल चुके हो और वे तुमसे दृढ़ प्रतिज्ञा भी ले चुकी है?
وَلَا تَنْكِحُوا مَا نَكَحَ اٰبَٓاؤُ۬كُمْ مِنَ النِّسَٓاءِ اِلَّا مَا قَدْ سَلَفَۜ اِنَّهُ كَانَ فَاحِشَةً وَمَقْتًاۜ وَسَٓاءَ سَب۪يلًا۟22
और उन स्त्रियों से विवाह न करो, जिनसे तुम्हारे बाप विवाह कर चुके हों, परन्तु जो पहले हो चुका सो हो चुका। निस्संदेह यह एक अश्लील और अत्यन्त अप्रिय कर्म है, और बुरी रीति है
حُرِّمَتْ عَلَيْكُمْ اُمَّهَاتُكُمْ وَبَنَاتُكُمْ وَاَخَوَاتُكُمْ وَعَمَّاتُكُمْ وَخَالَاتُكُمْ وَبَنَاتُ الْاَخِ وَبَنَاتُ الْاُخْتِ وَاُمَّهَاتُكُمُ الّٰت۪ٓي اَرْضَعْنَكُمْ وَاَخَوَاتُكُمْ مِنَ الرَّضَاعَةِ وَاُمَّهَاتُ نِسَٓائِكُمْ وَرَبَٓائِبُكُمُ الّٰت۪ي ف۪ي حُجُورِكُمْ مِنْ نِسَٓائِكُمُ الّٰت۪ي دَخَلْتُمْ بِهِنَّۘ فَاِنْ لَمْ تَكُونُوا دَخَلْتُمْ بِهِنَّ فَلَا جُنَاحَ عَلَيْكُمْۘ وَحَلَٓائِلُ اَبْنَٓائِكُمُ الَّذ۪ينَ مِنْ اَصْلَابِكُمْۙ وَاَنْ تَجْمَعُوا بَيْنَ الْاُخْتَيْنِ اِلَّا مَا قَدْ سَلَفَۜ اِنَّ اللّٰهَ كَانَ غَفُورًا رَح۪يمًاۙ23
तुम्हारे लिए हराम है तुम्हारी माएँ, बेटियाँ, बहनें, फूफियाँ, मौसियाँ, भतीतियाँ, भाँजिया, और तुम्हारी वे माएँ जिन्होंने तुम्हें दूध पिलाया हो और दूध के रिश्ते से तुम्हारी बहनें और तुम्हारी सासें और तुम्हारी पत्ऩियों की बेटियाँ जिनसे तुम सम्भोग कर चुक हो। परन्तु यदि सम्भोग नहीं किया है तो इसमें तुमपर कोई गुनाह नहीं - और तुम्हारे उन बेटों की पत्ऩियाँ जो तुमसे पैदा हों और यह भी कि तुम दो बहनों को इकट्ठा करो; जो पहले जो हो चुका सो हो चुका। निश्चय ही अल्लाह अत्यन्त क्षमाशील, दयावान है