93. पृष्ठ - कुरान पढ़ें
4 · अन-निसा
وَمَا كَانَ لِمُؤْمِنٍ اَنْ يَقْتُلَ مُؤْمِنًا اِلَّا خَطَـًٔاۚ وَمَنْ قَتَلَ مُؤْمِنًا خَطَـًٔا فَتَحْر۪يرُ رَقَبَةٍ مُؤْمِنَةٍ وَدِيَةٌ مُسَلَّمَةٌ اِلٰٓى اَهْلِه۪ٓ اِلَّٓا اَنْ يَصَّدَّقُواۜ فَاِنْ كَانَ مِنْ قَوْمٍ عَدُوٍّ لَكُمْ وَهُوَ مُؤْمِنٌ فَتَحْر۪يرُ رَقَبَةٍ مُؤْمِنَةٍۜ وَاِنْ كَانَ مِنْ قَوْمٍ بَيْنَكُمْ وَبَيْنَهُمْ م۪يثَاقٌ فَدِيَةٌ مُسَلَّمَةٌ اِلٰٓى اَهْلِه۪ وَتَحْر۪يرُ رَقَبَةٍ مُؤْمِنَةٍۚ فَمَنْ لَمْ يَجِدْ فَصِيَامُ شَهْرَيْنِ مُتَتَابِعَيْنِۘ تَوْبَةً مِنَ اللّٰهِۜ وَكَانَ اللّٰهُ عَل۪يمًا حَك۪يمًا92
किसी ईमानवाले का यह काम नहीं कि वह किसी ईमानवाले का हत्या करे, भूल-चूक की बात और है। और यदि कोई क्यक्ति यदि ग़लती से किसी ईमानवाले की हत्या कर दे, तो एक मोमिन ग़ुलाम को आज़ाद करना होगा और अर्थदंड उस (मारे गए क्यक्ति) के घरवालों को सौंपा जाए। यह और बात है कि वे अपनी ख़ुशी से छोड़ दें। और यदि वह उन लोगों में से हो, जो तुम्हारे शत्रु हों और वह (मारा जानेवाला) स्वयं मोमिन रहा तो एक मोमिन को ग़ुलामी से आज़ाद करना होगा। और यदि वह उन लोगों में से हो कि तुम्हारे और उनके बीच कोई संधि और समझौता हो, तो अर्थदंड उसके घरवालों को सौंपा जाए और एक मोमिन को ग़ुलामी से आज़ाद करना होगा। लेकिन जो (ग़ुलाम) न पाए तो वह निरन्तर दो मास के रोज़े रखे। यह अल्लाह की ओर से निश्चित किया हुआ उसकी तरफ़ पलट आने का तरीक़ा है। अल्लाह तो सब कुछ जाननेवाला, तत्वदर्शी है
وَمَنْ يَقْتُلْ مُؤْمِنًا مُتَعَمِّدًا فَجَزَٓاؤُ۬هُ جَهَنَّمُ خَالِدًا ف۪يهَا وَغَضِبَ اللّٰهُ عَلَيْهِ وَلَعَنَهُ وَاَعَدَّ لَهُ عَذَابًا عَظ۪يمًا93
और जो व्यक्ति जान-बूझकर किसी मोमिन की हत्या करे, तो उसका बदला जहन्नम है, जिसमें वह सदा रहेगा; उसपर अल्लाह का प्रकोप और उसकी फिटकार है और उसके लिए अल्लाह ने बड़ी यातना तैयार कर रखी है
يَٓا اَيُّهَا الَّذ۪ينَ اٰمَنُٓوا اِذَا ضَرَبْتُمْ ف۪ي سَب۪يلِ اللّٰهِ فَتَبَيَّنُوا وَلَا تَقُولُوا لِمَنْ اَلْقٰٓى اِلَيْكُمُ السَّلَامَ لَسْتَ مُؤْمِنًاۚ تَبْتَغُونَ عَرَضَ الْحَيٰوةِ الدُّنْيَاۘ فَعِنْدَ اللّٰهِ مَغَانِمُ كَث۪يرَةٌۜ كَذٰلِكَ كُنْتُمْ مِنْ قَبْلُ فَمَنَّ اللّٰهُ عَلَيْكُمْ فَتَبَيَّنُواۜ اِنَّ اللّٰهَ كَانَ بِمَا تَعْمَلُونَ خَب۪يرًا94
ऐ ईमान लानेवालो! जब तुम अल्लाह के मार्ग से निकलो तो अच्छी तरह पता लगा लो और जो तुम्हें सलाम करे, उससे यह न कहो कि तुम ईमान नहीं रखते, और इससे तुम्हारा ध्येय यह हो कि सांसारिक जीवन का माल प्राप्त करो। अल्लाह ने तुमपर उपकार किया, जो अच्छी तरह पता लगा लिया करो। जो कुछ तुम करते हो अल्लाह उसकी पूरी ख़बर रखता है