अल-इन्शिराह - कुरान पढ़ें
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
اَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَۙ1
क्या ऐसा नहीं कि हमने तुम्हारा सीना तुम्हारे लिए खोल दिया?
وَوَضَعْنَا عَنْكَ وِزْرَكَۙ2
और तुमपर से तुम्हारा बोझ उतार दिया,
اَلَّذ۪ٓي اَنْقَضَ ظَهْرَكَۙ3
जो तुम्हारी कमर तोड़े डाल रहा था?
وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَۜ4
और तुम्हारे लिए तुम्हारे ज़िक्र को ऊँचा कर दिया?
فَاِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًاۙ5
अतः निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है
اِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًاۜ6
निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है
فَاِذَا فَرَغْتَ فَانْصَبْۙ7
अतः जब निवृत हो तो परिश्रम में लग जाओ,
وَاِلٰى رَبِّكَ فَارْغَبْ8
और अपने रब से लौ लगाओ