अत-तिन - कुरान पढ़ें

95अत-तिन
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ
وَالتّ۪ينِ وَالزَّيْتُونِۙ1
साक्षी है तीन और ज़ैतून
وَطُورِ س۪ين۪ينَۙ2
और तूर सीनीन,
وَهٰذَا الْبَلَدِ الْاَم۪ينِۙ3
और यह शान्तिपूर्ण भूमि (मक्का)
لَقَدْ خَلَقْنَا الْاِنْسَانَ ف۪ٓي اَحْسَنِ تَقْو۪يمٍۘ4
निस्संदेह हमने मनुष्य को सर्वोत्तम संरचना के साथ पैदा किया
ثُمَّ رَدَدْنَاهُ اَسْفَلَ سَافِل۪ينَۙ5
फिर हमने उसे निकृष्टतम दशा की ओर लौटा दिया, जबकि वह स्वयं गिरनेवाला बना
اِلَّا الَّذ۪ينَ اٰمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَلَهُمْ اَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۜ6
सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और जिन्होंने अच्छे कर्म किए, तो उनके लिए कभी न समाप्त होनेवाला बदला है
فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدّ۪ينِۜ7
अब इसके बाद क्या है, जो बदले के विषय में तुम्हें झुठलाए?
اَلَيْسَ اللّٰهُ بِاَحْكَمِ الْحَاكِم۪ينَ8
क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं हैं?