अल-इख़लास · 112:1

قُلْ هُوَ اللّٰهُ اَحَدٌۚ

कहो, "वह अल्लाह यकता है,

قُلْ
क़ुल

रंगीन अक्षर मूल (धातु) हैं — अर्थ का केंद्र। बाक़ी उपसर्ग, स्वर-चिह्न और साँचा हैं। इन्हें पहचानना सीख लें तो किसी अनजान शब्द में भी मूल ढूँढ़ सकते हैं।

अर्थ
कह दो
शब्द-भेद
क्रिया (فعل)
मूल (धातु)
ق و ل
मूल का अर्थ
कहना, बोलना। قَالَ (कहा), قَوْل (कथन), قُلْ (कह)।
शब्दकोश रूप
قَالَ
क्रिया रूप (बाब)
पहला बाब (فَعَلَ)
काल
आज्ञा
वाच्य
कर्तृवाच्य
वृत्ति (भाव)
आज्ञार्थ
पुरुष
तू (पुरुष, एकवचन)
वाक्य में भूमिका
आज्ञा — पैग़म्बर से कहा जा रहा है
कारक (स्थिति)
आज्ञार्थ (अंत सुकून/शांत)
व्याकरण
‘कह, बता’ के अर्थ में आज्ञा। किससे कहा जा रहा है (तू, यानी पैग़म्बर) यह क्रिया के साँचे से ही स्पष्ट है। मूल का बीच वाला ‘و’ (क़वल) आज्ञा में गिर जाता है और शब्द छोटा हो जाता है: क़ुल।
क्रिया रूप

वर्तमान में उपसर्ग कर्ता दर्शाता है (मैं/हम/तू/वह)।